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Mahendragarh-Narnaul News: जिले का सबसे बड़ा ऑडिटोरियम हॉल का निर्माण 5 साल से अधर में लटका
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फोटो 1अटेली कालेज के प्रांगण में अधर में पड़ा ऑडिटोरियम हॉल।संवाद
मंडी अटेली। राजकीय महाविद्यालय अटेली के परिसर में निर्माणाधीन ऑडिटोरियम का कार्य पांच साल से अधिक समय बीतने के बाद भी अधर में लटका हुआ है। यह ऑडिटोरियम हॉल 2020 में बनकर तैयार होना था। अब तक आधा कार्य भी पूरा नहीं हुआ है।
महाविद्यालय परिसर में 4.25 करोड़ की अनुमानित लागत से जिले का सबसे बड़ा ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य 2019 में आरंभ किया गया था। इस कार्य को पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने दिल्ली की एक एजेंसी को टेंडर दिया था। इसे 2021 तक पूरा किया जाना था, लेकिन धीमी गति के चलते 5 वर्षों में मात्र 40 फीसदी ही कार्य हो पाया है। 4.25 करोड़ की लागत से बनने वाले इस ऑडिटोरियम के अधर में लटकने से महाविद्यालय प्रशासन भी चिंतित है। इस ऑडिटोरियम के बनने को लेकर छात्रों में खुशी का माहौल बना था, लेकिन अब ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य अधर में लटकने से उनमें निराशा के भाव हैं। महाविद्यालय में निर्माणाधीन इस ऑडिटोरियम को लेकर छात्रों का कहना है कि कालेज में ऑडिटोरियम के होने से महाविद्यालय में कार्यक्रमों और बैठकों का संचालन अच्छे से हो पाएगा। इसमें छात्रों को एक स्थान पर एकत्र करने और कर्मचारियों की बैठकों या कार्यशालाओं में भाग लेने वाले मेहमानों के साथ प्रभावी ढंग से बातचीत हो पाएगी। इसलिए काॅलेज में सभी सुविधाओं से युक्त एक अच्छे ऑडिटोरियम की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
छत के लिए सरिये डालकर भूला विभाग
ऑडिटोरियम हॉल के लिए बन रहे भवन की अब तक छत भी नहीं डली है। छत के लिए संबंधित एजेंसी ने सरिये भी डाल दिए थे। इसके आगे का कार्य अभी भी बंद पड़ा है। अब लाखों रुपये लगने के बाद भी छात्रों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
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वर्जन:
ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य 5 साल पहले आरंभ किया गया था, लेकिन देरी के चलते 40 फीसदी ही कार्य हो पाया है। इसके चलते महाविद्यालय प्रशासन भी बेहद परेशान है। कार्य को पूरा कराने के लिए काफी बार रिमाइंडर सरकार व प्रशासन को भेजा जा चुका है।
-राजेश सैनी, प्राचार्य महाविद्यालय अटेली।
वर्जन:
ऑडिटोरियम का कार्य करने के लिए दिल्ली की एजेंसी को ठेका दिया गया था, जो 2021 तक पूरा करना था, लेकिन वह नहीं हो पाया। एजेंसी के ठेकेदार ने भी संपर्क करना बंद कर दिया है। अब नई एजेंसी को ठेका देकर कार्य को जल्द ही पूरा किया जाएगा।
-जितेंद्र जेई, लोक निर्माण विभाग नारनौल।
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महाविद्यालय परिसर में 4.25 करोड़ की अनुमानित लागत से जिले का सबसे बड़ा ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य 2019 में आरंभ किया गया था। इस कार्य को पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने दिल्ली की एक एजेंसी को टेंडर दिया था। इसे 2021 तक पूरा किया जाना था, लेकिन धीमी गति के चलते 5 वर्षों में मात्र 40 फीसदी ही कार्य हो पाया है। 4.25 करोड़ की लागत से बनने वाले इस ऑडिटोरियम के अधर में लटकने से महाविद्यालय प्रशासन भी चिंतित है। इस ऑडिटोरियम के बनने को लेकर छात्रों में खुशी का माहौल बना था, लेकिन अब ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य अधर में लटकने से उनमें निराशा के भाव हैं। महाविद्यालय में निर्माणाधीन इस ऑडिटोरियम को लेकर छात्रों का कहना है कि कालेज में ऑडिटोरियम के होने से महाविद्यालय में कार्यक्रमों और बैठकों का संचालन अच्छे से हो पाएगा। इसमें छात्रों को एक स्थान पर एकत्र करने और कर्मचारियों की बैठकों या कार्यशालाओं में भाग लेने वाले मेहमानों के साथ प्रभावी ढंग से बातचीत हो पाएगी। इसलिए काॅलेज में सभी सुविधाओं से युक्त एक अच्छे ऑडिटोरियम की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
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छत के लिए सरिये डालकर भूला विभाग
ऑडिटोरियम हॉल के लिए बन रहे भवन की अब तक छत भी नहीं डली है। छत के लिए संबंधित एजेंसी ने सरिये भी डाल दिए थे। इसके आगे का कार्य अभी भी बंद पड़ा है। अब लाखों रुपये लगने के बाद भी छात्रों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
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वर्जन:
ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य 5 साल पहले आरंभ किया गया था, लेकिन देरी के चलते 40 फीसदी ही कार्य हो पाया है। इसके चलते महाविद्यालय प्रशासन भी बेहद परेशान है। कार्य को पूरा कराने के लिए काफी बार रिमाइंडर सरकार व प्रशासन को भेजा जा चुका है।
-राजेश सैनी, प्राचार्य महाविद्यालय अटेली।
वर्जन:
ऑडिटोरियम का कार्य करने के लिए दिल्ली की एजेंसी को ठेका दिया गया था, जो 2021 तक पूरा करना था, लेकिन वह नहीं हो पाया। एजेंसी के ठेकेदार ने भी संपर्क करना बंद कर दिया है। अब नई एजेंसी को ठेका देकर कार्य को जल्द ही पूरा किया जाएगा।
-जितेंद्र जेई, लोक निर्माण विभाग नारनौल।