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अवैध तरीके से चल रहे थे दो ईंट भट्ठे, संचालकों पर केस दर्ज

Tue, 24 May 2022 11:21 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 24 May 2022 11:21 PM IST
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Two brick kilns were running illegally, case filed against the operators
नारनौल। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने सोमवार की शाम सीहमा स्थित दो ईंट भट्ठों पर छापा मारा। इस दौरान दोनों ईंट भट्ठे अवैध रूप से संचालित होते पाए गए। मामले में खाद्य, आपूर्ति एवं प्रदूषण विभाग की शिकायत पर दोनों भट्ठा संचालकों के खिलाफ सदर थाने में मामला दर्ज किया गया है।
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छापे के दौरान हरियाणा राज्य प्रदूषण विभाग व खनन विभाग नारनौल की टीम मौजूद रही। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम को गांव सीहमा स्थित यादव ब्रिक्स कॉर्पोरेशन और यदुवंशी ब्रिक्स कंपनी की ओर से नियमों के विरुद्ध ईंट भट्ठों का संचालन करने की सूचना मिली। इस पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम निरीक्षक सूबेसिंह की अगुवाई में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग नारनौल के निरीक्षक रवि कुमार, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड धारुहेड़ा के एसडीओ हरीश कुमार तथा खनन विभाग नारनौल की निरीक्षक मनीषा के साथ सबसे पहले यादव ब्रिक्स कारपोरेशन पर पहुंची। यहां टीम को गांव खतरीपुर निवासी रवि दत्त मौके पर मिला। पूछताछ पर उसने टीम को बताया कि इस भट्ठे का मालिक देशधुनी निवासी सीहमा है लेकिन भट्ठे का संचालन व देखरेख दुबलाना निवासी सतीश करता है। सतीश ने उसे मुनीम के रूप में रखा है। भट्ठे पर पांच लाख कच्ची और आठ लाख पकी ईंटें मिलीं। मुनीम ईंट भट्ठे को लेकर कोई दस्तावेज व लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर पाया। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग नारनौल कार्यालय व प्रदूषण विभाग धारुहेडा कार्यालय के रिकार्ड अनुसार लाइसेंस 31 मार्च 2021 तक ही वैध था। खनन विभाग नारनौल के रिकार्ड अनुसार यह 31 मार्च 2022 तक वैध था। इस प्रकार संयुक्त टीमों की जांच के दौरान उक्त ईंट भट्ठे का संचालन बिना लाइसेंस के अवैध पाया गया।
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इसके बाद टीम यदुवंशी ब्रिक्स कंपनी के नाम से संचालित ईंट भट्ठे पर पहुंची। यहां बेलदार मूलचंद नीम का थाना राजस्थान ने बताया कि भट्ठे का मालिक बनवारी लाल निवासी खतरीपुर है। जांच के दौरान लगभग दस लाख कच्ची, पांच लाख और गेड के बाहर तीन लाख ईंट मिलीं। बेलदार भट्ठा संचालन के संबंध में कोई दस्तावेज लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर पाया। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग नारनौल कार्यालय के रिकार्ड अनुसार इस भट्ठे का लाइसेंस 31 मार्च 2020 तक वैध था। प्रदूषण विभाग कार्यालय धारुहेड़ा के अनुसार 31 मार्च 2023 तक वैध है तथा खनन विभाग नारनौल के रिकार्ड अनुसार 31 मार्च 2022 तक वैध पाया गया। इस प्रकार भट्ठा का संचालन हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड धारुहेडा व खनन अधिनियम की धाराओं का उल्लंघन करते हुए पाया गया। इसकी शिकायत खनन विभाग, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व खाद्य आपूर्ति विभाग अधिकारियों ने सदर थाना पुलिस को दी। पुलिस शिकायत पर दोनों भट्ठा संचालकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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