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Palwal News: निर्माणाधीन टनल धंसने के मामले में कंपनी ने विशेषज्ञों के बुलाया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2026 12:10 AM IST
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company has called in experts regarding collapse of tunnel
संवाद न्यूज एजेंसी
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तावडू। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर में उपमंडल के गांव पाटुका में टनल निर्माण के दौरान रविवार रात 20 मीटर में मिट्टी धंसने के मामले में कंपनी ने टनल के विशेषज्ञ डिजाइनरों की टीम को तलब किया है। वहीं, ग्रामीणों ने निर्माण कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए डीसी और पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। कंपनी पर पहले भी लापरवाही और अनियमितता के आरोप लग चुके हैं। निर्माण कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, जिस जगह पर जमीन धंसी है, वहां टनल में मिट्टी की खुदाई खत्म होती है और चट्टान की खुदाई शुरू होती है। आशंका जताई जा रही है कि जहां मिट्टी और पहाड़ का टकराव होता है, वहां कोई लूज पॉकेट रहा होगा, जिस कारण अचानक मिट्टी धंस गई।
कंपनी अधिकारियों का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक उस हिस्से में बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोकने की योजना है, हालांकि ग्रामीणों के विरोध के कारण अभी बैरिकेडिंग नहीं हो पाई है। विशेषज्ञों की टीम अभी मौके पर नहीं पहुंची है।
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जांच में शामिल नहीं हुई कंपनी
परियोजना में कंपनी पर पहले से आरोप लगते आए हैं। आरोप है कि कंपनी ने निर्माण कार्य के लिए गांव धुलावट और सहसौला में आबादी क्षेत्र के बिल्कुल नजदीक दो रेडी मिक्स कंक्रीट प्लांट अवैध रूप से स्थापित कर दिए हैं। इन प्लांटों को लगाने के लिए हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी तक नहीं ली गई, साथ ही अप्रोच रोड, आबादी से दूरी और पर्यावरण मानकों का भी जबरदस्त उल्लंघन किया गया है। इस पूरे मामले की शिकायत जिला पार्षद हैदर अली ने उपायुक्त नूंह को थी। सबसे गंभीर आरोप जिला नगर योजनाकार अधिकारी नूंह पर लगाए गए थे। आरोप है कि फील्ड स्टाफ की रिपोर्ट आरएमसी प्लांट के खिलाफ होने के बावजूद डीटीपी ने एनओसी की सिफारिश कर दी। पार्षद की शिकायत पर उपायुक्त ने 27 अगस्त को एसडीएम जितेंद्र कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया था। इसके बाद उन्होंने 3 सितंबर को नोटिस जारी किया। नोटिस में डीटीपी नूंह, तहसीलदार तावडू, क्षेत्रीय अधिकारी हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मैनेजर, आरएमसी प्लांट धुलावट को 7 सितंबर को सभी रिकॉर्ड सहित पेश होने के निर्देश दिए गए थे। एसडीएम का कहना है कि जांच के लिए कंपनी के पदाधिकारियों सहित सभी संबंधित अधिकारियों को तलब किया गया था, लेकिन कंपनी का कोई भी प्रतिनिधि जांच में शामिल नहीं हुआ। कंपनी को अब तक दो बार नोटिस भेजा जा चुका है। यदि तीसरी बार भी कंपनी जांच में शामिल नहीं हुई तो उसके विरुद्ध एकतरफा कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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