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Palwal News: रुक-रुककर हो रही बारिश से फसलों में 40 प्रतिशत तक नुकसान
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कैप्शन: 3-खेतों में लेटी पड़ी फसल
कैप्शन: 3-पलवल अनाज मंडी में जमीन पर सुखाने के लिए डाली हुई सरसो
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गेहूं, जौ व सरसों की फसल हुई खराब
दो दिन में पलवल में 20 एमएम, हथीन में 18 एमएम, होडल में 10 एमएम और बहीन में 14 एमएम हुई बारिश
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। पिछले कई दिनों से रूक-रूककर हो रही बारिश से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। कृषि विभाग के विशेषज्ञों की माने तो पलवल जिले में इस बारिश व ओलावृष्टि से फसलों में करीब 40 प्रतिशत नुकसान है। इतने नुकसान से किसान को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे फसलों की बुवाई में लगाई लागत भी निकलने की उम्मीद किसानों की टूट गई है। उधर मंडियों में बिक्री के लिए पड़ी सरसों भी भीगने के कारण नहीं बिक रही है। अब व्यापारी व किसान मंडी में बिक्री के लिए पड़ी सरसों को सुखाने में लगे हैं, ताकि नुकसान कम हो।
मौसम विभाग के अनुुसार, पिछले दो दिन में हुई बूंदाबांदी व बारिश के बाद पलवल में 20 एमएम बारिश दर्ज की गई, जबकि होडल में 10 एमएम, हथीन में 18 तथा बहीन में 14 एमएम बारिश दर्ज की गई। विशेषज्ञों व किसानों का कहना है कि इस बारिश से तथा पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों व जौ की फसल पूरी तरह से लेट गई है। उसके अलावा काफी जगह सब्जियों को भी नुकसान हुआ है। किसानों की माने तो इस बारिश ने उनको पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। उनकी लागत का पैसा भी निकलने की उम्मीद नहीं है। सरकार से भी तुरंत गिरदावरी करा मुआवजा देने की मांग की है।
कृषि विभाग के अनुसार, पलवल जिले में 84 हजार हेक्टेयर में गेहूं उगाया गया है, जबकि 5 हजार हेक्टेयर में सरसों तथा 600 हेक्टेयर में जौ की बुवाई की गई है। उसके अलावा बाकी जमीन पर सब्जियां, फूल आदि उगाए जा रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों की माने तो इस फसल में से बारिश व ओलावृष्टि के बाद 40 प्रतिशत तक फसल पूरी तरह से खराब हो चुकी हैं।
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सरकार के आदेश पर कृषि विभाग व प्रशासन द्वारा बारिश व ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसल की गिरदावरी कराने के लिए किसानों से आवेदन लिए जा रहे हैं। वहीं जिले के जिन किसानों ने बारिश व ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसल का पोर्टल पर 72 घंटे के अंदर आवेदन कर दिया, उनका सर्वे भी कराना शुरू कर दिया है। कृषि विभाग की टीमें उन किसानों की फसल का सर्वे कर रही हैं।
उधर होडल, हसनपुर व हथीन के किसानों को नुकसान फसल के लिए आवेदन करने में काफी परेशानी हो रही है। किसानों की माने तो होडल, हसनपुर व हथीन में आवेदन फार्म भरने का कोई स्थान नहीं है, जहां वे अपना आवेदन कर सकें। उन्हें आवेदन करने के लिए पलवल आना पड़ रहा है। वहां पर केवल उन किसानों का आवेदन लिया जा रहा है, जिनकी फसल का बीमा है। बाकी किसानों को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने को बोला जा रहा है। किसान रामावतार, सुरेंद्र कुमार तथा मनोहर लाल का कहना है कि वे पिछले दो दिन से पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी खराब हुई फसल का पोर्टल न चलने के कारण रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है। जबकि कृषि अधिकारी उन्हें पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने की बोलकर पलवल से भेज देते हैं।
उधर बारिश से भीगी सरसों को मंडी में किसान ही नहीं, आढ़ती भी पूरी तरह से बिछाकर सुखा रहे हैं। पूरी मंडी में जमीन पर सरसों बिखेरी हुई है, ताकि धूप निकलने पर वह सूख जाए, यदि ऐसे में एक साथ बारिश आ जाती है तो वह सरसों और भी ज्यादा भीग जाएगी।
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जिन किसानों ने फसल बीमा कराया हुआ है, उनकी बारिश व ओलावृष्टि से खराब हुुई फसल का बीमा कंपनियों द्वारा सर्वे शुरू करा दिया गया है। जिनका बीमा नहीं है, उन्हें मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा। तब उनकी गिरदावरी की जाएगी। इसके लिए उपायुक्त की तरफ से भी जारी आदेश किसानों तक पहुंचा दिए गए हैं। किसान पटवारियों व गिरदावरों के पास जाकर रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। सरकार के आदेशानुसार सर्वे कराया जा रहा है। -अतुल शर्मा, तकनीकी सहायक कृषि विभाग
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कैप्शन: 3-पलवल अनाज मंडी में जमीन पर सुखाने के लिए डाली हुई सरसो
गेहूं, जौ व सरसों की फसल हुई खराब
दो दिन में पलवल में 20 एमएम, हथीन में 18 एमएम, होडल में 10 एमएम और बहीन में 14 एमएम हुई बारिश
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। पिछले कई दिनों से रूक-रूककर हो रही बारिश से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। कृषि विभाग के विशेषज्ञों की माने तो पलवल जिले में इस बारिश व ओलावृष्टि से फसलों में करीब 40 प्रतिशत नुकसान है। इतने नुकसान से किसान को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे फसलों की बुवाई में लगाई लागत भी निकलने की उम्मीद किसानों की टूट गई है। उधर मंडियों में बिक्री के लिए पड़ी सरसों भी भीगने के कारण नहीं बिक रही है। अब व्यापारी व किसान मंडी में बिक्री के लिए पड़ी सरसों को सुखाने में लगे हैं, ताकि नुकसान कम हो।
मौसम विभाग के अनुुसार, पिछले दो दिन में हुई बूंदाबांदी व बारिश के बाद पलवल में 20 एमएम बारिश दर्ज की गई, जबकि होडल में 10 एमएम, हथीन में 18 तथा बहीन में 14 एमएम बारिश दर्ज की गई। विशेषज्ञों व किसानों का कहना है कि इस बारिश से तथा पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों व जौ की फसल पूरी तरह से लेट गई है। उसके अलावा काफी जगह सब्जियों को भी नुकसान हुआ है। किसानों की माने तो इस बारिश ने उनको पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। उनकी लागत का पैसा भी निकलने की उम्मीद नहीं है। सरकार से भी तुरंत गिरदावरी करा मुआवजा देने की मांग की है।
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कृषि विभाग के अनुसार, पलवल जिले में 84 हजार हेक्टेयर में गेहूं उगाया गया है, जबकि 5 हजार हेक्टेयर में सरसों तथा 600 हेक्टेयर में जौ की बुवाई की गई है। उसके अलावा बाकी जमीन पर सब्जियां, फूल आदि उगाए जा रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों की माने तो इस फसल में से बारिश व ओलावृष्टि के बाद 40 प्रतिशत तक फसल पूरी तरह से खराब हो चुकी हैं।
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सरकार के आदेश पर कृषि विभाग व प्रशासन द्वारा बारिश व ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसल की गिरदावरी कराने के लिए किसानों से आवेदन लिए जा रहे हैं। वहीं जिले के जिन किसानों ने बारिश व ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसल का पोर्टल पर 72 घंटे के अंदर आवेदन कर दिया, उनका सर्वे भी कराना शुरू कर दिया है। कृषि विभाग की टीमें उन किसानों की फसल का सर्वे कर रही हैं।
उधर होडल, हसनपुर व हथीन के किसानों को नुकसान फसल के लिए आवेदन करने में काफी परेशानी हो रही है। किसानों की माने तो होडल, हसनपुर व हथीन में आवेदन फार्म भरने का कोई स्थान नहीं है, जहां वे अपना आवेदन कर सकें। उन्हें आवेदन करने के लिए पलवल आना पड़ रहा है। वहां पर केवल उन किसानों का आवेदन लिया जा रहा है, जिनकी फसल का बीमा है। बाकी किसानों को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने को बोला जा रहा है। किसान रामावतार, सुरेंद्र कुमार तथा मनोहर लाल का कहना है कि वे पिछले दो दिन से पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी खराब हुई फसल का पोर्टल न चलने के कारण रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है। जबकि कृषि अधिकारी उन्हें पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने की बोलकर पलवल से भेज देते हैं।
उधर बारिश से भीगी सरसों को मंडी में किसान ही नहीं, आढ़ती भी पूरी तरह से बिछाकर सुखा रहे हैं। पूरी मंडी में जमीन पर सरसों बिखेरी हुई है, ताकि धूप निकलने पर वह सूख जाए, यदि ऐसे में एक साथ बारिश आ जाती है तो वह सरसों और भी ज्यादा भीग जाएगी।
जिन किसानों ने फसल बीमा कराया हुआ है, उनकी बारिश व ओलावृष्टि से खराब हुुई फसल का बीमा कंपनियों द्वारा सर्वे शुरू करा दिया गया है। जिनका बीमा नहीं है, उन्हें मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा। तब उनकी गिरदावरी की जाएगी। इसके लिए उपायुक्त की तरफ से भी जारी आदेश किसानों तक पहुंचा दिए गए हैं। किसान पटवारियों व गिरदावरों के पास जाकर रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। सरकार के आदेशानुसार सर्वे कराया जा रहा है। -अतुल शर्मा, तकनीकी सहायक कृषि विभाग