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Mahendragarh-Narnaul News: 10वीं में कम नंबर आने पर छात्रा ने दी जान
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नारनौल। सीबीएसई 10वीं की परीक्षा के परिणाम आने के बाद गांव कोजिंदा की छात्रा रश्मिका (16) ने बुधवार देर शाम जहर खाकर जान दे दी। छात्रा के करीब 60 प्रतिशत नंबर आए थे। वह नारनौल के एक निजी स्कूल में पढ़ती थी।
रश्मिका ने 10वीं कक्षा में कम नंबर आने पर बुधवार देर शाम करीब सात बजे घर पर जहरीला पदार्थ निगल लिया। इसके बाद उसकी तबीयत खराब हो गई। परिजनों को जैसे ही पता चला, वह उसे नारनौल के निजी अस्पताल में ले गए। छात्रा की गंभीर हालात होने की वजह से उसे रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे जयपुर लेकर जा रहे थे लेकिन छात्रा ने बीच रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
परिजन प्रवीण ने बताया कि उन्होंने विश्वास ही नहीं हो रहा कि उनकी बच्ची इस तरह का कदम उठा सकती है। उसका बुधवार को 10वीं का परिणाम आया था जिसमें उसके करीब 60 प्रतिशत नंबर आए हैं।
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अगस्त 2025 में भी एक छात्रा ने दी थी जान
अटेली क्षेत्र के कुजपुरा गांव की छात्रा कुंजपुरा ने नीट परीक्षा में कम नंबर आने पर जान दे दी थी। छात्रा बीएससी फर्स्ट ईयर में पढ़ती थी। साथ ही नीट परीक्षा की भी तैयारी कर रही थी लेकिन नीट परीक्षा में कम अंक आने से छात्रा तनाव में रहने लग गई थी।
वर्जन:
छात्रा ने बुधवार देर शाम घर पर ही जहरीला पदार्थ निगल लिया था। इसके बाद जयपुर लेकर जाते समय उसकी रास्ते में मौत हो गई थी। परिजनों के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की गई है।-संजय एएसआई, जांच अधिकारी शहर थाना, नारनौल
कम अंक नहीं, बढ़ता दबाव खतरनाक : मनोचिकित्सक
नारनौल के नागरिक अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. अनिल यादव ने बच्चों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण मानसिक दबाव भी तेजी से बढ़ रहा है। कई बार कम अंक आने पर बच्चे अवसाद (डिप्रेशन) में चले जाते हैं और गलत कदम उठा लेते हैं। ऐसे में अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत है। यदि बच्चों के व्यवहार में उदासी, चिड़चिड़ापन, अकेलापन या रुचि में कमी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज न करें। तुरंत किसी मनोचिकित्सक से संपर्क करें।
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रश्मिका ने 10वीं कक्षा में कम नंबर आने पर बुधवार देर शाम करीब सात बजे घर पर जहरीला पदार्थ निगल लिया। इसके बाद उसकी तबीयत खराब हो गई। परिजनों को जैसे ही पता चला, वह उसे नारनौल के निजी अस्पताल में ले गए। छात्रा की गंभीर हालात होने की वजह से उसे रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे जयपुर लेकर जा रहे थे लेकिन छात्रा ने बीच रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
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परिजन प्रवीण ने बताया कि उन्होंने विश्वास ही नहीं हो रहा कि उनकी बच्ची इस तरह का कदम उठा सकती है। उसका बुधवार को 10वीं का परिणाम आया था जिसमें उसके करीब 60 प्रतिशत नंबर आए हैं।
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अगस्त 2025 में भी एक छात्रा ने दी थी जान
अटेली क्षेत्र के कुजपुरा गांव की छात्रा कुंजपुरा ने नीट परीक्षा में कम नंबर आने पर जान दे दी थी। छात्रा बीएससी फर्स्ट ईयर में पढ़ती थी। साथ ही नीट परीक्षा की भी तैयारी कर रही थी लेकिन नीट परीक्षा में कम अंक आने से छात्रा तनाव में रहने लग गई थी।
वर्जन:
छात्रा ने बुधवार देर शाम घर पर ही जहरीला पदार्थ निगल लिया था। इसके बाद जयपुर लेकर जाते समय उसकी रास्ते में मौत हो गई थी। परिजनों के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की गई है।-संजय एएसआई, जांच अधिकारी शहर थाना, नारनौल
कम अंक नहीं, बढ़ता दबाव खतरनाक : मनोचिकित्सक
नारनौल के नागरिक अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. अनिल यादव ने बच्चों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण मानसिक दबाव भी तेजी से बढ़ रहा है। कई बार कम अंक आने पर बच्चे अवसाद (डिप्रेशन) में चले जाते हैं और गलत कदम उठा लेते हैं। ऐसे में अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत है। यदि बच्चों के व्यवहार में उदासी, चिड़चिड़ापन, अकेलापन या रुचि में कमी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज न करें। तुरंत किसी मनोचिकित्सक से संपर्क करें।