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Palwal News: बारिश से शहर जलमग्न, सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल
Wed, 03 Sep 2025 10:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Wed, 03 Sep 2025 10:47 PM IST
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होडल। उपमंडल में बुधवार को हुई रुक-रुककर झमाझम बारिश ने नगर परिषद की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। बारिश का पानी बाजारों और कॉलोनियों में घरों तक पहुंच गया जिससे लोग परेशान हो उठे। सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो साझा किए जा रहे हैं और नागरिक पानी निकासी की ठोस व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
लोगों का आरोप है कि नालियों और ड्रेनों की सफाई के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च दिखाए जाते हैं, लेकिन थोड़ी-सी बारिश में ही शहर जलभराव की समस्या से जूझने लगता है। नालियां कीचड़ और गंदगी से भरी पड़ी हैं, वहीं सीवरेज व्यवस्था लंबे समय से ठप है।
बुधवार की तेज बरसात के बाद अनाज मंडी, सब्जी मंडी, नगर परिषद कार्यालय, खंड विकास कार्यालय, रेलवे रोड, पुन्हाना चौक, राजकीय विद्यालय के सामने और नानक डेरी रोड सहित कई इलाकों में घंटों तक पानी भरा रहा। राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस रोड पर भी हालात खराब रहे। लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारी संवेदनहीन हो चुके हैं और उन्हें जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है।
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नागरिकों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद अधिकारियों की मिलीभगत से जोहड़ों पर अवैध अतिक्रमण हो चुका है, जबकि सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है। लोगों का कहना है कि बरसात से पहले विभाग की ओर से कोई तैयारी नहीं की जाती। सोशल मीडिया पर अब अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
लोगों के अनुसार, शहर में बरसात के दौरान जलभराव कोई नई समस्या नहीं है, लेकिन प्रशासन ठोस योजना बनाने में विफल रहा है। अधिकारी केवल दावे करते हैं, जबकि हकीकत यह है कि शहर हर साल जलमग्न हो जाता है।
बरसात के बाद सड़कों पर बने गहरे गड्ढे, क्षतिग्रस्त सीवर मैनहोल और ढक्कन खतरे को और बढ़ा देते हैं। इससे स्कूली बच्चों और दुपहिया चालकों की जान पर बन आती है। जनस्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद के बीच तालमेल की कमी का सीधा खामियाजा जनता भुगत रही है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पानी निकासी की समस्या जस की तस बनी हुई है।
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लोगों का आरोप है कि नालियों और ड्रेनों की सफाई के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च दिखाए जाते हैं, लेकिन थोड़ी-सी बारिश में ही शहर जलभराव की समस्या से जूझने लगता है। नालियां कीचड़ और गंदगी से भरी पड़ी हैं, वहीं सीवरेज व्यवस्था लंबे समय से ठप है।
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बुधवार की तेज बरसात के बाद अनाज मंडी, सब्जी मंडी, नगर परिषद कार्यालय, खंड विकास कार्यालय, रेलवे रोड, पुन्हाना चौक, राजकीय विद्यालय के सामने और नानक डेरी रोड सहित कई इलाकों में घंटों तक पानी भरा रहा। राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस रोड पर भी हालात खराब रहे। लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारी संवेदनहीन हो चुके हैं और उन्हें जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है।
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नागरिकों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद अधिकारियों की मिलीभगत से जोहड़ों पर अवैध अतिक्रमण हो चुका है, जबकि सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है। लोगों का कहना है कि बरसात से पहले विभाग की ओर से कोई तैयारी नहीं की जाती। सोशल मीडिया पर अब अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
लोगों के अनुसार, शहर में बरसात के दौरान जलभराव कोई नई समस्या नहीं है, लेकिन प्रशासन ठोस योजना बनाने में विफल रहा है। अधिकारी केवल दावे करते हैं, जबकि हकीकत यह है कि शहर हर साल जलमग्न हो जाता है।
बरसात के बाद सड़कों पर बने गहरे गड्ढे, क्षतिग्रस्त सीवर मैनहोल और ढक्कन खतरे को और बढ़ा देते हैं। इससे स्कूली बच्चों और दुपहिया चालकों की जान पर बन आती है। जनस्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद के बीच तालमेल की कमी का सीधा खामियाजा जनता भुगत रही है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पानी निकासी की समस्या जस की तस बनी हुई है।