{"_id":"69a08c06ce7ec5aa42089cf0","slug":"sufi-singing-flourished-sabri-brothers-created-the-atmosphere-narnol-news-c-203-1-sroh1011-124400-2026-02-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: सूफी गायकी की बही बहार, साबरी ब्रदर्स ने बनाया माहौल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: सूफी गायकी की बही बहार, साबरी ब्रदर्स ने बनाया माहौल
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। छाप तिलक सब छीनी रे, मोसे नैना मिलाइके व मुझ में राम, तुझ में राम, सबमें राम सूफी गायकी के अंदाज में साने आलम साबरी ने वीरवार को लोक कलां विरासत उत्सव के चौथे दिन मधुर आवाज के जादू से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। साबरी ब्रदर्स ने देश भक्ति को समर्पित जुगलबंदी ने लोगों को कार्यक्रम से बांधे रखा।
सास्कृतिक केंद्र प्रयागराज व बुचौली रोड स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में 23 फरवरी से शुरू हुए लोक कलां उत्सव के चौथे दिन गीत-गजलों व सूफी गायकी से कार्यक्रम की गरिमा की चार चांद लगा दिए।
हकेंवि के डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. आनंद शर्मा मुख्यअतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुंबई सीने जगत से आए योगेंद्रनाथ ने की। मुकेश मेहता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
विज्ञापन
डॉ. आनंद शर्मा ने कहा कि संस्कृति हमारी आत्मा की पहचान होती है। अंतरराष्ट्रीय कथाल साने आलम साबरी व अन्य मेहमानों को एडवोकेट करण सिंह यादव ने सम्मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डॉ. धर्मेश कौशिक ने मनमोहक अंदाज में किया। कार्यक्रम के कॉर्डिनेटर ने कहा कि सात दिन के लोक कला उत्सव का मुख्य आकर्षण लुप्त हो रही लोककलाओं को जीवित रखने के साथ-साथ राष्ट्र की एकता पर अखंडता को मजबूती प्रदान करना है।
-- -- -- -- --
साबरी ब्रदर्स ने किया धमाल
लोककला विरासत के चौथे दिन हिंदुस्तान के सबसे बड़े कलाकार साबरी ब्रदर्स और उनकी टीम ने सूफी गायन दमादम मस्त कलंदर की बेजोड़ जुगलबंदी से विद्यार्थियों को अपने-अपने स्थानों पर खड़े होकर झूमने पर मजबूर कर दिया। इसी कड़ी में उन्होंने छाप तिलक सब छीनी, मोसे नैना मिलाइके गायकी से अपनी पहचान को सार्थक करने का भरपूर प्रयास किया। लगभग दो घंटे चले साने आलम साबरी के कार्यक्रम में गजल, शेर, मिश्रा के साथ-साथ देशभक्ति से ओतप्रोत अपने गानों से दर्शकों के दिलों में पहुंचने का प्रयास किया। इस अवसर पर राजेंद्र पोपली, राजीव गुप्ता व शहर के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन
सास्कृतिक केंद्र प्रयागराज व बुचौली रोड स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में 23 फरवरी से शुरू हुए लोक कलां उत्सव के चौथे दिन गीत-गजलों व सूफी गायकी से कार्यक्रम की गरिमा की चार चांद लगा दिए।
विज्ञापन
हकेंवि के डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. आनंद शर्मा मुख्यअतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुंबई सीने जगत से आए योगेंद्रनाथ ने की। मुकेश मेहता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
विज्ञापन
डॉ. आनंद शर्मा ने कहा कि संस्कृति हमारी आत्मा की पहचान होती है। अंतरराष्ट्रीय कथाल साने आलम साबरी व अन्य मेहमानों को एडवोकेट करण सिंह यादव ने सम्मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डॉ. धर्मेश कौशिक ने मनमोहक अंदाज में किया। कार्यक्रम के कॉर्डिनेटर ने कहा कि सात दिन के लोक कला उत्सव का मुख्य आकर्षण लुप्त हो रही लोककलाओं को जीवित रखने के साथ-साथ राष्ट्र की एकता पर अखंडता को मजबूती प्रदान करना है।
साबरी ब्रदर्स ने किया धमाल
लोककला विरासत के चौथे दिन हिंदुस्तान के सबसे बड़े कलाकार साबरी ब्रदर्स और उनकी टीम ने सूफी गायन दमादम मस्त कलंदर की बेजोड़ जुगलबंदी से विद्यार्थियों को अपने-अपने स्थानों पर खड़े होकर झूमने पर मजबूर कर दिया। इसी कड़ी में उन्होंने छाप तिलक सब छीनी, मोसे नैना मिलाइके गायकी से अपनी पहचान को सार्थक करने का भरपूर प्रयास किया। लगभग दो घंटे चले साने आलम साबरी के कार्यक्रम में गजल, शेर, मिश्रा के साथ-साथ देशभक्ति से ओतप्रोत अपने गानों से दर्शकों के दिलों में पहुंचने का प्रयास किया। इस अवसर पर राजेंद्र पोपली, राजीव गुप्ता व शहर के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।