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Mahendragarh-Narnaul News: नहरों की सफाई नहीं हाेने से कम पहुंच रहा पानी
Thu, 28 Nov 2024 12:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 28 Nov 2024 12:26 AM IST
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नारनौल। रबी सीजन में नहरों के टेल तक पानी पहुंचाने के विभाग ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। सिंचाई विभाग ने नारनौल सर्कल की माइनरों की सफाई के लिए करीब 50 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। इसमें नारनौल उपमंडल एक के अधीन आने वाली 11 और उपमंडल दो के अधीन आने वाली 13 माइनर की सफाई होगी।
अब विभाग ने काम शुरू कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। नहरों की सफाई होने से पानी टेल तक पहुंच सकेगा। वैसे भी इस समय किसानों को फसल में पहला पानी देने के लिए आवश्यकता ज्यादा रहती है। अब पानी की मात्रा कम पहुंचने से किसानों को भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। बता दें कि माइनर में मिट्टी के जमा होने से पानी कम मिल रहा है। अब इस समस्या के निदान के लिए सिंचाई विभाग ने सफाई के लिए टेंडर लगाया है।
जिले में गेहूं व सरसों की करीब ढाई से तीन लाख हेक्टेयर में खेती की जाती है। जिन गांवों में भूजल स्तर काफी नीचे जा चुका है, उन किसानों को नहरी पानी की ज्यादा आवश्यकता रहती है। अगर समय पर फसल में पानी मिल जाए तो बेहतर पैदावार होने की संभावना रहती है।
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नहरों की साफ सफाई नहीं होने से नारनौल सर्कल में पानी कम पहुंच रहा है। नहर में 1250 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है, लेकिन नारनौल सर्कल को करीब 850 क्यूसेक पानी ही मिल रहा है। ऐसे में करीब 400 क्यूसेक पानी कम मिलने से अंतिम टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता है। अब सफाई होने से फिर से ज्यादा मात्रा में पानी उपलब्ध हो सकेगा।
इंसेट
सफाई होने से पानी के बहाव में आएगी तेजी
नहरों की साफ सफाई नहीं होने से पानी का बहाव धीमा हो जाता है। इसकी वजह से किसानों को टेल तक पानी नहीं मिल पाता है। इससे टेल तक पहुंचने से पहले ही पानी खत्म हो जाता है।
वर्जन
माइनर की सफाई के लिए टेंडर लगा दिया गया है। इसे जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। नहरों की साफ सफाई होने से पानी टेल तक आसानी से पहुंच सकेगा।-अशोक यादव, एसडीओ सिंचाई विभाग नारनौल।
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अब विभाग ने काम शुरू कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। नहरों की सफाई होने से पानी टेल तक पहुंच सकेगा। वैसे भी इस समय किसानों को फसल में पहला पानी देने के लिए आवश्यकता ज्यादा रहती है। अब पानी की मात्रा कम पहुंचने से किसानों को भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। बता दें कि माइनर में मिट्टी के जमा होने से पानी कम मिल रहा है। अब इस समस्या के निदान के लिए सिंचाई विभाग ने सफाई के लिए टेंडर लगाया है।
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जिले में गेहूं व सरसों की करीब ढाई से तीन लाख हेक्टेयर में खेती की जाती है। जिन गांवों में भूजल स्तर काफी नीचे जा चुका है, उन किसानों को नहरी पानी की ज्यादा आवश्यकता रहती है। अगर समय पर फसल में पानी मिल जाए तो बेहतर पैदावार होने की संभावना रहती है।
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नहरों की साफ सफाई नहीं होने से नारनौल सर्कल में पानी कम पहुंच रहा है। नहर में 1250 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है, लेकिन नारनौल सर्कल को करीब 850 क्यूसेक पानी ही मिल रहा है। ऐसे में करीब 400 क्यूसेक पानी कम मिलने से अंतिम टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता है। अब सफाई होने से फिर से ज्यादा मात्रा में पानी उपलब्ध हो सकेगा।
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सफाई होने से पानी के बहाव में आएगी तेजी
नहरों की साफ सफाई नहीं होने से पानी का बहाव धीमा हो जाता है। इसकी वजह से किसानों को टेल तक पानी नहीं मिल पाता है। इससे टेल तक पहुंचने से पहले ही पानी खत्म हो जाता है।
वर्जन
माइनर की सफाई के लिए टेंडर लगा दिया गया है। इसे जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। नहरों की साफ सफाई होने से पानी टेल तक आसानी से पहुंच सकेगा।-अशोक यादव, एसडीओ सिंचाई विभाग नारनौल।