{"_id":"6a68f74e7199ba77b80834f8","slug":"the-holy-month-of-sawan-begins-tomorrow-the-city-will-be-immersed-in-devotion-to-lord-shiva-narnol-news-c-196-1-nnl1003-143128-2026-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: कल से शुरू होगा सावन का पावन महीना, शिवभक्ति में डूबेगा शहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: कल से शुरू होगा सावन का पावन महीना, शिवभक्ति में डूबेगा शहर
Wed, 29 Jul 2026 12:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 29 Jul 2026 12:09 AM IST
विज्ञापन
फोटो नंबर-06शहर का प्रसिद्ध छोटा तालाब शिव मंदिर। संवाद
नारनौल। सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू होगा। श्रावण माह में शिवालयों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। शिव भक्त कांवड़ यात्रा निकाल कर देवाधिदेव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करते हैं। मंदिरों में महामृत्युंजय का जाप होतताहै।
सावन में शहर के सभी शिवालयों में रौनक रहती है लेकिन सबसे अधिक रौनक शहर के प्राचीन मोड़ावाला मंदिर, छोटा-बड़ा तालाब शिव मंदिर व नलापुर के मोटा महादेव मंदिर में रहेगी।
श्रावण मास भगवान शिव की उपासना का सर्वश्रेष्ठ काल माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस माह में श्रद्धा और नियमपूर्वक भगवान शिव का पूजन, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक तथा सोमवार का व्रत करने से समस्त कष्ट दूर होते हैं और भगवान भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
विज्ञापन
आचार्य क्रांति निर्मल शास्त्री ने बताया कि श्रावण माह कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 जुलाई को रात्रि 8:05 बजे प्रारंभ होकर 30 जुलाई को रात्रि 9:30 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार 30 जुलाई से ही सावन माह का शुभारंभ माना जाएगा।
आचार्य ने बताया कि इस वर्ष सावन में चार सोमवार पड़ेंगे, जिनका विशेष धार्मिक महत्व रहेगा। इन दिनों भगवान शिव का गंगाजल, कच्चे दूध, दही, शहद, घी, शक्कर तथा बेलपत्र से अभिषेक करने और ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करने से विशेष पुण्यफल की प्राप्ति होगी।
आचार्य क्रांति निर्मल ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सावन मास में सात्विक जीवन अपनाएं, नित्य शिव आराधना करें, दान-पुण्य करें तथा प्रकृति संरक्षण के संकल्प के साथ भगवान शिव की उपासना करें। उनका कहना है कि श्रद्धा, संयम और भक्ति से किया गया शिव पूजन जीवन में सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।
विज्ञापन
सावन में शहर के सभी शिवालयों में रौनक रहती है लेकिन सबसे अधिक रौनक शहर के प्राचीन मोड़ावाला मंदिर, छोटा-बड़ा तालाब शिव मंदिर व नलापुर के मोटा महादेव मंदिर में रहेगी।
विज्ञापन
श्रावण मास भगवान शिव की उपासना का सर्वश्रेष्ठ काल माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस माह में श्रद्धा और नियमपूर्वक भगवान शिव का पूजन, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक तथा सोमवार का व्रत करने से समस्त कष्ट दूर होते हैं और भगवान भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
विज्ञापन
आचार्य क्रांति निर्मल शास्त्री ने बताया कि श्रावण माह कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 जुलाई को रात्रि 8:05 बजे प्रारंभ होकर 30 जुलाई को रात्रि 9:30 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार 30 जुलाई से ही सावन माह का शुभारंभ माना जाएगा।
आचार्य ने बताया कि इस वर्ष सावन में चार सोमवार पड़ेंगे, जिनका विशेष धार्मिक महत्व रहेगा। इन दिनों भगवान शिव का गंगाजल, कच्चे दूध, दही, शहद, घी, शक्कर तथा बेलपत्र से अभिषेक करने और ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करने से विशेष पुण्यफल की प्राप्ति होगी।
आचार्य क्रांति निर्मल ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सावन मास में सात्विक जीवन अपनाएं, नित्य शिव आराधना करें, दान-पुण्य करें तथा प्रकृति संरक्षण के संकल्प के साथ भगवान शिव की उपासना करें। उनका कहना है कि श्रद्धा, संयम और भक्ति से किया गया शिव पूजन जीवन में सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।