{"_id":"683b50fea603e0abb901df76","slug":"the-teams-became-alert-as-soon-as-the-siren-sounded-narnol-news-c-196-1-nnl1004-125290-2025-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: सायरन बजते ही सतर्क हों गईं टीमें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: सायरन बजते ही सतर्क हों गईं टीमें
Sun, 01 Jun 2025 12:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 01 Jun 2025 12:27 AM IST
विज्ञापन
फोटो नंबर-23नारनौल में ऑपरेशन शील्ड के दौरान घायलों को लेकर जाती सुरक्षा टीम। संवाद
नारनौल। हरियाणा सरकार के निर्देश पर आपातकालीन तैयारियों और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाने के लिए शनिवार को लघु सचिवालय नारनौल के पीछे ऑपरेशन शील्ड का आयोजन किया गया। यह अभ्यास शाम 5 बजे शुरू हुआ। इसी प्रकार सभी उपमंडल में भी यह अभ्यास किया गया।
उपायुक्त डॉ. विवेक भारती के दिशा निर्देश अनुसार लघु सचिवालय भवन पर लगे सायरन के बजते ही सभी टीमें सतर्क हो गईं। इस दौरान पुलिस, एसडीआरएफ, रेडक्रॉस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, एनएसएस, एनसीसी, सिविल डिफेंस वॉलिंटियर्स व अन्य एनजीओ की टीमों ने घायलों को बाहर निकाल कर प्राथमिक उपचार करके एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया।
इस दौरान आपदा प्रतिक्रिया बल को घटना के बारे में सूचित किया। थोड़ी ही देर में असिस्टेंट कमांडेंट सरोज रानी की अगवानी में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम ने भवन में दबे नागरिकों का रेस्क्यू करके अस्पताल पहुंचाया। लघु सचिवालय के नजदीक स्थित सभागार भवन में अस्थाई अस्पताल बनाया गया था। इसमें सभी घायलों का सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार की देखरेख में इलाज किया गया।
विज्ञापन
डीसी ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य मौजूदा आपातकालीन तंत्र का परीक्षण करना, नागरिक प्रशासन, रक्षा बलों और स्थानीय नागरिकों के बीच और बेहतर समन्वय करना तथा उन क्षेत्रों की पहचान करना है, जिन्हें और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है।
विज्ञापन
उपायुक्त डॉ. विवेक भारती के दिशा निर्देश अनुसार लघु सचिवालय भवन पर लगे सायरन के बजते ही सभी टीमें सतर्क हो गईं। इस दौरान पुलिस, एसडीआरएफ, रेडक्रॉस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, एनएसएस, एनसीसी, सिविल डिफेंस वॉलिंटियर्स व अन्य एनजीओ की टीमों ने घायलों को बाहर निकाल कर प्राथमिक उपचार करके एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया।
विज्ञापन
इस दौरान आपदा प्रतिक्रिया बल को घटना के बारे में सूचित किया। थोड़ी ही देर में असिस्टेंट कमांडेंट सरोज रानी की अगवानी में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम ने भवन में दबे नागरिकों का रेस्क्यू करके अस्पताल पहुंचाया। लघु सचिवालय के नजदीक स्थित सभागार भवन में अस्थाई अस्पताल बनाया गया था। इसमें सभी घायलों का सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार की देखरेख में इलाज किया गया।
विज्ञापन
डीसी ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य मौजूदा आपातकालीन तंत्र का परीक्षण करना, नागरिक प्रशासन, रक्षा बलों और स्थानीय नागरिकों के बीच और बेहतर समन्वय करना तथा उन क्षेत्रों की पहचान करना है, जिन्हें और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है।