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Mahendragarh-Narnaul News: गेहूं बिजाई के लिए मौसम हुआ अनुकूल, 10 से बिजाई शुरू कर सकते हैं किसान
Sat, 09 Nov 2024 10:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 09 Nov 2024 10:51 PM IST
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महेंद्रगढ़। गेहूं बिजाई के लिए अनुकूल समय को लेकर इस बार किसानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
कृषि विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों के अनुसार अब किसान 10 नवंबर से गेहूं की बिजाई शुरू कर सकते हैं। हालांकि गेहूं बिजाई के बाद इसके अंकुरण के लिए 28 से 32 डिग्री अधिकतम तापमान अनुकूल है। लेकिन इस बार अधिकतम तापमान 30 से अधिक व न्यूनतम 16 डिग्री के आसपास चल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनों में अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी तथा गेहूं की जमवार भी अच्छी हो सकेगी। 10 से 25 नवंबर तक गेहूं की अगेती तथा 15 दिसंबर तक पछेती किस्मों की बिजाई कर सकते हैं।
किसान जुटे हैं खेतों की तैयारी में
पिछले चार-पांच वर्षों से गेहूं का औसत रकबा 75 हजार एकड़ रहा है। गेहूं को अधिक पानी की खेती माना जाता है जिसके कारण महेंद्रगढ़ जिले में रबी की प्रमुख फसल के रूप में किसान भी सरसों की अधिक बिजाई करते हैं। वहीं डार्क जोन में शामिल महेंद्रगढ़ जिले में नहरी पानी का अभाव भी गेहूं उत्पादन को प्रभावित करता है। हालांकि कृषि बिजली आपूर्ति प्रतिदिन आठ घंटे के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन अघोषित कटों के कारण किसानों को तैयारियों में परेशानी आ रही है। लेकिन सरसों बिजाई का 95 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद अब किसानों ने भी गेहूं बिजाई के लिए खेतों की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि पिछले एक पखवाड़े अधिकतम तामान भी 33 से 37 डिग्री के आसपास रहा था। लेकिन आगामी एक सप्ताह में अधिकतम तापमान में गिरावट की संभावना रहेगी जो गेहूं अंकुरण के समय अनुकूल रहेगा। वहीं न्यूनतम में पिछले पखवाड़ से 12 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
किसान दस नवंबर से 25 नवंबर तक गेहूं की अगेती बिजाई कर सकते हैं। यह अनुकूल समय है, इस समय बिजाई से पैदावार भी अच्छी होती है। बिजाई से पूर्व बीच उपचार व संतुलित मात्रा में खादों का प्रयोग कर खेतों को अच्छी प्रकार से तैयार करें। दीमक की रोकथाम के लिए 50 किलोग्राम बीज को 75 एमएल क्लोरपाइरीफॉस 20-ईसी का दो लीटर पानी में घोल बनाकर बिजाई से आठ-दस घंटे पहले बीज पर फैलाकर अच्छी तरह मिलाएं। साथ बीज सुखने के बाद बवेस्टीन दवा के पाउडर से उपचारित कर बिजाई करें।
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-- - डॉ. जयलाल यादव, वरिष्ठ कीट वैज्ञानिक एवं वरिष्ठ संयोजक, कृषि विज्ञान केंद्र।
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कृषि विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों के अनुसार अब किसान 10 नवंबर से गेहूं की बिजाई शुरू कर सकते हैं। हालांकि गेहूं बिजाई के बाद इसके अंकुरण के लिए 28 से 32 डिग्री अधिकतम तापमान अनुकूल है। लेकिन इस बार अधिकतम तापमान 30 से अधिक व न्यूनतम 16 डिग्री के आसपास चल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनों में अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी तथा गेहूं की जमवार भी अच्छी हो सकेगी। 10 से 25 नवंबर तक गेहूं की अगेती तथा 15 दिसंबर तक पछेती किस्मों की बिजाई कर सकते हैं।
किसान जुटे हैं खेतों की तैयारी में
पिछले चार-पांच वर्षों से गेहूं का औसत रकबा 75 हजार एकड़ रहा है। गेहूं को अधिक पानी की खेती माना जाता है जिसके कारण महेंद्रगढ़ जिले में रबी की प्रमुख फसल के रूप में किसान भी सरसों की अधिक बिजाई करते हैं। वहीं डार्क जोन में शामिल महेंद्रगढ़ जिले में नहरी पानी का अभाव भी गेहूं उत्पादन को प्रभावित करता है। हालांकि कृषि बिजली आपूर्ति प्रतिदिन आठ घंटे के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन अघोषित कटों के कारण किसानों को तैयारियों में परेशानी आ रही है। लेकिन सरसों बिजाई का 95 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद अब किसानों ने भी गेहूं बिजाई के लिए खेतों की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि पिछले एक पखवाड़े अधिकतम तामान भी 33 से 37 डिग्री के आसपास रहा था। लेकिन आगामी एक सप्ताह में अधिकतम तापमान में गिरावट की संभावना रहेगी जो गेहूं अंकुरण के समय अनुकूल रहेगा। वहीं न्यूनतम में पिछले पखवाड़ से 12 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
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किसान दस नवंबर से 25 नवंबर तक गेहूं की अगेती बिजाई कर सकते हैं। यह अनुकूल समय है, इस समय बिजाई से पैदावार भी अच्छी होती है। बिजाई से पूर्व बीच उपचार व संतुलित मात्रा में खादों का प्रयोग कर खेतों को अच्छी प्रकार से तैयार करें। दीमक की रोकथाम के लिए 50 किलोग्राम बीज को 75 एमएल क्लोरपाइरीफॉस 20-ईसी का दो लीटर पानी में घोल बनाकर बिजाई से आठ-दस घंटे पहले बीज पर फैलाकर अच्छी तरह मिलाएं। साथ बीज सुखने के बाद बवेस्टीन दवा के पाउडर से उपचारित कर बिजाई करें।
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