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Mahendragarh-Narnaul News: नारनौल में तीन प्रमुख सड़कों के फोरलेन का मिली मंजूरी
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फोटो नंबर-21नारनौल का वह मार्ग जिसे मिली फोरलेन की मंजूरी। संवाद
नारनौल। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नारनौल के तीन प्रमुख मार्ग को फोरलेन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जो 23 किमी है। इससे शहर की कनेक्टिंग सड़कों पर यातायात आसान होगा और सड़क हादसों में भी कमी आने की उम्मीद है।
एनएच-11 के बनने के बाद नारनौल शहर में आने-जाने वाले वाहनों की संख्या लगातार बढ़ी है। सबसे ज्यादा दबाव रेवाड़ी-सिंघाना रोड पर देखने को मिलता है। करीब 13 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को फोरलेन करने की योजना है।
लंबे समय से स्थानीय लोग इस सड़क को चौड़ा करने की मांग कर रहे थे। सड़क के कुछ हिस्सों में सीमेंटेड टाइल भी लगाई गई हैं लेकिन फोरलेन का काम पूरा नहीं हो सका था।
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इस परियोजना के लिए वन विभाग की करीब 14 एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई है। ग्रीन बेल्ट की जमीन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
इसके अलावा रेवाड़ी फाटक टी-पॉइंट से कनीना तक करीब 10 किलोमीटर सड़क को भी फोरलेन किया जाएगा। इस मार्ग पर लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव को देखते हुए इसे जरूरी माना गया है।
निजामपुर की ओर जाने वाली सड़क को भी फोरलेन के रूप में विकसित करने की योजना है। पीडब्ल्यूडी विभाग ने इसके लिए करीब 16 करोड़ रुपये का अनुमान तैयार किया है।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से नारनौल शहर के साथ-साथ सिंघाना, निजामपुर, कनीना और आसपास के गांवों के लोगों को भी बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
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एनएच-11 के बनने के बाद नारनौल शहर में आने-जाने वाले वाहनों की संख्या लगातार बढ़ी है। सबसे ज्यादा दबाव रेवाड़ी-सिंघाना रोड पर देखने को मिलता है। करीब 13 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को फोरलेन करने की योजना है।
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लंबे समय से स्थानीय लोग इस सड़क को चौड़ा करने की मांग कर रहे थे। सड़क के कुछ हिस्सों में सीमेंटेड टाइल भी लगाई गई हैं लेकिन फोरलेन का काम पूरा नहीं हो सका था।
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इस परियोजना के लिए वन विभाग की करीब 14 एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई है। ग्रीन बेल्ट की जमीन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
इसके अलावा रेवाड़ी फाटक टी-पॉइंट से कनीना तक करीब 10 किलोमीटर सड़क को भी फोरलेन किया जाएगा। इस मार्ग पर लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव को देखते हुए इसे जरूरी माना गया है।
निजामपुर की ओर जाने वाली सड़क को भी फोरलेन के रूप में विकसित करने की योजना है। पीडब्ल्यूडी विभाग ने इसके लिए करीब 16 करोड़ रुपये का अनुमान तैयार किया है।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से नारनौल शहर के साथ-साथ सिंघाना, निजामपुर, कनीना और आसपास के गांवों के लोगों को भी बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।