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माता-पिता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म : प्रशांत

Thu, 30 Jan 2025 12:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Thu, 30 Jan 2025 12:29 AM IST
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Service to parents is the biggest religion: Prashant
गोमला के बाबा भीष्म दास मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा शुरू
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फोटो संख्या: 65
संवाद न्यूज एजेंसी
कनीना। बुधवार को गांव गोमला के बाबा भीष्म दास मंदिर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। श्रीमद्भागवत कथा से पहले हवन का आयोजन किया गया।

भागवत कथा का वाचन आचार्य प्रशांत अवस्थी ने किया। मंदिर के पुजारी बाबा बृज दास ने बताया कि भागवत कथा का समापन चार फरवरी को किया जाएगा। कथावाचक आचार्य प्रशांत अवस्थी ने भक्ति ज्ञान वैराग्य गोकर्ण धुंधकारी उपाख्यान की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। मनुष्य को किसी की पूजा करने की कोई आवश्यकता नहीं है जब तक उसके माता-पिता संसार में जीवित हैं। माता-पिता की सेवा से बढ़ते कोई भी धर्म नहीं हुआ करता। संसार में माता-पिता सबसे बड़े भगवान हैं और यदि मनुष्य उनकी सेवा कर लेता है तो उसे फिर किसी और की सेवा करने की कोई आवश्यकता नहीं है। जिसने अपने मां बाप की जीते जी सेवा नही की तो उस जीव का जीवन व्यर्थ है। उसके बाद राजा परीक्षित का जन्म राजा परीक्षित को श्रृंगी ऋषि का श्राप, गंगा तट पर जाना, शुकदेव का आंगन, राजा परीक्षित की कथा, कपिल भगवान का जन्म एवं सती चरित की कथा सुनाई।
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