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Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   The work of the Regional Center of Animal Science Center stuck due to lack of budget, along with six districts, the animal owners of Rajasthan had to get the benefit

बजट के अभाव में अटका पशु विज्ञान केंद्र के रिजनल सेंटर का काम, छह जिलों के साथ-साथ राजस्थान के पशु पालकों को मिलना था लाभ

Wed, 24 Nov 2021 12:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 24 Nov 2021 12:00 AM IST
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The work of the Regional Center of Animal Science Center stuck due to lack of budget, along with six districts, the animal owners of Rajasthan had to get the benefit
गांव रिवासा में रिजनल सेंटर में निर्माणाधीन प्रशासनिक भवन। संवाद - फोटो : Narnol
दक्षिणी हरियाणा के साथ-साथ राजस्थान के अनेक जिलों के पशुपालकों को लाभ देने के लिए शुरू किए गए लुवास का रीजनल सेंटर का निर्माण बजट के अभाव में अधूरा पड़ा है। वर्ष 2016 में सीएम द्वारा इस केंद्र की घोषणा की गई थी जिसके बाद मार्च 2018 में तत्कालीन शिक्षामंत्री ने भूमि पूजन कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया था। प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा 15 करोड़ 70 लाख रुपये का बजट जारी किया गया था। लेकिन लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं विज्ञान विश्वविद्यालय हिसार में जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों ने इसका आधा बजट अन्य जगहों पर बनने वाले रीजनल सेंटरों को भेज दिया जिसके कारण 10 एकड़ में बनने वाले इस रीजनल सेंटर का निर्माण कार्य अधर में लटक गया है। संवाद
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रिवासा पंचायत भवन में चल रहा है केंद्र
सीएम की घोषणा के दो वर्ष बाद रिवास गांव के पंचायत घर में अस्थायी रूप से रीजनल सेंटर शुरू कर पशुओं की चिकित्सा एवं जांच भी शुरू कर दी गई थी। लेकिन तीन वर्ष बीतने के बाद भी अल्ट्रासाउंड से लेकर डी फ्रिज सहित लाखों रुपये के उपकरण भी जगह के अभाव में धूल फांक रहे हैं। तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी गांव रिवासा में बनाए जा रहे पशु विज्ञान केंद्र भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है।
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दिसंबर 2020 तक होने था तैयार
लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय से संबंधित इस पशु विज्ञान केंद्र का निर्माण तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था। 2020 में कोरोना के कारण इस प्रोजेक्ट को तैयार करने की अवधि भी छह माह बढ़ा दिसंबर 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया। करीब एक वर्ष का समय बीत जाने के बाद भी बजट के अभाव में भवन का काम पूरा नहीं हो सका है। अभी तक चहारदीवारी का कार्य भी पूरा नहीं हो सका है।
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ये भवन बनकर हैं तैयार अंतिम रूप दिया जाना बाकी
इस प्रोजेक्ट के लिए अभी तक लगभग 7.20 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसमें प्रशासनिक भवन, तीन ऑपरेशन थियेटर, कॉन्फ्रेंस रूम, एक मिनी ओटी, लैब, एक्स-रे रूम, स्टोर सहित 9 क्वार्टर बनकर तैयार हैं। इनमें चार क्वार्टर चिकित्सक, एक रीजनल डायरेक्टर, दो क्वार्टर तृतीय श्रेणी तथा दो क्वार्टर चतुर्थ श्रेणी के, फार्मर रूम बनकर तैयार हैं। इनमें केवल फिनिसिंग शेष है जो बजट मिलते ही महज दस दिनों में पूरी कर ली जाएगी।
ये कार्य बजट के अभाव में पड़े हैं अधूरे
रीजनल सेंटर के परिसर में रोड, सीवरेज, लाइट कनेक्शन, मुख्य द्वार तथा पानी की सुविधा, चहारदीवारी का काम शुरू नहीं हो सका है। भवन निर्माण का काम भी 90 प्रतिशत ही पूरा हो सका है।
एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं
वर्तमान में पशु विज्ञान केंद्र रिवासा पंचायत भवन में चल रहा है। इस भवन में जगह पूरी नहीं होने की वजह से पशुपालकों के मवेशियों के इलाज के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। पंचायत भवन में टीनशेड तक नहीं है। जिस कारण सर्दी, बरसात, गर्मी के मौसम में बीमार पशुओं को खुले में रखा जाता है। केंद्र में जगह के अभाव में तीन वर्षों में एक्सरे, अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांच के लिए लैब भी शुरू नहीं की गई है। इसके अलावा चिकित्सकों के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण परेशानी हो रही है।
दक्षिणी हरियाणा के साथ-साथ राजस्थान को भी मिलना था लाभ
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय को छोड़ दें तो महेंद्रगढ़ क्षेत्र के लिए यह सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। लेकिन बजट के अभाव में निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। इस पशु विज्ञान केंद्र से दक्षिणी हरियाणा के महेंद्रगढ़, नारनौल, चरखी दादरी, भिवानी, रेवाड़ी, नूंह, गुरुग्राम के साथ-साथ राजस्थान प्रदेश के अलवर, राजगढ़, झुंझुनू जिले के पशु पालकों को फायदा मिलना था।
रिवासा ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल शीघ्र होगा काम पूरा
उनके प्रयासों से सीएम ने इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। रिवासा का रीजनल सेंटर उनके ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है। शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इसके लिए बजट जारी करवा युद्ध स्तर पर इसका कार्य पूरा कराया जाएगा। सेंटर शुरू होने से प्रदेश के छह जिलों के साथ-साथ राजस्थान प्रदेश के भी अनेक जिलों के पशु पालकों को इसका लाभ मिलेगा।
पूर्व शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा,
बजट के अभाव के कारण काम बंद है। इसके लिए लुवास को पत्र भेजकर अनुमानित लाग करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये की मांग की गई है। निर्माण कार्य करीब 90 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। बजट उपलब्ध होते ही तीन काम में बचा हुआ कार्य भी पूरा करा दिया जाएगा। -एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, कृष्ण कुमार

रीजनल सेंटर का 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। शीघ्र ही बजट जारी कर सभी कार्यों को पूरा कराने की दशा में प्रयास चल रहे हैं। दो-तीन माह के अंदर-अंदर रीजनल सेंटर स्थायी भवन में शुरू करा दिया जाएगा। वीसी, लुवास डॉ. गुरदयाल सिंह।

 रिवासा पंचायत भवन में चल रहे अस्थायी रिजनल सेंटर में पशुओं का इलाज करते चिकित्सक। संवाद

रिवासा पंचायत भवन में चल रहे अस्थायी रिजनल सेंटर में पशुओं का इलाज करते चिकित्सक। संवाद- फोटो : Narnol

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