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Mahendragarh-Narnaul News: साल में 15 दिन ही सूखा रहता है चौकी नंबर 45 अंडरपास
Sat, 25 Oct 2025 12:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 25 Oct 2025 12:17 AM IST
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फोटो 10 पानी से गुजरता बाइक सवार व पगडंडी पर चलकर आते हुए बच्चे। संवाद
नारनौल। लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए रेलवे अंडरपास ही आमजन की परेशानी का सबब बना है। चौकी नंबर 45 पर बना अंडरपास साल में 15 दिन ही सूखा नजर आता है। बाकी दिनों इसमें पानी भरा ही रहता है। इससे वाहन चालकों और पैदलयात्रियों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
अंडरपास को पार करते ही राजकीय बहुतकनीकी संस्थान आ जाता है। यहां पर पढ़ने के लिए आने वाले बच्चों को रोजाना परेशानी से दो चार होना पड़ता है। संस्थान के प्राचार्य ने कई बार रेलवे प्रशासन से इस समस्या के बारे में अवगत कराया है लेकिन अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बारिश के दिनों में तो इस अंडरपास का और भी बुरा हाल हो जाता है। साल 2024 में मानसून के दौरान एक स्कूली बस भी इसमें आधी तक डूब गई थी। वहीं खराब होकर वहीं खड़ी हो गई थी। इसके अलावा बारिश में कई वाहन यहां खराब हो चुके हैं। बाइक सवार गिरने से घायल हो चुके हैं।
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इंसेट
मंदिर कमेटी करवाती है साफ
मार्च में भरने वाला खाटू श्याम मेला के दौरान चौकी नंबर 45 के नजदीक में स्थित श्याम मंदिर की कमेटी के सदस्य ही अपने खर्चे से पानी की निकासी करवाते हैं जिससे खाटू धाम जाने वाले पैदल यात्रियों को परेशानी न झेलनी पड़े।
बॉक्स:
अंडरपास का साल भर बुरा हाल ही रहता है। एक बार तो खुद की गाड़ी पानी में फंसने से खराब हो चुकी है। बाबा श्याम के मेले के दौरान जरूर इसे खाली करवाकर साफ करवाया जाता है। इसके बाद बारिश में इसकी वही हालत हो जाती है।-रजनीश, स्थानीय निवासी
बॉक्स:
रेलवे प्रशासन को कई बार समस्या से अवगत कराया जा चुका है। फिर भी स्थायी समाधान करने के बजाय पैदल चलने वालों के लिए गत वर्ष एक ओर पगडंडी बनवाई गई है। बारिश के दौरान तो यह पगडंडी भी पानी में डूब जाती है। ऐसे में बच्चों व स्टाफ सभी को परेशानी का सामन करना पड़ रहा है।
अनिल यादव, प्राचार्य, बहुतकनीकी संस्थान।
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अंडरपास को पार करते ही राजकीय बहुतकनीकी संस्थान आ जाता है। यहां पर पढ़ने के लिए आने वाले बच्चों को रोजाना परेशानी से दो चार होना पड़ता है। संस्थान के प्राचार्य ने कई बार रेलवे प्रशासन से इस समस्या के बारे में अवगत कराया है लेकिन अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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बारिश के दिनों में तो इस अंडरपास का और भी बुरा हाल हो जाता है। साल 2024 में मानसून के दौरान एक स्कूली बस भी इसमें आधी तक डूब गई थी। वहीं खराब होकर वहीं खड़ी हो गई थी। इसके अलावा बारिश में कई वाहन यहां खराब हो चुके हैं। बाइक सवार गिरने से घायल हो चुके हैं।
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मंदिर कमेटी करवाती है साफ
मार्च में भरने वाला खाटू श्याम मेला के दौरान चौकी नंबर 45 के नजदीक में स्थित श्याम मंदिर की कमेटी के सदस्य ही अपने खर्चे से पानी की निकासी करवाते हैं जिससे खाटू धाम जाने वाले पैदल यात्रियों को परेशानी न झेलनी पड़े।
बॉक्स:
अंडरपास का साल भर बुरा हाल ही रहता है। एक बार तो खुद की गाड़ी पानी में फंसने से खराब हो चुकी है। बाबा श्याम के मेले के दौरान जरूर इसे खाली करवाकर साफ करवाया जाता है। इसके बाद बारिश में इसकी वही हालत हो जाती है।-रजनीश, स्थानीय निवासी
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रेलवे प्रशासन को कई बार समस्या से अवगत कराया जा चुका है। फिर भी स्थायी समाधान करने के बजाय पैदल चलने वालों के लिए गत वर्ष एक ओर पगडंडी बनवाई गई है। बारिश के दौरान तो यह पगडंडी भी पानी में डूब जाती है। ऐसे में बच्चों व स्टाफ सभी को परेशानी का सामन करना पड़ रहा है।
अनिल यादव, प्राचार्य, बहुतकनीकी संस्थान।