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Mahendragarh-Narnaul News: जर्जर स्कूल बंद...बगल के 4 कमरों में चलती हैं कक्षाएं, यहां भी टपकता है पानी
Fri, 01 Aug 2025 12:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 01 Aug 2025 12:18 AM IST
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फोटो संख्या:51- पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय महेंद्रगढ़ में पुराना कंडम भवन
महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ में 77 साल में जर्जर हो चुका राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खतरा देखकर बंद तो कर दिया लेकिन विकल्प के रूप में बगल में दिए चार कमरों में भी बारिश होते ही पानी के रूप में व्यवस्था रिसने लगती है।
बच्चों को जर्जर भवन में जाने से रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर एक रस्सी लगाई गई है पर मिड डे मील वहीं बनाया जा रहा है। स्कूल की बदहाल क्षमता को देखते हुए इस साल 150 बच्चों को दूसरे विद्यालय में शिफ्ट किया गया है। और तो और इस स्कूल को पीएमश्री योजना में भी ले लिया गया है लेकिन इसकी सूरत नहीं बदली है। यही नहीं, स्कूल भवन को कंडम घोषित कराने के लिए चिट्ठियां दौड़ रही हैं।
वर्तमान में 20 फीट ऊंचाई वाले जर्जर भवन के नजदीक ही चार कमरों में छठी से आठवीं तक की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। बारिश में इन कमरों की छतों से लगातार पानी टपकता है। इससे कमरे में पानी भर जाता है और पढ़ाई मुश्किल हो जाती है। यह स्थिति न केवल असुविधाजनक है बल्कि छात्रों की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। इन कमरों में रखी बेंच व पंखे पर भी बारिश के मौसम में छत से टपकने वाला पानी जमा रहता है।
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अभिभावकों को नहीं पता विद्यालय का हाल : शहर के मोहल्ला कुम्हारान निवासी जयप्रकाश ने बताया विद्यालय के भवन हाल के बारे में बच्चे बताते हैं। एक माह पूर्व जब पुराने भवन का एक हिस्सा गिरा तब बच्चों ने जानकारी दी थी। इधर, राजस्थान में हुए हादसे के बाद अब चिंता बढ़ गई है। सरकार से मांग है कि जर्जर स्कूल भवनों को गिराया जाए।
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बच्चों को जर्जर भवन में जाने से रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर एक रस्सी लगाई गई है पर मिड डे मील वहीं बनाया जा रहा है। स्कूल की बदहाल क्षमता को देखते हुए इस साल 150 बच्चों को दूसरे विद्यालय में शिफ्ट किया गया है। और तो और इस स्कूल को पीएमश्री योजना में भी ले लिया गया है लेकिन इसकी सूरत नहीं बदली है। यही नहीं, स्कूल भवन को कंडम घोषित कराने के लिए चिट्ठियां दौड़ रही हैं।
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वर्तमान में 20 फीट ऊंचाई वाले जर्जर भवन के नजदीक ही चार कमरों में छठी से आठवीं तक की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। बारिश में इन कमरों की छतों से लगातार पानी टपकता है। इससे कमरे में पानी भर जाता है और पढ़ाई मुश्किल हो जाती है। यह स्थिति न केवल असुविधाजनक है बल्कि छात्रों की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। इन कमरों में रखी बेंच व पंखे पर भी बारिश के मौसम में छत से टपकने वाला पानी जमा रहता है।
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अभिभावकों को नहीं पता विद्यालय का हाल : शहर के मोहल्ला कुम्हारान निवासी जयप्रकाश ने बताया विद्यालय के भवन हाल के बारे में बच्चे बताते हैं। एक माह पूर्व जब पुराने भवन का एक हिस्सा गिरा तब बच्चों ने जानकारी दी थी। इधर, राजस्थान में हुए हादसे के बाद अब चिंता बढ़ गई है। सरकार से मांग है कि जर्जर स्कूल भवनों को गिराया जाए।

फोटो संख्या:51- पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय महेंद्रगढ़ में पुराना कंडम भवन

फोटो संख्या:51- पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय महेंद्रगढ़ में पुराना कंडम भवन