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ई-पोर्टल से किसानों की जमीन हड़पने का प्रयास : करण दलाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। पूर्व मंत्री करण दलाल ने ई-पोर्टल के माध्यम से किसानों की जमीन खरीदने की प्रक्रिया पर भाजपा सरकार पर हमला बोला। सोमवार को पत्रकार वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार डर और दबाव का माहौल बनाकर किसानों की उपजाऊ जमीन हड़पना चाहती है।
करण ने कहा कि पलवल शहर सहित खादर, आल्हापुर, अगवानपुर, पातली खुर्द, जोधपुर, रायपुर, धौलागढ़, पृथला, नंगला भीखू, दूधौला, गदपुरी और अन्य गांवों की करीब 4400 एकड़ उपजाऊ जमीन को ई-पोर्टल के माध्यम से खरीदने की तैयारी की जा रही है। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार बिना उचित मुआवजा दिए किसानों की जमीन लेने का प्रयास कर रही है, जो पूरी तरह गैरकानूनी और असंवैधानिक है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को उनकी करोड़ों की जमीन के बदले केवल 500 से 1000 गज का प्लॉट देने की बात कर रही है, जो किसानों के साथ अन्याय है। सरकार इन जमीनों पर आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत क्षेत्र विकसित करना चाहती है। दलाल ने कहा कि इस प्रक्रिया में भूमि अधिग्रहण कानून की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ई-पोर्टल लागू होने से जमीनों के दाम गिर जाएंगे और किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस फैसले का पुरजोर विरोध करेगी और किसानों के साथ मिलकर आंदोलन की रणनीति बनाएगी।
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पलवल। पूर्व मंत्री करण दलाल ने ई-पोर्टल के माध्यम से किसानों की जमीन खरीदने की प्रक्रिया पर भाजपा सरकार पर हमला बोला। सोमवार को पत्रकार वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार डर और दबाव का माहौल बनाकर किसानों की उपजाऊ जमीन हड़पना चाहती है।
करण ने कहा कि पलवल शहर सहित खादर, आल्हापुर, अगवानपुर, पातली खुर्द, जोधपुर, रायपुर, धौलागढ़, पृथला, नंगला भीखू, दूधौला, गदपुरी और अन्य गांवों की करीब 4400 एकड़ उपजाऊ जमीन को ई-पोर्टल के माध्यम से खरीदने की तैयारी की जा रही है। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार बिना उचित मुआवजा दिए किसानों की जमीन लेने का प्रयास कर रही है, जो पूरी तरह गैरकानूनी और असंवैधानिक है।
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उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को उनकी करोड़ों की जमीन के बदले केवल 500 से 1000 गज का प्लॉट देने की बात कर रही है, जो किसानों के साथ अन्याय है। सरकार इन जमीनों पर आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत क्षेत्र विकसित करना चाहती है। दलाल ने कहा कि इस प्रक्रिया में भूमि अधिग्रहण कानून की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ई-पोर्टल लागू होने से जमीनों के दाम गिर जाएंगे और किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस फैसले का पुरजोर विरोध करेगी और किसानों के साथ मिलकर आंदोलन की रणनीति बनाएगी।
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