फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Water spreads across park pathways; neglect has taken the place of greenery.

Mahendragarh-Narnaul News: पार्कों की पगडंडी पर पसरा पानी, हरियाली की जगह बदहाली का बसेरा

Sun, 02 Aug 2026 11:40 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2026 11:40 PM IST
विज्ञापन
Water spreads across park pathways; neglect has taken the place of greenery.
फोटो नंबर- 18हुडा सेक्टर ​स्थित उद्यम सिंह पार्क में जमा दू​षित पानी व कीचड़। संवाद
नारनौल। शहर के पॉश इलाके हुडा सेक्टर के 17 पार्क बदहाली की तस्वीर बने हुए हैं। जहां कभी हरियाली और सैर-सपाटे के लिए लोग पहुंचते थे, वहां अब जलभराव, गंदगी और झाड़ियों का कब्जा है। कई पार्कों में महीनों से जमा पानी के कारण मच्छर, सांप और बिच्छुओं का खतरा बढ़ गया है। पिछले साल उद्यम सिंह पार्क में दो बच्चों की मौत के बाद भी हालात नहीं सुधरे हैं।
विज्ञापन

सेक्टर में उद्यम सिंह, विवेकानंद और महाराणा प्रताप सहित कई पार्क हैं, जहां लंबे समय से जलभराव और गंदगी की समस्या बनी हुई है। बारिश के दौरान उद्यम सिंह पार्क में तीन फीट तक पानी भर जाता है। प्रशासन की ओर से केवल पंप सेट लगाकर पानी निकालने की औपचारिकता पूरी की जाती है, जबकि पूरे साल पार्क में पानी और कीचड़ जमा रहता है।
विज्ञापन

पार्कों में लगे बच्चों के झूले जंग खा चुके हैं। झाड़ियों में सांप और बिच्छू पनप रहे हैं, जो आसपास के घरों में घुसकर खतरा पैदा कर रहे हैं। बच्चों की मौत के बाद अधिकारियों ने पार्कों का निरीक्षण किया था लेकिन इसके बाद भी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी और कीचड़ के कारण लोग पार्कों में जाना छोड़ चुके हैं। इसका फायदा असामाजिक तत्व उठा रहे हैं। शाम के समय पार्कों में नशीले पदार्थों के खाली रैपर और अन्य कचरा फैला नजर आता है।
नाली का पानी भी पहुंच रहा पार्कों में
बारिश के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से मोती नगर और हुडा सेक्टर का पानी पार्कों में जमा हो जाता है। इसके अलावा सीवर लीकेज के कारण दूषित पानी भी पार्कों में पहुंच रहा है। कुछ घरों की नालियों का पानी पाइप के माध्यम से पार्कों में छोड़ा जा रहा है।
पानी निकालने के लिए लोगों ने खरीदा पाइप
पार्कों से पानी निकालने के लिए प्रशासन ने पंप सेट लगाया है, लेकिन पाइप खराब होने के कारण काम प्रभावित रहता है। इसके बाद स्थानीय लोगों ने अपने खर्चे से पाइप खरीदकर प्रशासन को उपलब्ध कराया, ताकि पानी निकासी का काम जारी रह सके।
पेड़ों को भी हो रहा नुकसान
पार्कों में प्रशासन की ओर से पौधरोपण अभियान के तहत पौधे लगाए गए थे लेकिन लगातार जलभराव के कारण कई पेड़ जड़ सहित गिर चुके हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार अब तक सैकड़ों पेड़ों को नुकसान पहुंच चुका है जिससे पार्कों की हरियाली खत्म होती जा रही है।
....................
बीते दिन मेरे पड़ोसी के घर में दो सांप घुस गए थे। काफी प्रयास के बाद उन्हें बाहर निकाला गया। बारिश के मौसम में सांप और बिच्छुओं का डर बना रहता है।-पृथ्वी पाल, स्थानीय निवासी
..............
पार्क में फलदार, छायादार और औषधीय पौधे लगाए गए थे, लेकिन पानी जमा रहने से सभी खराब हो गए। पहले से लगे पेड़ भी लगातार गिर रहे हैं।-राजेंद्र कुमार, स्थानीय निवासी
.................
मेरा घर पार्क के सामने है। कूलर चलाने पर दूषित पानी की दुर्गंध कमरे तक पहुंचती है। मच्छर जनित बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।-रिंकू यादव, स्थानीय निवासी

वर्जन :
पार्कों की बदहाल स्थिति का मुद्दा जनपरिवेदना समिति की बैठक में उठाया गया था। इसके बाद निकाय मंत्री ने 15 दिन में पार्कों की सफाई और पानी निकासी की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे।-नरेश चौधरी, प्रधान, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed