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रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल अब सरकार के लिए बनने लगी सिरदर्द
Updated Fri, 26 Oct 2018 11:12 PM IST
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सरकार के लिए सिरदर्द बनी रोडवेज हड़ताल
- अन्य विभागों के कर्मचारियों ने एक दिन का अवकाश कर निकाला जुलूस, विपक्षी दल लगातार हमलावर
- छात्राओं ने की परिवहन निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल अब सरकार के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। रोडवेज कर्मियों की मांगों के समर्थन में न सिर्फ विपक्षी राजनीतिक दलों के नेता उतर आए हैं बल्कि पंचायत प्रतिनिधि व अन्य समाजसेवी संगठन भी उतर आए हैं। वहीं शुक्रवार को हड़ताल के समर्थन में विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने एक दिन का सामूहिक अवकाश लेकर शहर में जुलूस निकाला तथा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। ये कर्मचारी हरियाणा सर्व कर्मचारी महासंघ, सर्व कर्मचारी संघ व संयुक्त कर्मचारी मोर्चा के अलावा व अन्य कर्मचारी संगठनों के नेतृत्व में जुलूस के रूप में बस अड्डा परिसर पहुंचे। वहां पर उन्होंने चल रहे धरने में हिस्सा लेकर अपना समर्थन दिया। कर्मचारी नेताओं ने रोडवेज के घाटे संबंधित परिवहन मंत्री के बयान पर कड़ा ऐतराज जताया। कर्मचारी नेताओं का कहना था कि रोडवेज घाटे में नहीं बल्कि फायदे में चल रहा है।
रोडवेज कर्मचारियों की सरकार के खिलाफ हड़ताल शुक्रवार को 11वें दिन में प्रवेश कर गई। पिछले चार साल में हालांकि कई बार रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ हड़ताल की है, लेकिन यह पहली बार है, जब इतने दिनों तक हड़ताल जारी है। रोडवेज कर्मचारी नेताओं का कहना है कि इस बार सरकार से आरपार की लड़ाई लड़कर ही रहेंगे। वहीं सरकार भी आए दिन किसी न किसी कर्मचारी नेता को निलंबित करने में लगी हुई है।
इन विभागों के कर्मचारी रहे अवकाश पर
जिले में रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में कर्मचारी केंद्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर एक दिन के अवकाश पर रहने वाले कर्मचारियों में बिजली विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, आंगनबाड़ी, आशा वर्कर, जन स्वास्थ्य विभाग, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के अलावा दूसरे कर्मचारी संगठन शामिल थे। इन संगठनों के कर्मचारियों ने सैकड़ों की संख्या में एकत्रित होकर बैनर लगाकर शहर में प्रदर्शन किया।
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कर्मचारी नेताओं ने सरकार की जमकर खिंचाई की। कर्मचारी नेताओं का आरोप था कि रोडवेज कर्मचारी अपनी जायज मांगों की लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन सरकार उनकी बातों को सुनने को कतई तैयार नहीं। कर्मचारी नेता रमेश चंद, बनवारी लाल, राजेश शर्मा, सुमन रावत, जितेंद्र तेवतिया, बलबीर सिंह, देवी सिंह सेजवाल, नेपाल डागर, वेदपाल, अशोक बाल्यान, भारत दहिया, गजे सिंह, राहिल खान, हीरा लाल, हुकम सिंह, लक्ष्मण सिंह तंवर, तारा चंद, राकेश कुमार ने धरने को संबोधित किया। धरने की अध्यक्षता गंगराम सारौत व मंच का संचालन जिला प्रधान जिले सिंह भड़ाना ने किया।
वहीं कांग्रेस विधायक करण सिंह दलाल ने एक बार फिर से सरकार पर रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में जमकर आरोप लगाए। उनका कहना था कि एक तरफ सरकार रोडवेज कर्मचारियों के साथ गलत नीति अपना रही है तो वहीं हड़ताल के नाम पर की जा रही कच्ची भर्तियों में भाजपा सरकार पलवल के युवाओं के साथ सौतेला व्यवहार करने के साथ उन्हें व रोडवेज कर्मचारियों को आपस में लड़ाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार प्राइवेट कंपनियों को लाइसेंस देकर अपने उद्योगपति मित्रों के साथ मिलकर मोटा मुनाफा कमाना चाहती है।
छात्राओं ने की नारेबाजी
हड़ताल के चलते महिलाओं व छात्राओं के लिए चलाई जाने वाली बसें न चलने तथा एक बस से उन्हें उतार देने से नाराज छात्राओं ने परिवहन निगम के अधिकारियों व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। छात्राओं का कहना था कि रोडवेज की हड़ताल के चलते उन्हें परेशानी हो रही है। उनके लिए विशेष रूप से बस की सुविधा उपलब्ध कराने के बजाय उन्हें बसों से उतारा जा रहा है। बाद में परिवहन निगम के अधिकारियों ने उन्हें समझाया तथा दूसरी बस में बैठवाकर उनके गंतव्यों तक पहुंचाया।
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- अन्य विभागों के कर्मचारियों ने एक दिन का अवकाश कर निकाला जुलूस, विपक्षी दल लगातार हमलावर
- छात्राओं ने की परिवहन निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल अब सरकार के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। रोडवेज कर्मियों की मांगों के समर्थन में न सिर्फ विपक्षी राजनीतिक दलों के नेता उतर आए हैं बल्कि पंचायत प्रतिनिधि व अन्य समाजसेवी संगठन भी उतर आए हैं। वहीं शुक्रवार को हड़ताल के समर्थन में विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने एक दिन का सामूहिक अवकाश लेकर शहर में जुलूस निकाला तथा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। ये कर्मचारी हरियाणा सर्व कर्मचारी महासंघ, सर्व कर्मचारी संघ व संयुक्त कर्मचारी मोर्चा के अलावा व अन्य कर्मचारी संगठनों के नेतृत्व में जुलूस के रूप में बस अड्डा परिसर पहुंचे। वहां पर उन्होंने चल रहे धरने में हिस्सा लेकर अपना समर्थन दिया। कर्मचारी नेताओं ने रोडवेज के घाटे संबंधित परिवहन मंत्री के बयान पर कड़ा ऐतराज जताया। कर्मचारी नेताओं का कहना था कि रोडवेज घाटे में नहीं बल्कि फायदे में चल रहा है।
रोडवेज कर्मचारियों की सरकार के खिलाफ हड़ताल शुक्रवार को 11वें दिन में प्रवेश कर गई। पिछले चार साल में हालांकि कई बार रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ हड़ताल की है, लेकिन यह पहली बार है, जब इतने दिनों तक हड़ताल जारी है। रोडवेज कर्मचारी नेताओं का कहना है कि इस बार सरकार से आरपार की लड़ाई लड़कर ही रहेंगे। वहीं सरकार भी आए दिन किसी न किसी कर्मचारी नेता को निलंबित करने में लगी हुई है।
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इन विभागों के कर्मचारी रहे अवकाश पर
जिले में रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में कर्मचारी केंद्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर एक दिन के अवकाश पर रहने वाले कर्मचारियों में बिजली विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, आंगनबाड़ी, आशा वर्कर, जन स्वास्थ्य विभाग, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के अलावा दूसरे कर्मचारी संगठन शामिल थे। इन संगठनों के कर्मचारियों ने सैकड़ों की संख्या में एकत्रित होकर बैनर लगाकर शहर में प्रदर्शन किया।
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कर्मचारी नेताओं ने सरकार की जमकर खिंचाई की। कर्मचारी नेताओं का आरोप था कि रोडवेज कर्मचारी अपनी जायज मांगों की लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन सरकार उनकी बातों को सुनने को कतई तैयार नहीं। कर्मचारी नेता रमेश चंद, बनवारी लाल, राजेश शर्मा, सुमन रावत, जितेंद्र तेवतिया, बलबीर सिंह, देवी सिंह सेजवाल, नेपाल डागर, वेदपाल, अशोक बाल्यान, भारत दहिया, गजे सिंह, राहिल खान, हीरा लाल, हुकम सिंह, लक्ष्मण सिंह तंवर, तारा चंद, राकेश कुमार ने धरने को संबोधित किया। धरने की अध्यक्षता गंगराम सारौत व मंच का संचालन जिला प्रधान जिले सिंह भड़ाना ने किया।
वहीं कांग्रेस विधायक करण सिंह दलाल ने एक बार फिर से सरकार पर रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में जमकर आरोप लगाए। उनका कहना था कि एक तरफ सरकार रोडवेज कर्मचारियों के साथ गलत नीति अपना रही है तो वहीं हड़ताल के नाम पर की जा रही कच्ची भर्तियों में भाजपा सरकार पलवल के युवाओं के साथ सौतेला व्यवहार करने के साथ उन्हें व रोडवेज कर्मचारियों को आपस में लड़ाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार प्राइवेट कंपनियों को लाइसेंस देकर अपने उद्योगपति मित्रों के साथ मिलकर मोटा मुनाफा कमाना चाहती है।
छात्राओं ने की नारेबाजी
हड़ताल के चलते महिलाओं व छात्राओं के लिए चलाई जाने वाली बसें न चलने तथा एक बस से उन्हें उतार देने से नाराज छात्राओं ने परिवहन निगम के अधिकारियों व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। छात्राओं का कहना था कि रोडवेज की हड़ताल के चलते उन्हें परेशानी हो रही है। उनके लिए विशेष रूप से बस की सुविधा उपलब्ध कराने के बजाय उन्हें बसों से उतारा जा रहा है। बाद में परिवहन निगम के अधिकारियों ने उन्हें समझाया तथा दूसरी बस में बैठवाकर उनके गंतव्यों तक पहुंचाया।