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शिक्षा विभाग निदेशक के नेतृत्व में 100 अधिकारियों का अमला पहुंचा महेंद्रगढ़

Fri, 11 Nov 2022 11:43 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 11 Nov 2022 11:43 PM IST
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Under the leadership of Director of Education Department, a staff of 100 officers reached Mahendragarh
शिक्षा विभाग की ओर से शुक्रवार को महेंद्रगढ़ जिले में करीब 100 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में मैराथन मॉनीटरिंग की गई। पंचकूला से निदेशक सेकेंडरी स्कूल शिक्षा विभाग डॉ. अंशज सिंह के नेतृत्व में सभी विभागीय एचसीएस और दूसरे करीब 100 अधिकारियों ने इन स्कूलों में विभाग की ओर से चलाई जा रही एफएलएन, स्किल पासबुक, स्मार्ट क्लास रूम, विभाग की ओर से दी जाने वाली ग्रांट के बारे में बारीकी से जांच की।
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शिक्षा दीक्षा शैक्षणिक पर्यवेक्षण के बारे में विभागीय प्रवक्ता ने बताया कि निरीक्षण के दौरान अधिकतर स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सही पाया गया, लेकिन ज्यादातर शिक्षक पुरानी पद्धति से ही अपनी क्लास लगा रहे थे। डॉ. अंशज सिंह ने शिक्षकों को किताबी ज्ञान से हटकर नई तकनीक से पढ़ाने का सुझाव दिया। उन्होंने पढ़ाई को रुचिकर बनाने के लिए शिक्षकों को नई तकनीक और नई शिक्षा नीति अपनाने की जरूरत पर बल दिया। डॉ. अंशज सिंह ने स्कूलों में विद्यालय प्रबंधन समिति को केवल सिविल कार्यों की बजाय बच्चों की पढ़ाई पर फोकस करने की अपील की। उन्होंने डीईओ और डीपीसी को भी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने महेंद्रगढ़ जिला शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त और स्कूल प्रिंसिपल को शिक्षा बेहतरी के लिए जल्द ठोस और विस्तृत योजना बनाकर मुख्यालय रिपोर्ट करने को कहा।
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पर्यवेक्षक टीम और शिक्षकों के साथ वार्ता में निदेशक डॉ. अंशज सिंह ने ई-अधिगम यानी टैबलेट के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सभी स्कूलों में साइंस लैब को दुरुस्त करने और उसके सही इस्तेमाल करने की बात कही। डॉ. अंशज सिंह स्कूल में प्रार्थना सभा से लेकर छुट्टी होने तक प्राचार्य, शिक्षक, एसएमसी और बच्चों से संवाद किया और उनसे उनकी जरूरतों और परेशानियों के बारे में भी जाना। उन्होंने कहा कि किसी भी स्कूल को अगर किसी तरह के बजट या अन्य शिक्षण संबंधी कोई जरूरत है तो विभाग उसे पूरा करेगा, शिक्षक केवल बच्चों को पढ़ाने में एनर्जी लगाएं। महेंद्रगढ़ में पर्यवेक्षण के बाद जिले के सभागार में शिक्षकों के साथ एक संवाद कार्यक्रम भी रखा गया, जिसमें शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अलावा जिला उपायुक्त डॉ. जेके आभीर मौजूद रहे। उन्होंने भी जिले के स्कूलों में हरसंभव मद्द का आश्वासन दिया।
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