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नागरिक अस्पताल में दाखिल नहीं होंगे ब्लैक फंगस के मरीज, नल्हड़ जाएंगे
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पलवल। हरियाणा में महामारी घोषित की गई ब्लैक फंगस को लेकर लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। संक्रमित व कमजोर इम्यूनिटी वाले व्यक्ति इससे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। पूरे देश में ब्लैक फंगस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जबकि स्वास्थ्य सेवाएं पर्याप्त नहीं है। इससे एक बार फिर मरीजों को निजी अस्पतालों की लूट का शिकार होना पड़ सकता है। जिला नागरिक अस्पताल में ब्लैक फंगस के मरीज को दाखिल करने का कोई इंतजाम नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभी तक जिले में किसी मरीज की पुष्टि नहीं हुई है। यदि कोई मरीज ब्लैक फंगस से संक्रमित होता है, तो उसे नल्हड़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाएगा। हरियाणा में ब्लैक फंगस इंफेक्शन के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। कोरोना मरीजों की मौतों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। प्रदेश में अभी तक 200 के करीब ब्लैक फंगस मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इसलिए राज्य सरकार ने सबसे पहले इसे महामारी घोषित किया है। पलवल में भी दो मरीज ब्लैक फंगस से पीड़ित है, जिनमें से एक फरीदाबाद के निजी अस्पताल व दूसरा नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में उपचार करवा रहे हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग अभी तक एक भी मरीज की पुष्टि नहीं कर रहा है। ------
ये हैं बीमारी के लक्षण, सतर्क रहने की जरूरत
विशेषज्ञों के अनुसार यह महामारी उन मरीजों को अपना शिकार बना रही है, जिन्हें स्टेरॉयड थेरेपी दी गई है और शुगर लेवल अनियंत्रित है। कैंसर का इलाज करा रहे मरीज या किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित मरीजों में ब्लैक फंगस की संभावना है। कोरोना से पीड़ित गंभीर मरीज जो ऑक्सीजन मास्क या वेंटिलेटर के जरिये ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, ऐसे मरीजों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
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ब्लैग फंगस महामारी में नाक से खून बहना, पपड़ी जमना या काला-सा कुछ निकलने के साथ नाक का बंद होना, सिर और आंख में दर्द, आंखों के पास सूजन, धुंधला दिखना, आंखों का लाल होना, कम दिखाई देना, आंख को खोलने-बंद करने में परेशानी होती है। इसके अलावा चेहरे का सुन्न हो जाना या झुनझुनी-सी महसूस होना। मुंह को खोलने में या कुछ चबाने में दिक्कत होना। लक्षणों का पता लगाने के लिए प्रतिदिन अपने चेहरे की जांच करे कि कहीं कोई असर तो नहीं है। दांतों का गिरना, मुंह के अंदर या आसपास सूजन होना भी लक्षण हो सकते हैं।
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फरीदाबाद या नूंह जाएंगे मरीज
जिले के अंदर अभी ब्लैक फंगस का कोई मरीज नहीं है। जिला नागरिक अस्पताल में अभी ब्लैक फंगस के मरीज को दाखिल करने के निर्देश नहीं मिले हैं। मरीजों को नूंह के नल्हड़ मेडिकल कॉलेज तथा फरीदाबाद के अल फला मेडिकल कालेज में रैफर किया जाएगा, जहां मरीजों को पूरी सुविधा दी जाएगी। वैसे जिले में ब्लैक फंगस को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है। इसके लिए सारी तैयारियां हैं।
- डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभी तक जिले में किसी मरीज की पुष्टि नहीं हुई है। यदि कोई मरीज ब्लैक फंगस से संक्रमित होता है, तो उसे नल्हड़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाएगा। हरियाणा में ब्लैक फंगस इंफेक्शन के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। कोरोना मरीजों की मौतों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। प्रदेश में अभी तक 200 के करीब ब्लैक फंगस मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इसलिए राज्य सरकार ने सबसे पहले इसे महामारी घोषित किया है। पलवल में भी दो मरीज ब्लैक फंगस से पीड़ित है, जिनमें से एक फरीदाबाद के निजी अस्पताल व दूसरा नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में उपचार करवा रहे हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग अभी तक एक भी मरीज की पुष्टि नहीं कर रहा है। ------
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ये हैं बीमारी के लक्षण, सतर्क रहने की जरूरत
विशेषज्ञों के अनुसार यह महामारी उन मरीजों को अपना शिकार बना रही है, जिन्हें स्टेरॉयड थेरेपी दी गई है और शुगर लेवल अनियंत्रित है। कैंसर का इलाज करा रहे मरीज या किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित मरीजों में ब्लैक फंगस की संभावना है। कोरोना से पीड़ित गंभीर मरीज जो ऑक्सीजन मास्क या वेंटिलेटर के जरिये ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, ऐसे मरीजों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
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ब्लैग फंगस महामारी में नाक से खून बहना, पपड़ी जमना या काला-सा कुछ निकलने के साथ नाक का बंद होना, सिर और आंख में दर्द, आंखों के पास सूजन, धुंधला दिखना, आंखों का लाल होना, कम दिखाई देना, आंख को खोलने-बंद करने में परेशानी होती है। इसके अलावा चेहरे का सुन्न हो जाना या झुनझुनी-सी महसूस होना। मुंह को खोलने में या कुछ चबाने में दिक्कत होना। लक्षणों का पता लगाने के लिए प्रतिदिन अपने चेहरे की जांच करे कि कहीं कोई असर तो नहीं है। दांतों का गिरना, मुंह के अंदर या आसपास सूजन होना भी लक्षण हो सकते हैं।
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फरीदाबाद या नूंह जाएंगे मरीज
जिले के अंदर अभी ब्लैक फंगस का कोई मरीज नहीं है। जिला नागरिक अस्पताल में अभी ब्लैक फंगस के मरीज को दाखिल करने के निर्देश नहीं मिले हैं। मरीजों को नूंह के नल्हड़ मेडिकल कॉलेज तथा फरीदाबाद के अल फला मेडिकल कालेज में रैफर किया जाएगा, जहां मरीजों को पूरी सुविधा दी जाएगी। वैसे जिले में ब्लैक फंगस को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है। इसके लिए सारी तैयारियां हैं।
- डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन