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Mahendragarh-Narnaul News: नागरिक अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं, मरीजों को हो रही परेशानी
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फोटो नंबर- 16नारनौल स्थित जिला नागरिक अस्पताल। संवाद
नारनौल। नागरिक अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ की दो साल बीतने के बाद भी नियुक्ति नहीं की गई है। इस कारण एलर्जी, दाद, खुजली सहित अन्य त्वचा संबंधित बीमारियों के उपचार के लिए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जानकारी के अनुसार नागरिक अस्पताल में करीब ढाई साल से त्वचा रोग संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है।
इस कारण मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर लोग अन्य रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों के परामर्श अनुसार दवाओं का सेवन करते हैं जिससे उन्हें बेहतर उपचार नहीं मिल पाता और रोग बढ़ने की संभावना बनी रहती है।
नागरिक अस्पताल जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। यहां उपचार करवाने के लिए जिलेभर सहित सीमावर्ती राजस्थान के गांवों के लोग भी आते हैं। लोगों ने अस्पताल प्रशासन से त्वचा रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की जल्द नियुक्ति की मांग की ताकि लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
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निजी अस्पताल में त्वचा संबंधित अन्य जांच का खर्च हजारों में
नागरिक अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के कारण लोगों की जेब पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। निजी अस्पताल में उपचार करवाने के दौरान लोगों को 200 से 300 रुपये ओपीडी, 1500 से 2000 रुपये सामान्य जांच के और 1000 से 2000 तक दवाओं के खर्च का भुगतान करना पड़ता है। निजी अस्पतालों में महंगा उपचार होने के कारण अन्य जिलों के सरकारी अस्पताल से उपचार प्राप्त करने को मजबूर हो रहे हैं।
वर्जन
नागरिक अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति के लिए उच्च विभाग को मांग भेजी गई है। उम्मीद है जल्द ही नागरिक अस्पताल में त्वचा रोग चिकित्सक की नियुक्ति की जाएगी ताकि आमजन को बेहतर व सुगमता से उपचार मिल सकें।
-डॉ. विजय डबास, उप चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल, नारनौल।
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इस कारण मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर लोग अन्य रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों के परामर्श अनुसार दवाओं का सेवन करते हैं जिससे उन्हें बेहतर उपचार नहीं मिल पाता और रोग बढ़ने की संभावना बनी रहती है।
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नागरिक अस्पताल जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। यहां उपचार करवाने के लिए जिलेभर सहित सीमावर्ती राजस्थान के गांवों के लोग भी आते हैं। लोगों ने अस्पताल प्रशासन से त्वचा रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की जल्द नियुक्ति की मांग की ताकि लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
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निजी अस्पताल में त्वचा संबंधित अन्य जांच का खर्च हजारों में
नागरिक अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के कारण लोगों की जेब पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। निजी अस्पताल में उपचार करवाने के दौरान लोगों को 200 से 300 रुपये ओपीडी, 1500 से 2000 रुपये सामान्य जांच के और 1000 से 2000 तक दवाओं के खर्च का भुगतान करना पड़ता है। निजी अस्पतालों में महंगा उपचार होने के कारण अन्य जिलों के सरकारी अस्पताल से उपचार प्राप्त करने को मजबूर हो रहे हैं।
वर्जन
नागरिक अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति के लिए उच्च विभाग को मांग भेजी गई है। उम्मीद है जल्द ही नागरिक अस्पताल में त्वचा रोग चिकित्सक की नियुक्ति की जाएगी ताकि आमजन को बेहतर व सुगमता से उपचार मिल सकें।
-डॉ. विजय डबास, उप चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल, नारनौल।