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तहसील में कृषि भूमि की प्लाटों की हो रही रजिस्ट्री
Updated Thu, 19 Jul 2018 06:04 PM IST
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कृषि योग्य भूमि का प्लॉट के लिए हो रहा पंजीकरण
-सीएम विंडो पर की शिकायत, दूसरी तरफ मामला पहुंचा सीएम दरबार में
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। जिले की तहसीलों में इन दिनों नियमों को ताक पर रख कृषि योग्य भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग के लिए पंजीकरण धड़ल्ले से हो रहे हैं। इस कार्य में कुछ दलाल सक्रिय हैं, जो तहसील में कार्यरत कर्मचारियों और राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत पर यह पंजीकरण करा रहे हैं। इस बात की शिकायत अब सीएम विंडो पर की गई है।
सीएम दरबार में की गई शिकायत में कहा है कि पलवल तहसील के गांव असावटी, लाडपुर, नगलिया, दुधौला, टहरकी, गदपुरी सहित दर्जनों गांवों में प्रापर्टी डीलरों द्वारा कृषि भूमि पर अवैध रुप से कालोनियां काट कर प्लॉटिंग की जा रही है। कृषि योग्य भूमि में अवैध प्लॉटिंग करना सरकार के नियमों के विरुद्घ है लेकिन सरकार के नियमों को ताक पर रख कर तहसीलदार द्वारा उक्त गांवों में काटे जा रहे प्लाट की रजिस्ट्री बडे़ पैमाने पर की जा रही हैं। इसमें पंजीकरण को कराने में एक नेता का भी पूरा हाथ बताया जा रहा है। वहीं किठवाड़ी निवासी धर्मेंद्र दलाल पुत्र बलबीर सिंह ने इसकी शिकायत सीएम विंडो पर की है। उन्होंने बताया कि तहसील में जो पैसा देता है सिर्फ उसी की रजिस्ट्री पंजीकृत की जाती है। जबकि आम आदमी कोई रजिस्ट्री कराने आए तो उसके दस्तावेजों में अनेकों खामियां बता कर भगा दिया जाता है। इन रजिस्ट्री के एवज में खरीददार से दलालों द्वारा 200 रुपये लेकर 300 रुपये प्रति गज के हिसाब से सुविधा शुल्क भी वसूला जा रहा है, जो अधिकारियों तक 100 से 150 रुपये प्रति गज तक पहुंचाया जा रहा है। इस बारे में जिला उपायुक्त डॉ. मनीराम शर्मा का कहना है कि वे मामले की जांच कराएंगे तथा यदि ऐसा मामला पाया तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-सीएम विंडो पर की शिकायत, दूसरी तरफ मामला पहुंचा सीएम दरबार में
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। जिले की तहसीलों में इन दिनों नियमों को ताक पर रख कृषि योग्य भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग के लिए पंजीकरण धड़ल्ले से हो रहे हैं। इस कार्य में कुछ दलाल सक्रिय हैं, जो तहसील में कार्यरत कर्मचारियों और राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत पर यह पंजीकरण करा रहे हैं। इस बात की शिकायत अब सीएम विंडो पर की गई है।
सीएम दरबार में की गई शिकायत में कहा है कि पलवल तहसील के गांव असावटी, लाडपुर, नगलिया, दुधौला, टहरकी, गदपुरी सहित दर्जनों गांवों में प्रापर्टी डीलरों द्वारा कृषि भूमि पर अवैध रुप से कालोनियां काट कर प्लॉटिंग की जा रही है। कृषि योग्य भूमि में अवैध प्लॉटिंग करना सरकार के नियमों के विरुद्घ है लेकिन सरकार के नियमों को ताक पर रख कर तहसीलदार द्वारा उक्त गांवों में काटे जा रहे प्लाट की रजिस्ट्री बडे़ पैमाने पर की जा रही हैं। इसमें पंजीकरण को कराने में एक नेता का भी पूरा हाथ बताया जा रहा है। वहीं किठवाड़ी निवासी धर्मेंद्र दलाल पुत्र बलबीर सिंह ने इसकी शिकायत सीएम विंडो पर की है। उन्होंने बताया कि तहसील में जो पैसा देता है सिर्फ उसी की रजिस्ट्री पंजीकृत की जाती है। जबकि आम आदमी कोई रजिस्ट्री कराने आए तो उसके दस्तावेजों में अनेकों खामियां बता कर भगा दिया जाता है। इन रजिस्ट्री के एवज में खरीददार से दलालों द्वारा 200 रुपये लेकर 300 रुपये प्रति गज के हिसाब से सुविधा शुल्क भी वसूला जा रहा है, जो अधिकारियों तक 100 से 150 रुपये प्रति गज तक पहुंचाया जा रहा है। इस बारे में जिला उपायुक्त डॉ. मनीराम शर्मा का कहना है कि वे मामले की जांच कराएंगे तथा यदि ऐसा मामला पाया तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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