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किसानों के लिए लाभकारी है केले की खेती
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पलवल। पलवल जिले के किसानों का रूझान केले की खेती की ओर निरंतर बढ़ रहा है। केले की खेती किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है, क्योंकि बागवानी विभाग द्वारा किसानों को खेती करने पर 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान राशि प्रदान की जा रही है। जिले में 11 हेक्टेयर भूमि में किसानों द्वारा केले की खेती कर किसान लाभ काम रहे हैं।
विभाग के अनुसार पलवल जिले में वर्ष 2021-22 में सात हेक्टेयर भूमि में केले की खेती करने का लक्ष्य बागवानी विभाग हरियाणा द्वारा प्रदान किया गया था। बागवानी विभाग द्वारा किसानों को केले की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया और केला खेती करने पर अनुदान दिया गया। जिले में साथ हेक्टेयर भूमि में फसल उगाने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि पलवल जिले के गांव कुलैना, मकसूदपुर व सोलड़ा में खेती की जा रही है। इन गांवों में नौ किसानों को अनुदान राशि प्रदान की गई है। बागवानी विभाग किसानों को एक हेक्टेयर पर दो वर्ष के अंतर्गत 50 हजार रुपये अनुदान राशि के रूप में दे रहा है। प्रथम वर्ष में 37 हजार 500 रुपये तथा दूसरे वर्ष में फसल की रखरखाव के लिए 12 हजार 500 रुपये की अनुदान राशि प्रदान की जाती है। चार अन्य किसानों ने भी केले की खेती करनी शुरू कर दी है। उन्हें भी विभाग द्वारा जल्द ही अनुदान राशि दे दी जाएगी। गांव कुलैना निवासी किसान भगत सिंह उर्फ मूलचंद शर्मा ने बताया कि तीन एकड़ में केले की फसल लगाई हुई है। केले की फसल नकदी है। किसानों से अपील करते है कि धान, गेहूं और अन्य परंपरागत खेती को छोड़कर बागवानी करें और आर्थिक रूप से मजबूत बनें।
जिले में तीन वर्षों से केले की खेती करने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। खादर क्षेत्र के किसानों में केले की खेती करने के प्रति काफी रूझान बढ़ा है। केले की जी नाइन किस्म की अच्छी पैदावार हो रही है। किसान बागवानी विभाग की योजनाओं का लाभ उठाएं।
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- डॉ. अब्दुल रज्जाक, जिला बागवानी अधिकारी
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विभाग के अनुसार पलवल जिले में वर्ष 2021-22 में सात हेक्टेयर भूमि में केले की खेती करने का लक्ष्य बागवानी विभाग हरियाणा द्वारा प्रदान किया गया था। बागवानी विभाग द्वारा किसानों को केले की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया और केला खेती करने पर अनुदान दिया गया। जिले में साथ हेक्टेयर भूमि में फसल उगाने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि पलवल जिले के गांव कुलैना, मकसूदपुर व सोलड़ा में खेती की जा रही है। इन गांवों में नौ किसानों को अनुदान राशि प्रदान की गई है। बागवानी विभाग किसानों को एक हेक्टेयर पर दो वर्ष के अंतर्गत 50 हजार रुपये अनुदान राशि के रूप में दे रहा है। प्रथम वर्ष में 37 हजार 500 रुपये तथा दूसरे वर्ष में फसल की रखरखाव के लिए 12 हजार 500 रुपये की अनुदान राशि प्रदान की जाती है। चार अन्य किसानों ने भी केले की खेती करनी शुरू कर दी है। उन्हें भी विभाग द्वारा जल्द ही अनुदान राशि दे दी जाएगी। गांव कुलैना निवासी किसान भगत सिंह उर्फ मूलचंद शर्मा ने बताया कि तीन एकड़ में केले की फसल लगाई हुई है। केले की फसल नकदी है। किसानों से अपील करते है कि धान, गेहूं और अन्य परंपरागत खेती को छोड़कर बागवानी करें और आर्थिक रूप से मजबूत बनें।
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जिले में तीन वर्षों से केले की खेती करने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। खादर क्षेत्र के किसानों में केले की खेती करने के प्रति काफी रूझान बढ़ा है। केले की जी नाइन किस्म की अच्छी पैदावार हो रही है। किसान बागवानी विभाग की योजनाओं का लाभ उठाएं।
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- डॉ. अब्दुल रज्जाक, जिला बागवानी अधिकारी