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तीन माह बाद खुले स्कूल, 40 प्रतिशत रही उपस्थिति
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नारनौल। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बंद पड़े स्कूल तीन महीने बाद शुक्रवार से बच्चों के लिए खुल गए। पहले दिन 9वीं कक्षा से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी पहुुंचे। बच्चे स्कूल पहुंचने पर काफी खुश नजर आए। पहले दिन स्कूलों में लगभग 40 प्रतिशत उपस्थिति रही। कुछ अभिभावक अभी भी बच्चों को स्कूल भेजने में कतरा रहे हैं।
कोविड-19 को देखते हुए सरकार की गाइडलाइन के अनुसार जिले के स्कूल इंचार्जों ने सभी तैयारियां पूरी कर रखी थी। पहले दिन 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों की 40 से 50 प्रतिशत ही उपस्थिति रही। स्कूल संचालकों के अनुसार धीरे-धीरे स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़नी शुरू होगी। स्कूल में प्रवेश करने से पहले बच्चों का मास्क जांचने, तापमान व सैनिटाइजर करने बाद ही कक्षा में प्रवेश करने दिया। बच्चे भी अपने साथ सैनिटाइजर लेकर पहुंचे थे। वहीं कमरों में एक बेंच पर एक ही बच्चा बैठाया गया। हालांकि सरकार ने तीन घंटे कक्षाएं लगाने के निर्देश दिए हुए थे, लेकिन निजी स्कूल संचालकों ने सुबह 8 बजे से दोपहर दो बजे तक कक्षाएं लगाई। जबकि सरकारी स्कूलों में तीन घंटे ही कक्षाएं लग पाई। छुट्टी होने के बाद सभी कमरों को सैनिटाइज किया गया।
बता दें कि कोरोना संक्रमण के कारण पिछले साल 2020 में पूरे 6 महीने स्कूल बंद थे। अब 2021 में 14 अप्रैल से प्रदेश में स्कूल बंद चल रहे थे। महामारी के केस घटने पर अब सरकार ने कोविड प्रोटोकॉल के तहत स्कूल खोलने की मंजूरी दी है। 23 जुलाई से कक्षा छठी से 8वीं तक के स्कूल खोले जाएंगे।
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शिक्षा विभाग रहा सतर्क
सरकार की गाइडलाइन के अनुसार शुक्रवार को स्कूल खुलने पर शिक्षा विभाग भी सतर्क रहा। जिला शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त ने स्कूलों का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि पहले दिन स्कूलों से 40 से 50 प्रतिशत की उपस्थिति दर्ज की गई है। सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार स्कूल संचालकों ने मास्क, सैनिटाइजर व सोशल डिस्टेंस की उचित व्यवस्था की थी। अगर कहीं पर भी कोई गड़बड़ी मिली तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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कोविड-19 को देखते हुए सरकार की गाइडलाइन के अनुसार जिले के स्कूल इंचार्जों ने सभी तैयारियां पूरी कर रखी थी। पहले दिन 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों की 40 से 50 प्रतिशत ही उपस्थिति रही। स्कूल संचालकों के अनुसार धीरे-धीरे स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़नी शुरू होगी। स्कूल में प्रवेश करने से पहले बच्चों का मास्क जांचने, तापमान व सैनिटाइजर करने बाद ही कक्षा में प्रवेश करने दिया। बच्चे भी अपने साथ सैनिटाइजर लेकर पहुंचे थे। वहीं कमरों में एक बेंच पर एक ही बच्चा बैठाया गया। हालांकि सरकार ने तीन घंटे कक्षाएं लगाने के निर्देश दिए हुए थे, लेकिन निजी स्कूल संचालकों ने सुबह 8 बजे से दोपहर दो बजे तक कक्षाएं लगाई। जबकि सरकारी स्कूलों में तीन घंटे ही कक्षाएं लग पाई। छुट्टी होने के बाद सभी कमरों को सैनिटाइज किया गया।
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बता दें कि कोरोना संक्रमण के कारण पिछले साल 2020 में पूरे 6 महीने स्कूल बंद थे। अब 2021 में 14 अप्रैल से प्रदेश में स्कूल बंद चल रहे थे। महामारी के केस घटने पर अब सरकार ने कोविड प्रोटोकॉल के तहत स्कूल खोलने की मंजूरी दी है। 23 जुलाई से कक्षा छठी से 8वीं तक के स्कूल खोले जाएंगे।
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शिक्षा विभाग रहा सतर्क
सरकार की गाइडलाइन के अनुसार शुक्रवार को स्कूल खुलने पर शिक्षा विभाग भी सतर्क रहा। जिला शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त ने स्कूलों का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि पहले दिन स्कूलों से 40 से 50 प्रतिशत की उपस्थिति दर्ज की गई है। सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार स्कूल संचालकों ने मास्क, सैनिटाइजर व सोशल डिस्टेंस की उचित व्यवस्था की थी। अगर कहीं पर भी कोई गड़बड़ी मिली तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।