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Mahendragarh-Narnaul News: सात जन्मों के साथ रहने की कसमें खाई, सात महीने बाद ही हमेशा के लिए हो गए दूर

Fri, 14 Jul 2023 01:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Fri, 14 Jul 2023 01:03 AM IST
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Vows to be with seven births, after seven months gone away forever
महेंद्रगढ़। दिल्ली नांगलोई निवासी सोमेश शादी के बाद पहली बार बाबा खाटूश्याम के दर्शन करने जा रहे थे। दोनों गठजोड़े से बाबा के दर्शन कर परिवार की मन्नतें मांगने वाले थे। नवंबर महीने में दोनों ने सात फेरे लेकर सात जन्मों के साथ रहने की कसमें खाई थीं लेकिन सात जन्म तो दूर शादी के सात महीने बाद ही बाद दोनों राष्ट्रीय राजमार्ग 152 डी पर सड़क हादसे में हमेशा के लिए दूर हो गए। हादसे में घायल सोमेश की पत्नी रेवाड़ी एक निजी अस्पताल में भर्ती है जबकि पति सोमेश की मौके पर मौत हो गई।
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सोमेश ने नवंबर महीने में निशी के साथ सात फेरे लिये थे। शादी के बाद उन्होंने बाबा खाटूश्याम का दर्शन करने जाना था। सोमेश के जीजा धर्मेंद्र हर महीने खाटूश्याम जाते थे लेकिन इस बार साले के कहने पर दोनों परिवारों ने एक साथ टूर बना लिया। वीरवार की सुबह सोमेश, पत्नी निशी, जीजा धर्मेंद्र, बहन रेणु, भांजा आरव, भांजी मिस्टी सभी कार से खाटूश्याम के दर्शन करने के लिए चल पड़े थे। उनको बाबा के दर्शन कर अगले दिन सुबह आना था। गांव बचीनी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 152 डी एक्सप्रेस हाईवे पर ट्राले ने अचानक ब्रेक ले लिए जिससे उनकी गाड़ी सीधी ट्राले में जा टकराई। इस हादसे में सोमेश, जीजा धर्मेंद्र, बहन रेणु और ढाई वर्ष की भांजी की मौके पर मौत हो गई जबकि निशी और आरव गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को नागरिक अस्पताल में उपचार देने के बाद हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया।
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धर्मेंद्र के परिवार से बस बेटा बचा
इस हादसे में धर्मेंद्र, उसकी पत्नी रेणु तथा नन्ही प्यारी सी बेटी मिस्टी की मौत हो गए। धर्मेंद्र दिल्ली में कपड़े का शोरूम चलाता था। उसके एक छोटा भाई जोकि प्राइवेट जॉब करता है। पिता बिशंभर रोडवेज विभाग से सेवानिवृत है। धर्मेंद्र उनकी पत्नी और बेटी की हादसे में मौत हो गई। धर्मेंद्र का एक दस साल का बेटा आरव बचा है जोकि घायल है। आरव दूसरी कक्षा में पढ़ता है।
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जिला पार्षद प्रतिनिधि ने बचाई दो की जान
महेंद्रगढ़ के वार्ड नंबर 8 से जिला पार्षद प्रतिनिधि रामकिशन उर्फ जीवन हादसे की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचा। उसने बताया कि जब वह वहां पहुंचा तब तक पुलिस नहीं पहुंची थी। उसने सबसे पहले घायल निशी और आरव को गाड़ी से बाहर निकाला और उनको एनएचएआई की एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद उसने एक-एक करके सभी शवों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। उसने बताया कि उसने सूचना लगते ही पुलिस को 112 पर कॉल कर दी थी लेकिन पुलिस 40 मिनट बाद वहां पहुंची थी।


स्वास्थ्य विभाग पर लगाया आरोप
पार्षद प्रतिनिधि रामकिशन उर्फ जीवन ने आरोप लगाया कि घायलों को हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया था। इस दौरान अस्पताल के स्टाफ को एंबुलेंस भेजे जाने के लिए कहा गया तो स्टाफ ने एंबुलेंस का ड्राइवर नहीं होने की बात कही। स्टाफ ने प्राइवेट एंबुलेंस से ले जाने के बारे में कहा। पार्षद प्रतिनिधि ने बताया कि वो स्वयं की गाड़ी लेकर घायलों को रेवाड़ी के निजी अस्पताल तक छोड़कर आए। रामकिशन उर्फ जीवन ने कहा कि वो इस संबंध में डीसी से शिकायत भी करेंगे।
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