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हकेविवि में शिक्षा-समीक्षा कार्यशाला का हुआ आयोजन
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंविवि) में आजादी का अमृत महोत्सव अभियान के तहत शिक्षा पीठ द्वारा शिक्षा-समीक्षा विषय पर सोमवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस कार्यशाला में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर ने अपने संदेश के माध्यम से कहा कि कोरोना काल में शिक्षण कार्य को सुचारु रूप से चलाने और विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए मार्गदर्शन प्रदान करने की दिशा में कार्यशाला बेहद उपयोगी हैं।
इनके माध्यम से विद्यार्थी अवश्य ही लाभान्वित होंगे। अभियान की नोडल अधिकारी प्रो. सारिका शर्मा ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव अभियान के अंतर्गत 75 सप्ताह तक होने वाले विभिन्न आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों का ज्ञान उपलब्ध कराया जाएगा।
विशेषज्ञ वक्ता एमडीयू रोहतक के शिक्षा विभाग की पूर्व प्रो. हेमंतलता शर्मा ने शिक्षण प्रक्रिया में अवधारणाओं की पहचान, व्यवहार के परिणामों को सूचीबद्ध करना, गतिविधियों, प्रयोगों को सूचीबद्ध करना, मूल्यांकन प्रक्रियाओं को सूचीबद्ध करने पर भी चर्चा की। सीआईईटी, एनसीईआरटी, नई दिल्ली की सहायक आचार्य डॉ. एंजेल रत्नाबाई ने शिक्षण-अधिगम को समृद्ध करने वाले विभिन्न प्लेटफॉर्म, उपकरणों के बारे में चर्चा की। विशेषज्ञ वक्ता का परिचय शिक्षा पीठ की सहायक आचार्य, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. किरण रानी ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर पीठ के शिक्षक, विद्यार्थी और शोधार्थी मौजूद रहे।
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इनके माध्यम से विद्यार्थी अवश्य ही लाभान्वित होंगे। अभियान की नोडल अधिकारी प्रो. सारिका शर्मा ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव अभियान के अंतर्गत 75 सप्ताह तक होने वाले विभिन्न आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों का ज्ञान उपलब्ध कराया जाएगा।
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विशेषज्ञ वक्ता एमडीयू रोहतक के शिक्षा विभाग की पूर्व प्रो. हेमंतलता शर्मा ने शिक्षण प्रक्रिया में अवधारणाओं की पहचान, व्यवहार के परिणामों को सूचीबद्ध करना, गतिविधियों, प्रयोगों को सूचीबद्ध करना, मूल्यांकन प्रक्रियाओं को सूचीबद्ध करने पर भी चर्चा की। सीआईईटी, एनसीईआरटी, नई दिल्ली की सहायक आचार्य डॉ. एंजेल रत्नाबाई ने शिक्षण-अधिगम को समृद्ध करने वाले विभिन्न प्लेटफॉर्म, उपकरणों के बारे में चर्चा की। विशेषज्ञ वक्ता का परिचय शिक्षा पीठ की सहायक आचार्य, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. किरण रानी ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर पीठ के शिक्षक, विद्यार्थी और शोधार्थी मौजूद रहे।
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