धान की बोली न होने पर किसानों ने दिया धरना

फतेहाबाद/ब्यूरो Updated Fri, 25 Oct 2013 09:30 PM IST
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Paddy quote did not farmers encompass

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हरियाणा के जिला फतेहाबाद की अनाज मंडी में शुक्रवार दोपहर बाद तक धान की बोली शुरू न होने से गुस्साए किसानाें ने लालबत्ती चौक पर जाम लगा दिया।
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हालांकि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर थोड़ी देर के बाद जाम खुलवा दिया, लेकिन एक घंटे बाद फिर बोली शुरू नहीं हुई तो भारी संख्या में एकत्रित किसानाें ने लालबत्ती चौक पर धरना देते दोबारा जाम लगा दिया।
करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा। इसके बाद साढ़े तीन बजे मार्केट कमेटी के सचिव संजीव सचदेवा और थाना प्रभारी गौरव शर्मा द्वारा बोली शुरू करवाने के आश्वासन पर किसान शांत हुए।
मंडी में उठान न होने के कारण जगह-जगह धान की ढेरियाें के अंबार लगे हैं। अब तो किसानाें ने सब्जी मंडी में भी धान की अनलोडिंग शुरू कर दी है।

शुक्रवार को मंडी में जगह न होने की वजह से खरीद एजेंसियाें ने धान की खरीद नहीं की। दूर-दराज के गांवाें से धान लेकर बैठे किसान अधिकारियाें से बोली का अनुरोध किया, लेकिन अधिकारियाें पर इसका कोई असर नहीं हुआ।

अधिकारियाें का कहना था कि जो धान मंडी में पड़ा है, उसकी लिफ्टिंग के बाद ही नए धान की बोली होगी। इससे गुस्साए किसान करीब डेढ़ बजे लालबत्ती चौक पर पहुंच गए और जाम लगा दिया।

नेशनल हाईवे पर जाम की सूचना पाकर यातायात पुलिस और सिटी थाना प्रभारी गौरव शर्मा वहां पहुंचे और किसानों को आश्वासन दिया कि धान की बोली अभी शुरू करवा दी जाएगी।

लेकिन एक घंटे तक भी धान की बोली शुरू नहीं हुई तो दरियापुर के पूर्व सरपंच जरनैल सिंह, उत्तम सिंह, अहलीसदर के नछतर सिंह के नेतृत्व में किसान काफी संख्या में एकत्रित होकर वहीं पहुंच गए और धरना देकर बैठ गए।

जाम से वाहनों की कतार लगने की सूचना पर पुलिस व मार्केट कमेटी के सचिव वहां पहुंचे और उन्हाेंने किसानाें को तुरंत बोली करवाने का आश्वासन दिया।

बोली शुरू होने के बाद ही किसानाें ने जाम खोला। करीब एक घंटे तक लगे जाम में नेशनल हाईवे पर हिसार व सिरसा की तरफ लंबी-लंबी कतारें लग गई। इससे लोगाें को परेशानी का सामना करना पड़ा।


परमल ए ग्रेड धान 1580 रुपये में बिका
फतेहाबाद की अनाजमंडी में परमल ए ग्रेड धान 1580 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिका। मालूम हो कि इसका सरकारी रेट 1335 है।

परमल ए ग्रेड को निजी परचेजर खरीदने में खासी रुचि ले रहे है। इस कारण धान के दाम सरकारी के रेट से भी ज्यादा हो गए हैं, जबकि 1121 के दाम 300 रुपये कम होकर 3600 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है।

पानी तक की व्यवस्था नहीं
अनाज मंडी में धान लेकर बैठे गांव करनौली के किसान दलीप सिंह, ढाणी माजरा के अजायब सिंह, नुरकीअहली के रोशनलाल ने बताया कि मंडी में तीन दिन से धान लेकर बैठे हैं।

धान की बोली नहीं हो रही है। इसके अलावा बैठने की जगह नहीं है और न ही नहाने-धोने की। किसानाें के लिए मार्केट कमेटी द्वारा बनाया गया भव्य किसान विश्राम गृह पर ताला लगा हुआ है।

किसानाें का आरोप था कि इस विश्राम गृह में किसानाें को तो बैठने नहीं दिया जाता, जबकि अन्य लोगाें के लिए एसी कमरे खोल दिए जाते हैं।

सहायक सचिव का कहना है कि किसानाें के नहाने-धोने के लिए विश्राम गृह का पिछला गेट खुला है।

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