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Palwal News: पानी निकासी का इंतजाम नहीं होने से डूबा शहर
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-नाले व नालियां तो बना दीं लेकिन उनके पानी को आगे कहां डाला जाए, इसका इंतजाम नहीं
-योजना बनी गोछी ड्रेन में शहर के पानी को डालने की, लेकिन फाइलों में दबकर रह गई
-न प्रशासन का ध्यान न नगर परिषद का, राजमार्ग प्राधिकरण भी शहर में डुबाने में नहीं छोड़ रहा कोई कसर
अनूप पाराशर
पलवल। कहने को तो पलवल नगर परिषद की एक श्रेणी है लेकिन शहर के हालात देखे जाएं तो कोई इसे किसी भी श्रेणी में नहीं रखेगा। हरियाणा गठन के बाद से लेकर आज तक शहर में पानी निकासी के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। मामूली बरसात के बाद ही शहर पूरी तरह से पानी में डूब जाता है। प्रशासन ने शहर में बरसाती पानी व घरों के पानी की निकासी के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर नाले व नालियां तो बना दिए लेकिन उन नालों के पानी को आगे कहां डाला जाए, इसका इंतजाम नगर परिषद के पास नहीं है। इस समस्या के समाधान के लिए आज तक न तो कोई काम किया गया है और न ही इस पर कोई योजना बनाई गई है। हालांकि पांच साल पहले इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए तत्कालीन उपायुक्त द्वारा बनाई गई योजना भी आज तक सिरे नहीं चढ़ पाई। ऐसे में शहर के लोग बारिश होते ही जलभराव की समस्या से परेशान हो जाते हैं।
केवल नगर परिषद व प्रशासन ही नहीं राजमार्ग प्राधिकरण की अनदेखी के चलते भी पलवल शहर बरसात होते ही पानी में डूब जाता है। दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर भी बारिश के पानी की निकासी के लिए जो नाला बनाया हुआ था, उसे भी आगे कहां डाला जाए, इसकी भी योजना राजमार्ग प्राधिकरण नहीं बना पाया है। इसके चलते हालात ये रहते हैं कि थोड़ी बहुत बारिश होते ही राजमार्ग के नालों का पानी सड़कों पर आ जाता है और वह सारा शहर के अंदर गलियों व सड़कों पर भर जाता है। इनके अलावा जो मुख्य समस्या है वह नालों की पूरी तरह से सफाई न होना भी है।
गोछी ड्रेन में शहर के सभी नालों को जोड़ने की बनाई गई थी योजना
तत्कालीन उपायुक्त डॉ. मनीराम शर्मा की ओर से पांच साल पहले 2019 में शहर के सभी नालों को व राजमार्ग के नाले को आपस में जोड़ते हुए गोछी ड्रेन से जोड़ने व नालों को पक्का करते हुए ड्रेन तक सफाई करने की योजना बनाई थी। इसके लिए उनके द्वारा इस कार्य के लिए करीब दो करोड़ रुपये का एस्टीमेट भी बनवाया था लेकिन उनके तबादले के बाद इस तरफ किसी ने ध्यान ही नहीं दिया। इसके बाद से लेकर आज तक इस पर कोई काम नहीं हुआ। काम करना तो दूर किसी ने उस फाइल को उठाकर भी नहीं देखा।
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राजमार्ग पर नालों की स्थिति बेहतर नहीं
लोगों का आरोप है कि राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से राजमार्ग पर बनाया गया नाला बेहतर स्थिति में नहीं है। यदि जांच कराई जाए तो बीच-बीच में नाला ही नहीं है, केवल जमीन पर दोनों तरफ दीवारें खड़ी कर ऊपर पत्थर से पाट दिया गया है।
शहर के अंदर जलभराव की समस्या को दूर कराने के लिए नगर परिषद व प्रशासन को समस्या की जड़ तक जाना चाहिए। रिहायशी क्षेत्र की नालियों को नालों से जोड़ते हुए गोछी ड्रेन में शहर का सारा पानी छोड़ना चाहिए। बारिश के पानी के स्रोत भी नालों से जोड़ते हुए गोछी ड्रेन में डालने चाहिए, ताकि पानी शहर में न भरकर नालों से होते हुए गोछी ड्रेन में पहुंचे। -कृष्ण ठाकुर, पूर्व पार्षद
नगर परिषद को पहले कच्चे नालों को पक्का कराना चाहिए। इसके अलावा शहर के अंदर से गुजरने वाले भंगूरी राजवाले व सभी नालों के पानी को गोछी ड्रेन में छोड़ना चाहिए। उनकी समय-समय पर सफाई करानी चाहिए, ताकि पानी ठीक से जाता रहे। इसके अलावा नालों के ऊपर बने चबूतरों को हटवाना चाहिए, ताकि समय-समय पर सफाई हो सके और पानी आगे जा सके। तभी जलभराव की समस्या दूर हो सकती है।-केशव देव मुंजाल, पूर्व चेयरमैन नगर परिषद पलवल
शहर में जलभराव की समस्या को दूर कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ताकि आगे से बारिश होने पर कहीं भी जलभराव न हो। वहीं, जहां से भी समस्या है, उसे दूर करने के प्रयास किए जाएंगे कि शहर का सारा पानी बाहर आगे जा सके और शहर में जलभराव न हो। -डॉ. यशपाल चेयरमैन नगर परिषद पलवल
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-योजना बनी गोछी ड्रेन में शहर के पानी को डालने की, लेकिन फाइलों में दबकर रह गई
-न प्रशासन का ध्यान न नगर परिषद का, राजमार्ग प्राधिकरण भी शहर में डुबाने में नहीं छोड़ रहा कोई कसर
अनूप पाराशर
पलवल। कहने को तो पलवल नगर परिषद की एक श्रेणी है लेकिन शहर के हालात देखे जाएं तो कोई इसे किसी भी श्रेणी में नहीं रखेगा। हरियाणा गठन के बाद से लेकर आज तक शहर में पानी निकासी के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। मामूली बरसात के बाद ही शहर पूरी तरह से पानी में डूब जाता है। प्रशासन ने शहर में बरसाती पानी व घरों के पानी की निकासी के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर नाले व नालियां तो बना दिए लेकिन उन नालों के पानी को आगे कहां डाला जाए, इसका इंतजाम नगर परिषद के पास नहीं है। इस समस्या के समाधान के लिए आज तक न तो कोई काम किया गया है और न ही इस पर कोई योजना बनाई गई है। हालांकि पांच साल पहले इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए तत्कालीन उपायुक्त द्वारा बनाई गई योजना भी आज तक सिरे नहीं चढ़ पाई। ऐसे में शहर के लोग बारिश होते ही जलभराव की समस्या से परेशान हो जाते हैं।
केवल नगर परिषद व प्रशासन ही नहीं राजमार्ग प्राधिकरण की अनदेखी के चलते भी पलवल शहर बरसात होते ही पानी में डूब जाता है। दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर भी बारिश के पानी की निकासी के लिए जो नाला बनाया हुआ था, उसे भी आगे कहां डाला जाए, इसकी भी योजना राजमार्ग प्राधिकरण नहीं बना पाया है। इसके चलते हालात ये रहते हैं कि थोड़ी बहुत बारिश होते ही राजमार्ग के नालों का पानी सड़कों पर आ जाता है और वह सारा शहर के अंदर गलियों व सड़कों पर भर जाता है। इनके अलावा जो मुख्य समस्या है वह नालों की पूरी तरह से सफाई न होना भी है।
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गोछी ड्रेन में शहर के सभी नालों को जोड़ने की बनाई गई थी योजना
तत्कालीन उपायुक्त डॉ. मनीराम शर्मा की ओर से पांच साल पहले 2019 में शहर के सभी नालों को व राजमार्ग के नाले को आपस में जोड़ते हुए गोछी ड्रेन से जोड़ने व नालों को पक्का करते हुए ड्रेन तक सफाई करने की योजना बनाई थी। इसके लिए उनके द्वारा इस कार्य के लिए करीब दो करोड़ रुपये का एस्टीमेट भी बनवाया था लेकिन उनके तबादले के बाद इस तरफ किसी ने ध्यान ही नहीं दिया। इसके बाद से लेकर आज तक इस पर कोई काम नहीं हुआ। काम करना तो दूर किसी ने उस फाइल को उठाकर भी नहीं देखा।
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राजमार्ग पर नालों की स्थिति बेहतर नहीं
लोगों का आरोप है कि राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से राजमार्ग पर बनाया गया नाला बेहतर स्थिति में नहीं है। यदि जांच कराई जाए तो बीच-बीच में नाला ही नहीं है, केवल जमीन पर दोनों तरफ दीवारें खड़ी कर ऊपर पत्थर से पाट दिया गया है।
शहर के अंदर जलभराव की समस्या को दूर कराने के लिए नगर परिषद व प्रशासन को समस्या की जड़ तक जाना चाहिए। रिहायशी क्षेत्र की नालियों को नालों से जोड़ते हुए गोछी ड्रेन में शहर का सारा पानी छोड़ना चाहिए। बारिश के पानी के स्रोत भी नालों से जोड़ते हुए गोछी ड्रेन में डालने चाहिए, ताकि पानी शहर में न भरकर नालों से होते हुए गोछी ड्रेन में पहुंचे। -कृष्ण ठाकुर, पूर्व पार्षद
नगर परिषद को पहले कच्चे नालों को पक्का कराना चाहिए। इसके अलावा शहर के अंदर से गुजरने वाले भंगूरी राजवाले व सभी नालों के पानी को गोछी ड्रेन में छोड़ना चाहिए। उनकी समय-समय पर सफाई करानी चाहिए, ताकि पानी ठीक से जाता रहे। इसके अलावा नालों के ऊपर बने चबूतरों को हटवाना चाहिए, ताकि समय-समय पर सफाई हो सके और पानी आगे जा सके। तभी जलभराव की समस्या दूर हो सकती है।-केशव देव मुंजाल, पूर्व चेयरमैन नगर परिषद पलवल
शहर में जलभराव की समस्या को दूर कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ताकि आगे से बारिश होने पर कहीं भी जलभराव न हो। वहीं, जहां से भी समस्या है, उसे दूर करने के प्रयास किए जाएंगे कि शहर का सारा पानी बाहर आगे जा सके और शहर में जलभराव न हो। -डॉ. यशपाल चेयरमैन नगर परिषद पलवल