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महिला आयोग महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध : मीना परमार
Tue, 07 Jul 2026 11:25 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 07 Jul 2026 11:25 PM IST
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फोटो 2अस्पताल में मरीजों से हाल-चाल जानती वाइस चेयरमैन मीना परमार।स्रोत:प्रशासन
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नारनौल। हरियाणा राज्य महिला आयोग की वाइस चेयरमैन मीना परमार ने मंगलवार को अस्पताल, जेल, महिला थाना और वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि आयोग प्रदेश की महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आयोग के दरवाजे पीड़ितों के लिए 24 घंटे खुले हैं।
राज्य महिला आयोग की वाइस चेयरमैन ने सबसे पहले उन्होंने जिला जेल का निरीक्षण कर महिला बंदियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद वह नागरिक अस्पताल पहुंचीं, जहां महिला वार्डों में जाकर मरीजों का हाल-चाल जाना। सरकार की ओर से दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली।
उन्होंने लघु सचिवालय के पुराने भवन में भूतल पर स्थित वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। यहां महिलाओं को दी जा रही आश्रय व परामर्श सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने महिला पुलिस थाने का भी निरीक्षण किया। यहां सुरक्षा प्रबंधों और शिकायतों के निवारण की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को हिदायत दी कि आयोग के समक्ष आने वाली हर महिला की समस्या का पूरी संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
वाइस चेयरमैन ने महिला सुरक्षा और कल्याण से जुड़े अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला थानों और वन स्टॉप सेंटर जैसे संवेदनशील स्थानों पर आने वाली पीड़ित महिलाओं को किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। इस मौके पर जेल अधीक्षक संजय बांगड़, सीएमओ डॉक्टर अशोक कुमार, महिला थाना एसएचओ मंजूशा, संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा तथा वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक वंदना यादव के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
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राज्य महिला आयोग की वाइस चेयरमैन ने सबसे पहले उन्होंने जिला जेल का निरीक्षण कर महिला बंदियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद वह नागरिक अस्पताल पहुंचीं, जहां महिला वार्डों में जाकर मरीजों का हाल-चाल जाना। सरकार की ओर से दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली।
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उन्होंने लघु सचिवालय के पुराने भवन में भूतल पर स्थित वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। यहां महिलाओं को दी जा रही आश्रय व परामर्श सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने महिला पुलिस थाने का भी निरीक्षण किया। यहां सुरक्षा प्रबंधों और शिकायतों के निवारण की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को हिदायत दी कि आयोग के समक्ष आने वाली हर महिला की समस्या का पूरी संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
वाइस चेयरमैन ने महिला सुरक्षा और कल्याण से जुड़े अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला थानों और वन स्टॉप सेंटर जैसे संवेदनशील स्थानों पर आने वाली पीड़ित महिलाओं को किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। इस मौके पर जेल अधीक्षक संजय बांगड़, सीएमओ डॉक्टर अशोक कुमार, महिला थाना एसएचओ मंजूशा, संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा तथा वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक वंदना यादव के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।