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छोटे से गांव कुकसी का है सियासत में बड़ा कद

Thu, 13 Oct 2022 11:57 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 13 Oct 2022 11:57 PM IST
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The small village of Kuksi has a big stature in politics
नारनौल। क्षेत्र का कुकसी गांव भले ही आबादी के लिहाज से छोटा हो लेकिन सियासत में इसका कद बड़ा है। यह गांव अबतक एक मंत्री, विधानसभा की डिप्टी स्पीकर और जिला परिषद की चेयरपर्सन दे चुका है। गांव में सभी बुनियादी सुविधाएं हैं। ऐसे में पंचायत चुनाव में यहां के लोग स्वच्छ छवि के ईमानदार प्रत्याशी को ही सरपंच बनाना चाहते हैं। वर्तमान में यहां पंचायत चुनाव की सरगर्मी बढ़ गई है।
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गांव कुकसी की आबादी मात्र 700 है। कहने के लिए यह गांव भले ही छोटा हो लेकिन इस गांव के लोग न सिर्फ राजनीति में आगे हैं बल्कि पड़े पदों पर आसीन हैं। इस गांव में हाल ही में सीवर की व्यवस्था हुई है। बिजली, पानी, जोहड़, आंगनबाड़ी, स्कूल आदि सभी सुविधाएं हैं। गांव की सभी गलियां पक्की हैं। राजनीति में वर्चस्व रखने वाले इस गांव के राव लक्ष्मीनारायण परिवहन मंत्री रह चुके हैं। लक्ष्मी नारायण इनेलो के कर्मठ सिपाही रहे हैं। 1987 से पहले वे अटेली विधानसभा से राव बंसी के विरुद्ध उप चुनाव लड़े और हार गए थे। 1989 में इनेलो ने दोबारा उन पर विश्वास जताया। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार बाबा खेतनाथ को अटेली से पराजित किया था। इस दौरान देवीलाल सरकार में वे परिवहन मंत्री रहे। 1987 से 1991 तक इनेलो सरकार में छह बार मुख्यमंत्री बदले गए। पहले ताऊ देवीलाल मुख्यमंत्री बने। उसके बाद तीन बार चौटाला तथा एक-एक बार बनारसी दास गुप्ता तथा हुकम सिंह मुख्यमंत्री बने। इन सब की सरकार में राव लक्ष्मी नारायण परिवहन, मछली पालन, तकनीकी शिक्षा तथा वन मंत्री रहे। इसके बाद 1991 में अटेली से तथा 1996 में महेंद्रगढ़ विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े जिसमें वे हार गए थे। उपचुनाव सहित उन्होंने चार चुनाव लड़े जिनमें एक में विजयी रहे थे। उन्होंने अपने राज में गांव से दो किलोमीटर दूर डेरोली में आईटीआई की स्थापना कराई थी और रोडवेज बसों का ठहराव करवाया था।
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इसके अलावा संतोष यादव इसी गांव की बेटी है। संतोष यादव 2004 में इनेलो की टिकट पर विधानसभा का अटेली से पहला चुनाव लड़ी थी जिसमें वे हार गई थीं। इसके बाद 2009 में भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ी और कांग्रेस की अनिता यादव से लगभग 950 वोटों से हार गई थीं। 2014 में भाजपा की टिकट पर दोबारा चुनाव लड़ी। इस बारे प्रदेश में सबसे अधिक लगभग 46 हजार से अधिक मतों से विजयी हासिल की थी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आशीर्वाद से उनको विधानसभा का डिप्टी स्पीकर बनाया गया। 2019 में उनको पार्टी ने टिकट ही नहीं दिया। अभी वो भाजपा महिला प्रकोष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। इस समय वो पार्टी संगठन के लिए काम कर रहीं हैं। इसके अलावा 2016 में पूर्व मंत्री राव लक्ष्मी नारायण के छोटे भाई की पत्नी राजेश देेवी जिला परिषद की चेयरपर्सन बनी। राजेश देेवी 2016 से 2021 तक चेयरपर्सन बनी रही। पूर्व मंत्री के बेटे सतेंद्र यादव चंडीगढ़ हरको बैंक के पांच साल तक चेयरमैन रहे। इसके बाद स्थानीय स्तर पर 15 साल तक हरको बैंक के चेयरमैन बने रहे।
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