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Mahendragarh-Narnaul News: ईको फ्रेंडली दिवाली मनाने के लिए विद्यार्थियों ने ली शपथ
Sun, 27 Oct 2024 12:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 27 Oct 2024 12:09 AM IST
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फोटो संख्या:59- राजकीय कन्या वरिष्ठ माधयमिक विद्यालय कनीना में शपथ लेते विद्यार्थी--स्रोत- संस्
महेंद्रगढ़। राजकीय कन्या उच्च विद्यालय में ईको फ्रेंडली दिवाली मनाने के लिए स्कूल के विद्यार्थियों ने दिवाली पर्व पर कम पटाखे चलाने व पर्यावरण की रक्षा व प्रदूषण के खतरों से जनमानस को बचाने की शपथ ली। विद्यार्थियों ने कहा कि वह दिवाली पर न तो खुद तेज आवाज के पटाखे छोड़ेंगे और अपने परिजन व रिश्तेदारों को भी प्रेरित करेंगे।
विद्यालय मुख्य अध्यापक नरेश कौशिक ने कहा कि दिवाली पर करोड़ों रुपये की आतिशबाजी धुआं हो जाती है। थोड़ी देर के मनोरंजन के लिए लोग आतिशबाजी करते हैं। तेज आवाज की आतिशबाजी से आस-पास के लोगों को परेशानी तो होती है साथ ही आतिशबाजी से निकलने वाले जहरीले धुएं से लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि दीपावली खुशियों का त्योहार है। इस पर सभी को अपने घर पर विभिन्न प्रकार के पकवान बनाकर खाने चाहिए। पटाखे फोड़ने से पर्यावरण को नुकसान होता है।
संदीप कुमार ने कहा कि दीपावली का त्योहार दीपमाला ज्योति पर्व व प्रकाश उत्सव के नाम से जाना जाता है। इस पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। बाबू लाल अध्यापक ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ-साथ बड़े बुजुर्गों को भी इस पर ध्यान देना चाहिए। हम अपने 1 मिनट की खुशी के लिए पशु पक्षियों का की पूरी रात की खुशी खत्म कर देते हैं इसलिए प्रदूषण मुक्त दीपावली मनानी चाहिए।
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विद्यालय मुख्य अध्यापक नरेश कौशिक ने कहा कि दिवाली पर करोड़ों रुपये की आतिशबाजी धुआं हो जाती है। थोड़ी देर के मनोरंजन के लिए लोग आतिशबाजी करते हैं। तेज आवाज की आतिशबाजी से आस-पास के लोगों को परेशानी तो होती है साथ ही आतिशबाजी से निकलने वाले जहरीले धुएं से लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि दीपावली खुशियों का त्योहार है। इस पर सभी को अपने घर पर विभिन्न प्रकार के पकवान बनाकर खाने चाहिए। पटाखे फोड़ने से पर्यावरण को नुकसान होता है।
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संदीप कुमार ने कहा कि दीपावली का त्योहार दीपमाला ज्योति पर्व व प्रकाश उत्सव के नाम से जाना जाता है। इस पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। बाबू लाल अध्यापक ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ-साथ बड़े बुजुर्गों को भी इस पर ध्यान देना चाहिए। हम अपने 1 मिनट की खुशी के लिए पशु पक्षियों का की पूरी रात की खुशी खत्म कर देते हैं इसलिए प्रदूषण मुक्त दीपावली मनानी चाहिए।
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