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कड़ाके की ठंड में मुसाफिरों को नहीं सोना पड़ेगा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और फुटपाथ पर
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नगर पालिका में स्थित रैन बसेरा का निरीक्षण करते हुए एसडीएम विश्राम कुमार मीणा व नपा सचिव नवल किश?
- फोटो : Narnol
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मुसाफिरों को कड़ाके की ठंड में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं फुटपाथ पर नहीं सोना पड़ेगा। नगरपालिका ने अपने कार्यालय के ऊपर रैन बसेरे की व्यवस्था कर दी है। बुधवार को एसडीएम विश्राम कुमार मीणा ने रैन बसेरे का दौरा किया। इस दौरान वहां पर मात्र चार बेड ही बिछाए गए थे।
एसडीएम ने नपा अधिकारियों को कहा कि कोई भी मुसाफिर इतनी ठंड में खुले आसमान के नीचे सोता हुआ नहीं मिलना चाहिए। हर मुसाफिर को रैन बसेरे की व्यवस्था करवाई जाए। इसके लिए पालिका को बिस्तरों की संख्या बढ़ानी पड़े तो वो भी बढ़ा लें। एसडीएम ने रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड पर भी फ्लेक्स लगाने के आदेश दिए। एसडीएम के नपा में आने की सूचना मिलने सुबह ही मिल गई थी, जिससे सुबह ही सारी व्यवस्था करवा दी थी। अमर उजाला ने 22 और 23 दिसंबर को प्रकाशित किए समाचार में बताया था कि रैन बसेरे में क्या व्यवस्था है और लोग रात को रेलवे स्टेशन पर खुले में सोने को मजबूर हैं। इसके बाद एसडीएम विश्राम कुमार मीणा ने बुधवार को नपा कार्यालय स्थित रैन बसेरे का निरीक्षण किया।
बता दें कि रैन बसेरे की कमी के कारण मुसाफिरों को खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ रही थी। अमर उजाला टीम ने रात 10 से 11 बजे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन तथा नगरपालिका कार्यालय के ऊपर रैन बसेरे की लाइव कवरेज की थी। इस दौरान बहुत से मुसाफिर रेलवे स्टेशन पर सोते हुए मिले थे। पालिका के रैन बसेरे की स्थिति कबाड़ जैसी हो रखी थी।
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मुसाफिरों का आज बांटेंगे कंबल
एसडीएम विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि बुधवार को रैन बसेरे का निरीक्षण किया था। रैन बसेरे में चार बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। क्षमता के अनुसार बिस्तरों की संख्या बढ़वा दी जाएगी। रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड पर भी फ्लेक्स बोर्ड लगवा दिए हैं। कोई भी मुसाफिर खुले में नहीं सोएगा, इसके लिए नपा अधिकारियों को आदेश दे दिए गए हैं। वीरवार को नपा की टीम मुसाफिरों को कंबल भी वितरित करेगी।
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एसडीएम ने नपा अधिकारियों को कहा कि कोई भी मुसाफिर इतनी ठंड में खुले आसमान के नीचे सोता हुआ नहीं मिलना चाहिए। हर मुसाफिर को रैन बसेरे की व्यवस्था करवाई जाए। इसके लिए पालिका को बिस्तरों की संख्या बढ़ानी पड़े तो वो भी बढ़ा लें। एसडीएम ने रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड पर भी फ्लेक्स लगाने के आदेश दिए। एसडीएम के नपा में आने की सूचना मिलने सुबह ही मिल गई थी, जिससे सुबह ही सारी व्यवस्था करवा दी थी। अमर उजाला ने 22 और 23 दिसंबर को प्रकाशित किए समाचार में बताया था कि रैन बसेरे में क्या व्यवस्था है और लोग रात को रेलवे स्टेशन पर खुले में सोने को मजबूर हैं। इसके बाद एसडीएम विश्राम कुमार मीणा ने बुधवार को नपा कार्यालय स्थित रैन बसेरे का निरीक्षण किया।
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बता दें कि रैन बसेरे की कमी के कारण मुसाफिरों को खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ रही थी। अमर उजाला टीम ने रात 10 से 11 बजे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन तथा नगरपालिका कार्यालय के ऊपर रैन बसेरे की लाइव कवरेज की थी। इस दौरान बहुत से मुसाफिर रेलवे स्टेशन पर सोते हुए मिले थे। पालिका के रैन बसेरे की स्थिति कबाड़ जैसी हो रखी थी।
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मुसाफिरों का आज बांटेंगे कंबल
एसडीएम विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि बुधवार को रैन बसेरे का निरीक्षण किया था। रैन बसेरे में चार बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। क्षमता के अनुसार बिस्तरों की संख्या बढ़वा दी जाएगी। रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड पर भी फ्लेक्स बोर्ड लगवा दिए हैं। कोई भी मुसाफिर खुले में नहीं सोएगा, इसके लिए नपा अधिकारियों को आदेश दे दिए गए हैं। वीरवार को नपा की टीम मुसाफिरों को कंबल भी वितरित करेगी।