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जल महल में पर्यटक बढ़ाने की कोशिश

Sun, 18 Jul 2021 12:12 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jul 2021 12:12 AM IST
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Try to increase tourist in Jal Mahal
डीसी अजय कुमार के निर्देश पर एसडीएम मनोज कुमार ने जल महल में टूटी दीवार के निर्माण के संबंध में तकनीकी विशेषज्ञ के साथ मौके पर जाकर मुआयना किया। इस मौके पर उनके साथ मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कौस्तुभ विराट भी मौजूद रहे।
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शहर में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन जल महल में पानी भरवाने से पहले सभी तकनीकी पहलुओं की जांच करने के लिए विशेषज्ञ की मदद ले रहे है। इसी उद्देश्य से कुरुक्षेत्र एनआईटी से सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. एचके शर्मा तथा पुरातत्व विभाग के डिप्टी सुपरिटेडेंट इंजीनियरिंग पीसी मित्तल ने आज मौके पर स्थिति का जायजा लिया।
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एसडीएम ने पुरातत्व विभाग के सुपरिटेडेंट इंजीनियर से भी बातचीत की तथा इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा करवाने को कहा। प्रोफेसर एचके शर्मा ने कहा कि इस दीवार के लिए डिजाइन बनाने से पहले किसी एजेंसी से मिट्टी जांच की रिपोर्ट आएगी। उसके बाद इस दीवार का डिजाइन इस तरह से बनाया जाएगा कि उसका मूल रूप उसी तरह से दिखाई दे। इसके लिए उन्होंने 15 दिन में डिजाइन तैयार करके देने का आश्वासन दिया है।
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एसडीएम ने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस ऐतिहासिक स्थल पर प्रकाश की उचित व्यवस्था होना जरूरी है। ऐसे में अधिकारी जल्द से जल्द यहां पर प्रकाश की व्यवस्था करें। इस संबंध में नगर परिषद से भी सहायता ले सकते हैं।
इस मौके पर बीएंडआर विभाग के एक्सईएन सज्जन सिंह तथा एसडीओ गजेंद्र सिंह पुरातत्व विभाग के कंजर्वेशन असिस्टेंट अनुराग के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
जिला में पर्यटन के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। ऐसे में पुरातत्व विभाग तथा प्रशासनिक अधिकारी व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्य करें। यह निर्देश डीसी अजय कुमार ने कैंप कार्यालय में पुरातत्व विभाग तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सभी ऐतिहासिक स्थलों पर साफ सफाई के अलावा अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कार्य कर रहा है। यहां पर पर्यटकों की संख्या बढ़ती है तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के भी अवसर बढ़ेंगे। इस संबंध में अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि यह कार्य एक तय समय सीमा के अंदर ही पूरा करवाया जाए।
बैठक में सीएमजीजीए कौस्तुभ विराट, कुरुक्षेत्र एनआईटी सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. एचके शर्मा तथा पुरातत्व विभाग के डिप्टी सुपरिटेडेंट इंजीनियरिंग पीसी मित्तल पुरातत्व विभाग के कंजर्वेशन असिस्टेंट अनुराग के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

सीएमजीजीए कौस्तुभ विराट ने बताया कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता के अनुरूप महेंद्रगढ़ के ऐतिहासिक स्मारकों के जीर्णोद्धार का यह मिशन शुरू किया है। जिले की पर्यटन क्षमता को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री जिले का विकास करना चाहते हैं। आने वाले दिनों में आप उन जगहों पर काफी बदलाव देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री से मुलाकात दौरान इसी विषय पर एक प्रस्तुति दी थी जिसकी उन्होंने बहुत सराहना की थी और हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया था। सीएम के दिशा निर्देशों अनुसार कार्य करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने बताया कि अभी जल महल, तख्त बावड़ी, चोर गुंबद और बीरबल का छत्ता जैसी विभिन्न परियोजनाएं विचाराधीन हैं। आने वाले समय में हम अन्य स्थानों पर भी अपने दायरे का विस्तार करेंगे। इसका सारा श्रेय प्रदेश के मुख्यमंत्री के नेतृत्व को जाता है।
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