महेंद्रगढ़। गांव बवाना के लोगों ने नहर में पानी और अधीक्षक अभियंता को निलंबित करने की मांग को लेकर रविवार को पांचवें दिन भी धरना दिया। ग्रामीणों ने आंखों पर काली पट्टी बांधकर प्रशासन का विरोध जताया। ग्रामीणों ने कहा कि समस्या का समाधान करने की बजाए सरकार और प्रशासन ने आंखों पर पट्टी बांध ली है। लोगों के दुख तकलीफ सरकार को नजर नहीं आ रहे।
बवाना माइनर निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने पांचवें दिन रविवार को भी धरना दिया। ग्रामीणों ने आंखों पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गूंगी-बहरी सरकार को अब दिखाई देना भी बंद हो गया है। शनिवार को महिलाओं ने मटका फोड़ प्रदर्शन किया था। धरने का नेतृत्व देवदत्त शर्मा ने किया। प्रजा भलाई संगठन के अध्यक्ष ठाकुर अतरलाल ने धरने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जल्द इस माइनर पर कार्य शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन को तेज करेंगे। धरने पर संबोधित करते हुए अक्षय मालड़ा ने कहा कि इस माइनर के बजट को सितंबर 2019 में मंजूरी मिल गई थी। अधिकारियों की लापरवाही की वजह से यह काम शुरू नहीं हो पाया। जब ग्रामीण मामले की जानकारी लेने जाते हैं तो अधिकारी अपशब्द बोलते हैं। ग्रामीणों ने कहा जब तक माइनर का निर्माण कार्य शुरू नहीं होता व अधीक्षक अभियंता को निलंबित नहीं किया जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा। इस मौके पर राजेन्द्र, मालड़ा के पूर्व सरपंच ईश्वर सिंह, सुल्तान सिंह, रामपाल, पप्पू शर्मा, थावर सिंह, प्रदीप, अनिल, सोनू व मुकेश समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।