{"_id":"6914cad7be066af13602b025","slug":"taste-the-taste-of-baati-chokha-of-purvanchal-narnol-news-c-203-1-sroh1011-121616-2025-11-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: पूर्वांचल के बाटी-चोखा का चखा स्वाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: पूर्वांचल के बाटी-चोखा का चखा स्वाद
Wed, 12 Nov 2025 11:28 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 12 Nov 2025 11:28 PM IST
विज्ञापन
फोटो संख्या:76-हकेवि में दोहान उत्सव में उत्तर-पूर्व के व्यंजनों को लुत्फ उठाते कुलपति प्रो. टं
महेंद्रगढ़। हरियाणा दिवस के उपलक्ष्य में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में दोहान खाद्य एवं सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया गया। आयोजन में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों, अधिकारियों, शिक्षणेतर कर्मचारियों सहित विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने दोहान खाद्य एवं सांस्कृतिक उत्सव का उद्घाटन किया। विश्वविद्यालय की प्रथम महिला प्रो. सुनीता श्रीवास्तव भी उपस्थित रहीं। कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय में यह आयोजन लघु भारत का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
उत्सव में देश के विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हुए 14 खाद्य स्टॉल लगाए गए। जहां आगंतुकों ने विविध भारतीय व्यंजनों का स्वाद लिया। इनमें मराठी फूड भंडार की भेलपुरी, पूर्वांचल के बाटी-चोखा, ओडिशा का अहा टनका और राइस बड़ा, नॉर्थ ईस्ट की पारंपरिक थाली, हिमाचल के सिद्दू व बबरू, बिहार का लिट्टी-चोखा, उत्तर प्रदेश के छोले-समोसे और चाट पपड़ी, केरल के पोरिप्पहु बड़ा, उल्ली वड़ा और वेज कटलेट तथा हरियाणा की खिचड़ी, नमकीन लस्सी, जलेबी और दूध जैसे व्यंजनों की मनमोहक खुशबू और स्वाद ने कार्यक्रम की भव्यता और सांस्कृतिक समरसता को और बढ़ा दिया।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय की छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. रेनु यादव, उप छात्रकल्याण अधिष्ठाता डॉ. नीरज कर्ण सिंह व डॉ. मुलाका मारुति तथा राजपूत सहायक छात्रकल्याण अधिष्ठाता डॉ. देवेंद्र सिंह, डॉ. कल्पना ने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से आरंभिक कार्यक्रम में खाद्य उत्पादों का स्वाद परोसा गया। आयोजन में प्रो. रणबीर सिंह, प्रो. रूपेश देशमुख व प्रो. उमेश में समन्वयक तथा डॉ. जितेंद्र कुमार ने आयोजन सचिव में रूप में सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम का समापन रंगारंग सांस्कृतिक उत्सव के साथ हुआ। इनमें विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत हरियाणवी डांस, नार्थ-ईस्ट डांस, साउथ डांस, कविता पाठ व शास्त्रीय गायन प्रमुख रहे। खाद्य प्रस्तुतियों के अंतर्गत निर्णायक समिति द्वारा डॉ. अनिल कुमार द्वारा निर्देशित हिमाचल प्रदेश के स्टॉल को प्रथम स्थान, डॉ. जितेंद्र द्वारा निर्देशित हरियाणा के स्टॉल को द्वितीय स्थान तथा डॉ. टी. लोंग्कोई द्वारा निर्देशित उत्तर-पूर्व के स्टॉल को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने दोहान खाद्य एवं सांस्कृतिक उत्सव का उद्घाटन किया। विश्वविद्यालय की प्रथम महिला प्रो. सुनीता श्रीवास्तव भी उपस्थित रहीं। कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय में यह आयोजन लघु भारत का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
विज्ञापन
उत्सव में देश के विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हुए 14 खाद्य स्टॉल लगाए गए। जहां आगंतुकों ने विविध भारतीय व्यंजनों का स्वाद लिया। इनमें मराठी फूड भंडार की भेलपुरी, पूर्वांचल के बाटी-चोखा, ओडिशा का अहा टनका और राइस बड़ा, नॉर्थ ईस्ट की पारंपरिक थाली, हिमाचल के सिद्दू व बबरू, बिहार का लिट्टी-चोखा, उत्तर प्रदेश के छोले-समोसे और चाट पपड़ी, केरल के पोरिप्पहु बड़ा, उल्ली वड़ा और वेज कटलेट तथा हरियाणा की खिचड़ी, नमकीन लस्सी, जलेबी और दूध जैसे व्यंजनों की मनमोहक खुशबू और स्वाद ने कार्यक्रम की भव्यता और सांस्कृतिक समरसता को और बढ़ा दिया।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय की छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. रेनु यादव, उप छात्रकल्याण अधिष्ठाता डॉ. नीरज कर्ण सिंह व डॉ. मुलाका मारुति तथा राजपूत सहायक छात्रकल्याण अधिष्ठाता डॉ. देवेंद्र सिंह, डॉ. कल्पना ने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से आरंभिक कार्यक्रम में खाद्य उत्पादों का स्वाद परोसा गया। आयोजन में प्रो. रणबीर सिंह, प्रो. रूपेश देशमुख व प्रो. उमेश में समन्वयक तथा डॉ. जितेंद्र कुमार ने आयोजन सचिव में रूप में सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम का समापन रंगारंग सांस्कृतिक उत्सव के साथ हुआ। इनमें विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत हरियाणवी डांस, नार्थ-ईस्ट डांस, साउथ डांस, कविता पाठ व शास्त्रीय गायन प्रमुख रहे। खाद्य प्रस्तुतियों के अंतर्गत निर्णायक समिति द्वारा डॉ. अनिल कुमार द्वारा निर्देशित हिमाचल प्रदेश के स्टॉल को प्रथम स्थान, डॉ. जितेंद्र द्वारा निर्देशित हरियाणा के स्टॉल को द्वितीय स्थान तथा डॉ. टी. लोंग्कोई द्वारा निर्देशित उत्तर-पूर्व के स्टॉल को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।