{"_id":"61c4b7ea5a056c763005d5ed","slug":"burning-bonfire-increasing-pollution-palwal-news-noi6230668164","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल रहे अलाव, बढ़ रहा प्रदूषण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल रहे अलाव, बढ़ रहा प्रदूषण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पलवल। जिले में सर्दी बढ़ने के साथ ही प्रदूषण का स्तर भी बढ़ गया है। पिछले एक सप्ताह से सर्दी बढ़ने के साथ ही लोगों द्वारा सड़कों तथा दुकानों के बाहर जलाए जा रहे अलाव के कारण प्रदूषण का स्तर बृहस्पतिवार को एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। एक तरफ जिले में चल रहे निर्माण कार्यों से उड़ती धूल तो दूसरी तरफ आग लगाने से निकलने वाले धुएं ने प्रदूषण का स्तर बढ़ाया है। इससे अस्थमा या टीबी के रोगियों की परेशानी बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने तो गाइड लाइन जारी कर लोगों से आग से निकलने वाले धुआं व धूल से बचाव रखने की सलाह दी है। इतना ही नहीं सांस उखड़ने या एलर्जी मरीजों को भी चिकित्सकों ने मुंह पर मास्क लगाकर चलने की सलाह दी। पलवल में बृहस्पतिवार को प्रदूषण का स्तर 239 नोट किया गया। हालांकि पीएम 10 अधिकतम 425 नोट किया गया। पीएम 25 का स्तर अधिकतम 124 और औसतन 74 था। पीएम-10 का स्तर लगातार बढ़ने से एलर्जी या दमे के मरीजों को बेहद परेशानी हो रही है। सामान्य लोगों में भी गले व आंख की समस्या बढ़ती जा रही है। बृहस्पतिवार को जिला नागरिक अस्पताल में सांस व आंखों के करीब 150 मरीजों की जांच की गई।
लोग ठंड से बचने को जला रहे अलाव
जिले में सर्दी बढ़ने के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। इसका कारण लोगों द्वारा ठंड से बचने के लिए जलाया जा रहा अलाव है। लोग दुकानों के सामने और सड़कों के किनारे एकत्रित होकर कोयला व लकड़ियां जलाकर अलाव लगा लेते हैं। कई बार उस अलाव के अंदर पॉलीथिन तक डाल देते हैं। जिससे जहरीला धुआं अधिक निकलने लगता है और आसपास के वातावरण को बेहद प्रदूषित कर देता है।
निर्माण सामग्री से उड़ रही धूल
वहीं एलीवेटिड पुल निर्माण तथा जिले में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण इतनी अधिक धूल उड़ रही है कि लोगों का निकलना तक मुश्किल हो गया है। धूल के कारण भी लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है।
विज्ञापन
इस मौसम में अपना बचाव करें। एक तो सर्दी ऊपर से प्रदूषण। ऐसे में सांस उखड़ने के मरीजों को खासकर बचकर रहना चाहिए। घरों के बाहर आग जलाकर न बैठें। आग से निकलने वाला धुआं जहरीला होता है। वह सांस के द्वारा फेफड़ों में पहुंचकर नुकसान पहुंचाता है। उससे बचकर रहें तथा हलकी भी सी भी गले में तथा सांस लेने में दिक्कत होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
- डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन
विज्ञापन
लोग ठंड से बचने को जला रहे अलाव
जिले में सर्दी बढ़ने के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। इसका कारण लोगों द्वारा ठंड से बचने के लिए जलाया जा रहा अलाव है। लोग दुकानों के सामने और सड़कों के किनारे एकत्रित होकर कोयला व लकड़ियां जलाकर अलाव लगा लेते हैं। कई बार उस अलाव के अंदर पॉलीथिन तक डाल देते हैं। जिससे जहरीला धुआं अधिक निकलने लगता है और आसपास के वातावरण को बेहद प्रदूषित कर देता है।
विज्ञापन
निर्माण सामग्री से उड़ रही धूल
वहीं एलीवेटिड पुल निर्माण तथा जिले में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण इतनी अधिक धूल उड़ रही है कि लोगों का निकलना तक मुश्किल हो गया है। धूल के कारण भी लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है।
विज्ञापन
इस मौसम में अपना बचाव करें। एक तो सर्दी ऊपर से प्रदूषण। ऐसे में सांस उखड़ने के मरीजों को खासकर बचकर रहना चाहिए। घरों के बाहर आग जलाकर न बैठें। आग से निकलने वाला धुआं जहरीला होता है। वह सांस के द्वारा फेफड़ों में पहुंचकर नुकसान पहुंचाता है। उससे बचकर रहें तथा हलकी भी सी भी गले में तथा सांस लेने में दिक्कत होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
- डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन