फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Worry of farmers increased due to changing weather, cold wave increased cold

बदलते मौसम से बढ़ी किसानों की चिंता, शीतलहर से बढ़ी ठंड

Thu, 03 Feb 2022 11:42 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 03 Feb 2022 11:42 PM IST
विज्ञापन
Worry of farmers increased due to changing weather, cold wave increased cold
नारनौल क्षेत्र में छाये घने बादल। संवाद - फोटो : Narnol
तीन-चार दिनों से क्षेत्र में मौसम साफ रहने के साथ तेज धूप खिलने के बाद बुधवार रात से मौसम एक बार फिर से परिवर्तनशील है। वीरवार को सुबह से ही बादल छाये रहे। वहीं शीत लहर का भी प्रकोप बना रहा। जिससे एक बार फिर ठंड में बढ़ोतरी हो गई है। मौसम परिवर्तन से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी दिखाई देने लगी है। क्योंकि मौसम विभाग ने दो दिन तक बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में किसानों को चिंता सताने लगी है की अगर ओलावृष्टि हुई तो उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। सरसों अब पकने लगी है। रबी सीजन में सरसों की फसल ही किसानों की मुख्य फसल है। वहीं मौसम में आए बदलाव के चलते अधिकतम व न्यूनतम तापमान में कमी आई है। वीरवार को नारनौल का अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री व न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वर्तमान सक्रिय मौसम प्रणाली द्वारा रात को करीब 11 बजे से ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलनी शुरू हो गई थीं।
विज्ञापन

राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि जिला महेंद्रगढ़ पर इस मौसम प्रणाली का आंशिक प्रभाव देखने को मिला। नारनौल को छोड़कर महेंद्रगढ़ क्षेत्र में सतनाली, पाली, जाट, बुचोली, माधोगढ़, सोहला के आसपास हल्की बारिश की गतिविधियां देखने को मिली। 4 फरवरी को शाम तक इस मौसम प्रणाली का प्रभाव हरियाणा एनसीआर, दिल्ली से हटाना शुरू हो जाएगा। वीरवार को नारनौल का अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, परंतु जिले में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बर्फीली हवाएं चलने और आसपास बारिश की गतिविधियां और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि, बादल छाने की वजह से कंपकंपा देने वाली ठंड बढ़ गई है। उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में हिमपात होने की वजह से शुक्रवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज होगी। इसके साथ-साथ पवनों की गति में कमी आने पर कोहरा, धुंध की सफेद चादर जिले को अपने आगोश में लेने की संभावनाएं बन रही है।
विज्ञापन

ठंडी हवाओं से हुआ सर्दी का अहसास
नांगल चौधरी। मौसम में आए परिवर्तन ने एक बार फिर से लोगों को सर्दी का अहसास करवा दिया है। नांगल चौधरी में भी बदलते मौसम का असर देखने को मिला। बुधवार रात से ही तेज हवाओं के साथ आसमान में बादल छाए हुए रहे। किसानों की माने तो अब अगर बरसात और ओलावृष्टि हुई तो फसलों को नुकसान पहुंच सकता है, क्योंकि सरसों व चने की फसलें भी अपने पूरे यौवन पर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बता दें कि जनवरी माह में समय-समय पर हुई बरसात से फसलों को पानी देने की जरूरत नहीं पड़ी। जिससे फसलों की अच्छी ग्रोथ भी हुई है और लोगों को जोरदार सर्दी व कोहरे का सामना भी करना पड़ा। मगर बीते तीन-चार दिन पहले निकली तेज धूप से सर्दी कम हो गई थी, लेकिन एक बार फिर से मौसम के बदलते मिजाज व शीत लहर ने लोगों को एक बार फिर से सर्दी का एहसास करा दिया है। साथ ही किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed