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Palwal News: जनवरी से अब तक 2.77 लाख घरों की जांच, 33 में मिला डेंगू का लार्वा
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स्वास्थ्य विभाग ने 36 घरों को भेजा नोटिस, करीब 3 लाख कंटेनरों की जांच में 78 में मिले डेंगू का लार्वा
निशांत पटेल
पलवल। जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सघन अभियान चलाया है। 1 जनवरी 2025 से 14 मई 2025 तक 2,77,093 घरों की जांच की गई, जिनमें से 33 घरों में डेंगू का लार्वा मिला। साथ ही विभाग ने 36 घरों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा 2,99,971 कंटेनरों की जांच में 78 कंटेनर में डेंगू के लार्वा मिले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए और साफ-सफाई का ध्यान रखा जाए, तो डेंगू जैसी बीमारी से बचाव संभव है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 2025 में अब तक जिले में डेंगू का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है। 2023 में जिले में डेंगू के 115 मामले सामने आए थे, जबकि 2024 में यह संख्या घटकर 29 रह गई। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. नवीन गर्ग के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की टीमें नियमित रूप से घर-घर जाकर लार्वा की जांच कर रही हैं। नगर परिषदों और ग्राम पंचायतों को हर 15 दिन में फॉगिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बीके अस्पताल रेफर किए जाते हैं मरीज
डेंगू के लिए सीएचसी और जिला अस्पताल में 5-5 बेड का वार्ड तैयार किया गया है, लेकिन यहां प्लेटलेट्स की जांच की सुविधा नहीं है। जिला नागरिक अस्पताल में प्लेटलेट्स की जांच के लिए मशीन और सेपरेटर मशीन नहीं है। जिस कारण मरीजों को फरीदाबाद के बीके अस्पताल में रेफर किया जाता है। साथ ही प्लेटलेट्स की रिपोर्ट आने में 1 से 2 दिन तक का समय लगता है। डेंगू जैसी बीमारी में समय पर प्लेटलेट्स की जांच और इलाज बेहद जरूरी होता है।
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रैपिड टेस्टिंग 100 फीसदी सटीक नहीं
डॉ. गर्ग ने बताया कि निजी लैब की रैपिड टेस्टिंग 100 प्रतिशत सटीक नहीं होती, इसलिए आमजन को सरकारी अस्पताल में ही जांच कराने की सलाह दी जाती है। डॉ. गर्ग ने अपील की है कि लोग अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, टंकियों और अन्य जलस्रोतों की नियमित सफाई करें। किसी भी प्रकार के बुखार को नजरअंदाज न करें और समय पर डॉक्टर से जांच कराएं।
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डेंगू के प्रमुख 7 लक्षण:
104 डिग्री तक तेज बुखार
आंखों और माथे में तेज सिरदर्द
मांसपेशियों व जोड़ों में तेज दर्द
भूख कम लगना, उल्टी और पेट दर्द
छाती और शरीर पर चकत्ते या धब्बे
अत्यधिक थकान और मुंह सूखना
नाक या मुंह से खून आना
जिले में डेंगू को रोकने के लिए प्रशासन ने तैयारी कर ली है। जागरूकता, साफ-सफाई और समय पर जांच से इसे पूरी तरह रोका जाएगा है। हालांकि प्लेटलेट्स की जांच की सुविधा अभी एक चुनौती बनी हुई है, लेकिन समय रहते समाधान की उम्मीद है। - डॉ. नवीन गर्ग, जिला मलेरिया अधिकारी
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निशांत पटेल
पलवल। जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सघन अभियान चलाया है। 1 जनवरी 2025 से 14 मई 2025 तक 2,77,093 घरों की जांच की गई, जिनमें से 33 घरों में डेंगू का लार्वा मिला। साथ ही विभाग ने 36 घरों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा 2,99,971 कंटेनरों की जांच में 78 कंटेनर में डेंगू के लार्वा मिले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए और साफ-सफाई का ध्यान रखा जाए, तो डेंगू जैसी बीमारी से बचाव संभव है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 2025 में अब तक जिले में डेंगू का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है। 2023 में जिले में डेंगू के 115 मामले सामने आए थे, जबकि 2024 में यह संख्या घटकर 29 रह गई। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. नवीन गर्ग के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की टीमें नियमित रूप से घर-घर जाकर लार्वा की जांच कर रही हैं। नगर परिषदों और ग्राम पंचायतों को हर 15 दिन में फॉगिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बीके अस्पताल रेफर किए जाते हैं मरीज
डेंगू के लिए सीएचसी और जिला अस्पताल में 5-5 बेड का वार्ड तैयार किया गया है, लेकिन यहां प्लेटलेट्स की जांच की सुविधा नहीं है। जिला नागरिक अस्पताल में प्लेटलेट्स की जांच के लिए मशीन और सेपरेटर मशीन नहीं है। जिस कारण मरीजों को फरीदाबाद के बीके अस्पताल में रेफर किया जाता है। साथ ही प्लेटलेट्स की रिपोर्ट आने में 1 से 2 दिन तक का समय लगता है। डेंगू जैसी बीमारी में समय पर प्लेटलेट्स की जांच और इलाज बेहद जरूरी होता है।
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रैपिड टेस्टिंग 100 फीसदी सटीक नहीं
डॉ. गर्ग ने बताया कि निजी लैब की रैपिड टेस्टिंग 100 प्रतिशत सटीक नहीं होती, इसलिए आमजन को सरकारी अस्पताल में ही जांच कराने की सलाह दी जाती है। डॉ. गर्ग ने अपील की है कि लोग अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, टंकियों और अन्य जलस्रोतों की नियमित सफाई करें। किसी भी प्रकार के बुखार को नजरअंदाज न करें और समय पर डॉक्टर से जांच कराएं।
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डेंगू के प्रमुख 7 लक्षण:
104 डिग्री तक तेज बुखार
आंखों और माथे में तेज सिरदर्द
मांसपेशियों व जोड़ों में तेज दर्द
भूख कम लगना, उल्टी और पेट दर्द
छाती और शरीर पर चकत्ते या धब्बे
अत्यधिक थकान और मुंह सूखना
नाक या मुंह से खून आना
जिले में डेंगू को रोकने के लिए प्रशासन ने तैयारी कर ली है। जागरूकता, साफ-सफाई और समय पर जांच से इसे पूरी तरह रोका जाएगा है। हालांकि प्लेटलेट्स की जांच की सुविधा अभी एक चुनौती बनी हुई है, लेकिन समय रहते समाधान की उम्मीद है। - डॉ. नवीन गर्ग, जिला मलेरिया अधिकारी