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जलघर में डूबने से सिसोठ के युवक की मौत, 12 घंटे बाद मिला शव
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गांव सिसोठ में जन स्वास्थ्य विभाग के पानी का टैंक जिसमें डुबने से युवक मौत हुई
- फोटो : Narnol
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गांव सिसोठ के जलघर में पैर फिसलने से वीरवार शाम करीब पांच बजे 26 वर्षीय युवक की पानी में डूबने से मौत हो गई। परिजनों की शिकायत के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। पुलिस के देरी से पहुंचने से गुस्साए ग्रामीणों ने रोड जाम कर दिया। पुलिस ने ग्रामीणों व गोता खोरों के सहयोग से पानी के टैंक में उतरकर युवक की तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। शुक्रवार सुबह टैंक की दीवार तोड़कर पानी खाली कराया गया। तब गोताखोरों ने शव को बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार गांव सिसोठ निवासी 26 अमित वीरवार की शाम को अपने दोस्तों के साथ गांव के बाहरी हिस्से में घूमने-फिरने गया था। इस दौरान अमित जलघर के पास गया था। लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आया। बाद में परिवार के लोग उसे खोजते हुए जलघर के पास पहुंचे। जहां अमित के जलघर में डूबने का आशंका हुई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर शव को खोजने का प्रयास किया। करीब सात बजे तक अमित का शव नहीं मिला तो परिजनों ने पुलिस को फोन किया और गोताखोरों की मदद मांगी। साथ ही जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी जलघर में युवक के डूबने की सूचना दी गई। काफी देर तक पुलिस नहीं पहुंची तो गुस्साए ग्रामीणों व परिजनों ने करीब आठ बजे महेंद्रगढ़-दादरी नेशनल हाईवे नंबर 148बी पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाकर जाम खुुलवाया। इसके बाद पुलिस ने स्थानीय गोताखारों की मदद से युवक की तलाश की। जिसमें सफलता नहीं मिली।
जलघर के कर्मचारियों ने बताया कि जलघर करीब 20 फुट गहरा है, जिसमें 14 फीट पानी भरा हुआ है। इसके बाद ग्रामीणों ने लंबे डंडों के सहारे युवक की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे जेसीबी की मदद से जलघर की दीवार को तोड़ा और पानी कम होने के बाद शव को खोजने का प्रयास शुरू हुआ। सुबह करीब छह बजे शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने उप नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया।
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पहले भी हो चुके हैं हादसे
जलघर में पहले भी डूबने से चार युवकों की मौत हो चुकी है। करीब तीन साल पहले एक साथ तीन युवक भी डूब गए थे। इनमें से दो युवकों की मौत हुई थी। जलघर के कर्मचारी ने बताया कि जलघर की चहारदीवारी ऊंची नहीं है। जिस कारण कोई भी जलघर में आसानी से घुस जाता है। जलघर का गेट भी नहीं है।
सबसे छोटा था अमित
अमित के पिता श्योताज ने बताया कि वह मजदूरी का काम करते हैं। उनके तीन बेटे हैं। जिसमें बड़ा बेटा सुनील, मध्यम जिले सिंह शादीशुदा हैं। तीसरा बेटा अमित 26 वर्षीय अविवाहित था। वह मजदूरी का काम करता था।
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जानकारी के अनुसार गांव सिसोठ निवासी 26 अमित वीरवार की शाम को अपने दोस्तों के साथ गांव के बाहरी हिस्से में घूमने-फिरने गया था। इस दौरान अमित जलघर के पास गया था। लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आया। बाद में परिवार के लोग उसे खोजते हुए जलघर के पास पहुंचे। जहां अमित के जलघर में डूबने का आशंका हुई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर शव को खोजने का प्रयास किया। करीब सात बजे तक अमित का शव नहीं मिला तो परिजनों ने पुलिस को फोन किया और गोताखोरों की मदद मांगी। साथ ही जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी जलघर में युवक के डूबने की सूचना दी गई। काफी देर तक पुलिस नहीं पहुंची तो गुस्साए ग्रामीणों व परिजनों ने करीब आठ बजे महेंद्रगढ़-दादरी नेशनल हाईवे नंबर 148बी पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाकर जाम खुुलवाया। इसके बाद पुलिस ने स्थानीय गोताखारों की मदद से युवक की तलाश की। जिसमें सफलता नहीं मिली।
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जलघर के कर्मचारियों ने बताया कि जलघर करीब 20 फुट गहरा है, जिसमें 14 फीट पानी भरा हुआ है। इसके बाद ग्रामीणों ने लंबे डंडों के सहारे युवक की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे जेसीबी की मदद से जलघर की दीवार को तोड़ा और पानी कम होने के बाद शव को खोजने का प्रयास शुरू हुआ। सुबह करीब छह बजे शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने उप नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया।
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पहले भी हो चुके हैं हादसे
जलघर में पहले भी डूबने से चार युवकों की मौत हो चुकी है। करीब तीन साल पहले एक साथ तीन युवक भी डूब गए थे। इनमें से दो युवकों की मौत हुई थी। जलघर के कर्मचारी ने बताया कि जलघर की चहारदीवारी ऊंची नहीं है। जिस कारण कोई भी जलघर में आसानी से घुस जाता है। जलघर का गेट भी नहीं है।
सबसे छोटा था अमित
अमित के पिता श्योताज ने बताया कि वह मजदूरी का काम करते हैं। उनके तीन बेटे हैं। जिसमें बड़ा बेटा सुनील, मध्यम जिले सिंह शादीशुदा हैं। तीसरा बेटा अमित 26 वर्षीय अविवाहित था। वह मजदूरी का काम करता था।