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Mahendragarh-Narnaul News: सावन आज से शुरू, भोले की भक्ति से गूंजेंगे शिवालय

Thu, 30 Jul 2026 01:50 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2026 01:50 AM IST
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Sawan begins today; Shiva temples will resonate with devotion to Bhole.
फोटो संख्या:66- महेंद्रगढ़ के ​शिव  मंदिर में सफाई करते पुजारी रमेश --संवाद
महेंद्रगढ़। भगवान शिव की आराधना का पवित्र सावन मास गुरुवार से शुरू हो रहा है। सावन के आगमन को लेकर जिलेभर के शिव मंदिरों में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मंदिरों की साफ-सफाई, रंग-रोगन, विद्युत सजावट और विशेष पूजा कार्यक्रमों की व्यवस्था की जा रही है।
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कांवड़ यात्रा को देखते हुए सामाजिक, धार्मिक और सेवा संस्थाओं ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिले में कांवड़ियों की सेवा के लिए 350 से अधिक शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, भोजन, प्राथमिक उपचार और आराम की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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मोदाश्रम मंदिर के प्रधान सुधीर दीवान और पुजारी समर कुमार ने बताया कि सावन महीने में हर सोमवार को बाबा चंद्रमौली का विशेष शृंगार किया जाएगा। अंतिम सोमवार को बाबा चंद्रमौली की पालकी यात्रा निकाली जाएगी।
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महेंद्रगढ़ से बड़ी संख्या में युवा डाक कांवड़, झूला कांवड़ और अन्य कांवड़ लेकर पहुंचते हैं। शिवरात्रि पर श्रद्धालु कांवड़ चढ़ाएंगे। मंदिर में सुबह से शाम तक जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन होगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित राहुल भारद्वाज ने बताया कि सावन मास 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा। इस दौरान भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु जल, दूध, दही, घी, शहद और पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा, भांग और पुष्प अर्पित करते हैं। शिव पंचाक्षरी मंत्र, शिव चालीसा और स्तोत्रों का पाठ भी शुभ माना जाता है।

उन्होंने बताया कि जिन लोगों के आसपास शिव मंदिर नहीं है, वे मिट्टी के पार्थिव शिवलिंग बनाकर भी पूजा कर सकते हैं। पूजा के दौरान शिवलिंग पर हल्दी, रोली, सिंदूर और तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए। चंदन और भस्म से तिलक करना शुभ माना जाता है। वहीं साबुत चावल अर्पित करने की परंपरा है।
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