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Mahendragarh-Narnaul News: नागरिक अस्पताल का दर्जा बढ़ा, सुविधाएं नहीं
Sun, 03 Dec 2023 11:49 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 03 Dec 2023 11:49 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
महेंद्रगढ़। स्थानीय नागरिक अस्पताल का दर्जा तो बढ़ा दिया गया लेकिन सुविधाएं और संसाधन नहीं बढ़ाए गए जिससे स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मरीज परेशान हो रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते इस अस्पताल की पहचान रेफरल अस्पताल के रूप में बन गई है। अस्पताल के नए भवन का निर्माण धीमी गति से चल रहा है। पुराने भवन में पुराने रिहायशी मकानाें में मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
क्षेत्र की आबादी छह लाख है। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए अस्पताल का समय-समय पर दर्जा तो बढ़ा लेकिन सुविधाओं में कोई विस्तार नहीं किया गया। 27 करोड़ रुपये की लागत से अस्पताल के नए भवन का निर्माण करवाया जा रहा है। यहां न तो आधुनिक मशीन हैं और न ही पूरे चिकित्सक हैं। जिले की जनसंख्या को देखते हुए इस अस्पताल को अभी तक ट्रामा सेंटर बना दिया जाना चाहिए था लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि ने इसकी सुध नहीं ली। नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है। इसके कारण महिलाओं के मजबूरी वश निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं होने के कारण पथरी, पेट दर्द, गर्भवती महिलाओं को परेशानी हो रही है। लोगों को निजी अस्पतालों में जाकर ही अपना इलाज करवाना पड़ता है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, सफाई कर्मचारी तथा लैब अटेंडेंट की निर्धारित पद भी रिक्त पड़े हुए हैं।
अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते घायलों को रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल में हर रोज ओपीडी में 700 मरीज आते हैं। महीने में 50 से अधिक घायल आते हैं जिनको प्राथमिक उपचार देकर रोहतक व नारनौल के लिए रेफर कर दिया जाता है।
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वर्जन:
उप स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को पूरी सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। अस्पताल की कमियों के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया हुआ है। वहीं नया भवन मिलने के बाद सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।-एसएमओ मोनू यादव, नागरिक अस्पताल, महेंद्रगढ़।
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महेंद्रगढ़। स्थानीय नागरिक अस्पताल का दर्जा तो बढ़ा दिया गया लेकिन सुविधाएं और संसाधन नहीं बढ़ाए गए जिससे स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मरीज परेशान हो रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते इस अस्पताल की पहचान रेफरल अस्पताल के रूप में बन गई है। अस्पताल के नए भवन का निर्माण धीमी गति से चल रहा है। पुराने भवन में पुराने रिहायशी मकानाें में मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
क्षेत्र की आबादी छह लाख है। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए अस्पताल का समय-समय पर दर्जा तो बढ़ा लेकिन सुविधाओं में कोई विस्तार नहीं किया गया। 27 करोड़ रुपये की लागत से अस्पताल के नए भवन का निर्माण करवाया जा रहा है। यहां न तो आधुनिक मशीन हैं और न ही पूरे चिकित्सक हैं। जिले की जनसंख्या को देखते हुए इस अस्पताल को अभी तक ट्रामा सेंटर बना दिया जाना चाहिए था लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि ने इसकी सुध नहीं ली। नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है। इसके कारण महिलाओं के मजबूरी वश निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं होने के कारण पथरी, पेट दर्द, गर्भवती महिलाओं को परेशानी हो रही है। लोगों को निजी अस्पतालों में जाकर ही अपना इलाज करवाना पड़ता है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, सफाई कर्मचारी तथा लैब अटेंडेंट की निर्धारित पद भी रिक्त पड़े हुए हैं।
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अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते घायलों को रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल में हर रोज ओपीडी में 700 मरीज आते हैं। महीने में 50 से अधिक घायल आते हैं जिनको प्राथमिक उपचार देकर रोहतक व नारनौल के लिए रेफर कर दिया जाता है।
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वर्जन:
उप स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को पूरी सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। अस्पताल की कमियों के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया हुआ है। वहीं नया भवन मिलने के बाद सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।-एसएमओ मोनू यादव, नागरिक अस्पताल, महेंद्रगढ़।