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Palwal News: फर्जी दस्तावेजों से 12 साल तक की नौकरी, सहायक लाइनमैन बर्खास्त
Mon, 28 Jul 2025 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Mon, 28 Jul 2025 11:23 PM IST
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48 लाख की रिकवरी की मांग, दक्षिण हरियाणा बिजली प्रसारण निगम ने दर्ज करवाया धोखाधड़ी का केस
बुलंदशहर आईटीआई की फर्जी मार्कशीट से की थी नियुक्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। फर्जी आईटीआई दस्तावेज के आधार पर सहायक लाइनमैन ने 12 वर्ष से अधिक समय तक दक्षिण हरियाणा बिजली प्रसारण निगम में नौकरी की। मामला खुलते ही विभाग में हड़कंप मच गया। निगम के कार्यकारी अभियंता ने सहायक लाइनमैन को बर्खास्त कर दिया। उन्होंने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज करवाया है। निगम के अधिकारियों ने नौकरी के दौरान मिले वेतन के लगभग 48 लाख रुपये की रिकवरी की भी मांग की है।
थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल ने बताया कि बिजली निगम के डिवीजन के कार्यकारी अभियंता सत्तार खान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सहायक लाइनमैन नारायण सिंह निवासी दीघोट पिछले 12 वर्षों से अधिक समय से नौकरी कर रहा था। खान ने शिकायत में बताया कि निगम के हसनपुर स्थित सब-डिवीजन कार्यालय में नारायण सिंह को सहायक लाइनमैन के पद पर 26 अक्टूबर 2012 को सरकार द्वारा तैनात किया गया था।
निगम के मुख्य अभियंता को बलबीर निवासी आदमपुर, हिसार ने उसी रोल नंबर की आईटीआई की मार्कशीट जांच के लिए दी। निगम ने आईटीआई बुलंदशहर से मार्कशीट की जांच करवाई, जिसमें 4 अप्रैल 2024 को नारायण सिंह की मार्कशीट फर्जी पाई गई। खान ने बताया कि आईटीआई के फर्जी दस्तावेज मिलने के बाद निगम ने नारायण सिंह को नौकरी से बर्खास्त कर दिया और निगम से की गई धोखाधड़ी के मामले में होडल थाना पुलिस को शिकायत दी। साथ ही इस दौरान मिले वेतन 48 लाख दो हजार पांच सौ अड़तीस रुपये की रिकवरी की मांग की गई है।
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बुलंदशहर आईटीआई की फर्जी मार्कशीट से की थी नियुक्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। फर्जी आईटीआई दस्तावेज के आधार पर सहायक लाइनमैन ने 12 वर्ष से अधिक समय तक दक्षिण हरियाणा बिजली प्रसारण निगम में नौकरी की। मामला खुलते ही विभाग में हड़कंप मच गया। निगम के कार्यकारी अभियंता ने सहायक लाइनमैन को बर्खास्त कर दिया। उन्होंने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज करवाया है। निगम के अधिकारियों ने नौकरी के दौरान मिले वेतन के लगभग 48 लाख रुपये की रिकवरी की भी मांग की है।
थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल ने बताया कि बिजली निगम के डिवीजन के कार्यकारी अभियंता सत्तार खान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सहायक लाइनमैन नारायण सिंह निवासी दीघोट पिछले 12 वर्षों से अधिक समय से नौकरी कर रहा था। खान ने शिकायत में बताया कि निगम के हसनपुर स्थित सब-डिवीजन कार्यालय में नारायण सिंह को सहायक लाइनमैन के पद पर 26 अक्टूबर 2012 को सरकार द्वारा तैनात किया गया था।
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निगम के मुख्य अभियंता को बलबीर निवासी आदमपुर, हिसार ने उसी रोल नंबर की आईटीआई की मार्कशीट जांच के लिए दी। निगम ने आईटीआई बुलंदशहर से मार्कशीट की जांच करवाई, जिसमें 4 अप्रैल 2024 को नारायण सिंह की मार्कशीट फर्जी पाई गई। खान ने बताया कि आईटीआई के फर्जी दस्तावेज मिलने के बाद निगम ने नारायण सिंह को नौकरी से बर्खास्त कर दिया और निगम से की गई धोखाधड़ी के मामले में होडल थाना पुलिस को शिकायत दी। साथ ही इस दौरान मिले वेतन 48 लाख दो हजार पांच सौ अड़तीस रुपये की रिकवरी की मांग की गई है।
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