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Mahendragarh-Narnaul News: करंट लगने से युवक झुलसा, बचाने दौड़े युवक की मौत
Tue, 07 Jul 2026 11:52 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 07 Jul 2026 11:52 PM IST
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फोटो नंबर- 18नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर खड़े परिजन। संवाद
नारनौल। नांग तिहाड़ी गांव में बिजली के ढीले तारों के कारण सोमवार की देर रात 11:30 बजे बड़ी घटना हो गई। डीजे पर तिरपाल डालते समय करंट लगने से 32 वर्षीय हरीश गंभीर रूप से झुलस गया, जबकि उसे बचाने दौड़े युवक चेतराम (24) की मौत हो गई। घायल का जयपुर के अस्पताल में उपचार चल रहा है। घटना के बाद गांव में मातम छाया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण घटना हुई। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाए। गांव के पूर्व सरपंच सुरेंद्र पाराशर ने बताया कि हरीश डीजे का काम करता है।
सोमवार रात करीब 11:30 बजे वह एक कार्यक्रम से लौटने के बाद बारिश से बचाने के लिए अपने डीजे पर तिरपाल डाल रहा था। इसी दौरान ऊपर से गुजर रहे बिजली के ढीले तार डीजे से छू गए और पूरे ढांचे में करंट दौड़ गया। हरीश इसकी चपेट में आ गया और मौके पर ही तड़पने लगा।
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उसी समय खेत से लौट रहे चेतराम और उसके चाचा दौलतराम की नजर हरीश पर पड़ी। हरीश को बचाने के लिए चेतराम तुरंत उसकी ओर दौड़ा, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गया।
परिजनों और ग्रामीणों ने दोनों को तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने चेतराम को मृत घोषित कर दिया, जबकि हरीश की हालत गंभीर होने पर उसे प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर कर दिया गया। उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बिजली के तार लंबे समय से नीचे झूल रहे हैं। इसकी शिकायत कई बार बिजली विभाग को दी गई, लेकिन अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। लोगों का आरोप है कि समय रहते तारों को ठीक कर दिया जाता तो यह हादसा टल सकता था।
मृतक चेतराम अविवाहित था और खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का सहारा था। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है तथा इसी वर्ष फरवरी में उसकी बहन की शादी हुई थी। अब परिवार में उसकी मां अकेली रह गई हैं। वहीं घायल हरीश भी अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है। उसके पिता का भी पहले निधन हो चुका है। हादसे के बाद दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण घटना हुई। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाए। गांव के पूर्व सरपंच सुरेंद्र पाराशर ने बताया कि हरीश डीजे का काम करता है।
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सोमवार रात करीब 11:30 बजे वह एक कार्यक्रम से लौटने के बाद बारिश से बचाने के लिए अपने डीजे पर तिरपाल डाल रहा था। इसी दौरान ऊपर से गुजर रहे बिजली के ढीले तार डीजे से छू गए और पूरे ढांचे में करंट दौड़ गया। हरीश इसकी चपेट में आ गया और मौके पर ही तड़पने लगा।
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उसी समय खेत से लौट रहे चेतराम और उसके चाचा दौलतराम की नजर हरीश पर पड़ी। हरीश को बचाने के लिए चेतराम तुरंत उसकी ओर दौड़ा, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गया।
परिजनों और ग्रामीणों ने दोनों को तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने चेतराम को मृत घोषित कर दिया, जबकि हरीश की हालत गंभीर होने पर उसे प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर कर दिया गया। उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बिजली के तार लंबे समय से नीचे झूल रहे हैं। इसकी शिकायत कई बार बिजली विभाग को दी गई, लेकिन अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। लोगों का आरोप है कि समय रहते तारों को ठीक कर दिया जाता तो यह हादसा टल सकता था।
मृतक चेतराम अविवाहित था और खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का सहारा था। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है तथा इसी वर्ष फरवरी में उसकी बहन की शादी हुई थी। अब परिवार में उसकी मां अकेली रह गई हैं। वहीं घायल हरीश भी अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है। उसके पिता का भी पहले निधन हो चुका है। हादसे के बाद दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।