फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   1.25 lakh recovered from 47 farmers for burning stubble

पराली जलाने पर 47 किसानों से 1.25 लाख की वसूली

Sun, 07 Nov 2021 09:27 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 07 Nov 2021 09:27 PM IST
विज्ञापन
1.25 lakh recovered from 47 farmers for burning stubble
पलवल में खेत में जलती पराली से उठता धुआं। - फोटो : Palwal
पलवल। जिले में प्रदूषण का स्तर निरंतर बढ़ता जा रहा है। इस कारण लोगों को परेशानी भी होने लगी है। कृषि विभाग प्रदूषण बढ़ने के लिए किसानों को जिम्मेदार मान रहा है, जबकि दिवाली और गोवर्धन पर हुई बेतहाशा आतिशबाजी ने प्रदूषण को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। इस कारण रविवार को जिले का अधिकतम वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 368 और न्यूनतम 261 रहा, जोकि स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक है। प्रदूषण बढ़ने पर कृषि विभाग ने 68 स्थानों पर पराली जलाने के मामलों की पहचान कर 49 किसानों पर कार्रवाई की है। विभाग की तरफ से किसानों पर करीब 1.25 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। जबकि खुले में कूड़ा जलाने वाले तथा पटाखे बेचने वालों पर प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
विज्ञापन

प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित रखने के लिए एनजीटी ने पराली जलाने, पटाखे बेचने व चलाने पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बावजूद दिवाली से पूर्व जमकर पटाखों की बिक्री हुई। पर्व पर लोगों ने देर रात तक पटाखे भी चलाए, जिनसे निकलने वाले धुएं ने प्रदूषण के स्तर पर को एकाएक बढ़ा दिया। इसके अलावा जिले में पराली जलाने के मामलों की पहचान की गई है। सैटेलाइट द्वारा प्रशासन ने 68 स्थानों पर पराली जलाने की पहचान की। पराली और पटाखे जलाने के कारण रविवार को जिले का अधिकतम वायु गुणवत्ता सूचकांक 368 रहा, जोकि स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक है। प्रदूषण का स्तर बढ़ने से लोगों के आंखों में जलन व सांस जैसी बीमारियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

पराली जलाने के 68 मामले मिले
कृषि विभाग के एसडीओ कुलदीप तेवतिया ने बताया कि जिले में अब तक पराली जलाने के कुल 68 मामले सामने आए हैं। इनमें से 49 मामलों में कार्रवाई अमल में लाई गई। 49 में से 47 मामलों में 1.25 लाख की वसूली की गई है, जबकि दो लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। बाकी मामलों में भी जल्द कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

शहर में सबसे अधिक प्रदूषण
प्रदूषण का सबसे अधिक असर पलवल शहरी क्षेत्र में देखने को मिला रहा है। शहर की आबोहवा पूरी तरह से प्रदूषित है। इसका कारण शहर में चल रहे एलिवेटेड पुल का निर्माण कार्य भी है। पुल के निर्माण के कारण पूरे दिन राजमार्ग व लिंक मार्गों पर धूल उड़ती रहती है। ऐसे में प्रदूषण बढ़ना तय है। लोगों का इस धूल से सांस लेना मुश्किल हो रहा है। एक तो आसमान में दिवाली व गोवर्धन पर हुई आतिशबाजी का जहरीला धुआं तथा दूसरी तरफ धूल के गुबार से बढ़ रहे प्रदूषण के कारण सांस व आंख के मरीजों का तो बुरा हाल है।
आंखों में एलर्जी की बढ़ी समस्या
धूल और प्रदूषण से आंखों में एलजी की समस्या बढ़ रही है। बाहर निकलते ही लोगों की आंखों में खुजली शुरू हो जाती है। आंखें लाल होना तथा हर समय खुजली से लोगों को बेहद परेशानी हो रही है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जयदीप त्यागी का कहना है कि आंखों में ठंडे पानी की छीटे मारें तथा तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। डॉ. द्वारा दी जाने वाली दवाओं का प्रयोग करें। कोशिश करें कि बाहर कम निकलें तथा चश्मा लगाकर ही बाहर निकलें।
घर से निकलते वक्त मास्क का करें प्रयोग
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि दो दिनों से एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़ गया है। पटाखों के धुएं के कारण इंडेक्स बढ़ा है। यह स्तर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसके अलावा धूल के कारण भी इंडेक्स का स्तर बढ़ जाता है। दो से तीन दिन में इंडेक्स का स्तर सामान्य हो सकता है। घरों से निकलते समय मास्क का प्रयोग करना चाहिए।

आतिशबाजी से बढ़ा प्रदूषण, गर्म पानी का करें सेवन
जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह का कहना है दिवाली व गोवर्धन पर्व पर हुई आतिशबाजी से आसमान में धुआं फैला है। इससे प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में अपना बचाव रखें तथा मास्क पहनकर ही बाहर निकलें। प्रदूषण से सामान्य व्यक्ति को भी सांस की दिक्कत हो सकती है। ऐसे में गर्म पानी का सेवन करें तथा ठंडे पेय पदार्थों से बचें। बाहर वस्तुओं को खाने से भी बचें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed