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Mahendragarh-Narnaul News: नहरी पानी की कटौती पर सरपंचों ने जताया रोष
Sat, 24 Feb 2024 12:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 24 Feb 2024 12:38 AM IST
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पाथेड़ा पंप हाउस पर जायजा लेते निगरानी समिति सदस्य संदीप मालड़ा व सरपंच। स्रोत: स्वयं
महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ क्षेत्र को उसके हक का पानी देने व नहरों की सफाई सहित विभिन्न मांगों को लेकर कई गांवों के सरपंचों व पंचायत सदस्यों ने लोक निर्माण विभाग कार्यालय में बैठक की। बैठक में विकास एवं निगरानी समिति सदस्य संदीप मालड़ा व पंचायत समिति उप प्रधान प्रतिनिधि रणधीर सिंह उपस्थित रहे। सरपंचों ने क्षेत्र में नहरी पानी की कटौती पर रोष जताया।
विकास एवं निगरानी समिति सदस्य संदीप मालड़ा ने बताया कि नहरी पानी की आपूर्ति करने में जिम्मेदारों की ओर से भी लापरवाही बरती जा रही है। गांव भगड़ाना, पाली होते हुए खेड़की, गडानिया तक पानी पहुंचाने वाली बड़ी नहर पाथेड़ा स्थित पंप हाउस नंबर-5 से निकलती है। इस पंप हाउस पर महेंद्रगढ़ डिस्ट्रीब्यूटरी में 175 क्यूसिक पानी छोड़ा जाना चाहिए। पहला पंप हाउस जोकि कुराहवटा में स्थित है, वहां पर कम से कम 150 क्यूसेक पानी पहुंचना चाहिए, लेकिन वर्तमान समय में कुराहवटा पंप हाउस पर कभी भी 80-90 क्यूसिक से ज्यादा नहीं चल पाया है।
सरपंचों ने सामूहिक रूप से कहा कि जब निंभेड़ा माइनर प्रेशराइजड पाइपलाइन को चलाना होता है तो विभाग आगे और पीछे की सभी छोटी नहर एवं जोहड़ों की पाइपलाइन बंद कर देता है। जब पंप हाउस नंबर 4, 5 और 6 चलाना होता है तो पंप हाउस नंबर 4 से पीछे की सभी छोटी नहरें तथा निंभेड़ा माइनर बंद कर दी जाती है। ये बड़ी नहर है, जिसमें पूरे 16 दिन पानी चलता है। यदि पाथेड़ा पंप हाउस से भगड़ाना, पाली बड़ी नहर में हिस्से का पूरा 175 क्यूसेक छोड़ा जाए तो इससे जुड़ी सभी छोटी नहरों व जोहड़ की पाइपलाइन तथा निंभेड़ा प्रेशराइजड पाइपलाइन को भी लगातार चलाया जा सकता है।
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सरपंचों एवं पंचायत सदस्यों ने कहा कि पाथेड़ा पंप हाउस पर महेंद्रगढ़ बड़ी नहर का अलग से पंप हाउस बनाया जाए तथा नहर जहां से शुरू होती वहां जरूरत के हिसाब से चौड़ाई हो। पाथेड़ा पंप हाउस से लेकर कुराहवटा तक लगभग तीन-तीन फिट गाद जमा है, जिसकी पिछले 6 माह से सफाई नहीं की गई है। सरपंचों ने कहा कि सिंचाई विभाग के स्थानीय अधिकारी दफ्तरों से बाहर नहीं निकलते तथा गांवों में किसी का भी आना-जाना नहीं होता।
महेंद्रगढ़ पंचायत समिति के वाइस चेयरमैन प्रतिनिधि रणधीर सिंह ने कहा कि वे सरपंचों के साथ खड़े हैं तथा इस विषय पर सभी पंचायत समिति सदस्य भी पूरा सहयोग देंगे। सरपंचों ने कहा कि जल्द ही इस विषय पर तीन दर्जन गांवों के सरपंच महापंचायत कर आगे की कार्रवाई पर फैसला लेंगे। अगर उनके हिस्से का पानी नहीं दिया गया और उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो पाथेड़ा पंप हाउस के साथ-साथ सिंचाई विभाग के अधिकारियों के कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उनकी मुख्य मांगें पाथेड़ा पंप हाउस पर महेंद्रगढ़ बड़ी नहर का अलग से पंप हाउस बनाकर हिस्से का 175 क्यूसिक पानी दिया जाए। पाथेड़ा पंप हाउस से लेकर कुरहावटा पंप हाउस तक 12 किलोमीटर नहर की सफाई कराई जाए, जिससे सभी नहरों एवं जोहड़ों में पानी पहुंच सके।
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विकास एवं निगरानी समिति सदस्य संदीप मालड़ा ने बताया कि नहरी पानी की आपूर्ति करने में जिम्मेदारों की ओर से भी लापरवाही बरती जा रही है। गांव भगड़ाना, पाली होते हुए खेड़की, गडानिया तक पानी पहुंचाने वाली बड़ी नहर पाथेड़ा स्थित पंप हाउस नंबर-5 से निकलती है। इस पंप हाउस पर महेंद्रगढ़ डिस्ट्रीब्यूटरी में 175 क्यूसिक पानी छोड़ा जाना चाहिए। पहला पंप हाउस जोकि कुराहवटा में स्थित है, वहां पर कम से कम 150 क्यूसेक पानी पहुंचना चाहिए, लेकिन वर्तमान समय में कुराहवटा पंप हाउस पर कभी भी 80-90 क्यूसिक से ज्यादा नहीं चल पाया है।
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सरपंचों ने सामूहिक रूप से कहा कि जब निंभेड़ा माइनर प्रेशराइजड पाइपलाइन को चलाना होता है तो विभाग आगे और पीछे की सभी छोटी नहर एवं जोहड़ों की पाइपलाइन बंद कर देता है। जब पंप हाउस नंबर 4, 5 और 6 चलाना होता है तो पंप हाउस नंबर 4 से पीछे की सभी छोटी नहरें तथा निंभेड़ा माइनर बंद कर दी जाती है। ये बड़ी नहर है, जिसमें पूरे 16 दिन पानी चलता है। यदि पाथेड़ा पंप हाउस से भगड़ाना, पाली बड़ी नहर में हिस्से का पूरा 175 क्यूसेक छोड़ा जाए तो इससे जुड़ी सभी छोटी नहरों व जोहड़ की पाइपलाइन तथा निंभेड़ा प्रेशराइजड पाइपलाइन को भी लगातार चलाया जा सकता है।
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सरपंचों एवं पंचायत सदस्यों ने कहा कि पाथेड़ा पंप हाउस पर महेंद्रगढ़ बड़ी नहर का अलग से पंप हाउस बनाया जाए तथा नहर जहां से शुरू होती वहां जरूरत के हिसाब से चौड़ाई हो। पाथेड़ा पंप हाउस से लेकर कुराहवटा तक लगभग तीन-तीन फिट गाद जमा है, जिसकी पिछले 6 माह से सफाई नहीं की गई है। सरपंचों ने कहा कि सिंचाई विभाग के स्थानीय अधिकारी दफ्तरों से बाहर नहीं निकलते तथा गांवों में किसी का भी आना-जाना नहीं होता।
महेंद्रगढ़ पंचायत समिति के वाइस चेयरमैन प्रतिनिधि रणधीर सिंह ने कहा कि वे सरपंचों के साथ खड़े हैं तथा इस विषय पर सभी पंचायत समिति सदस्य भी पूरा सहयोग देंगे। सरपंचों ने कहा कि जल्द ही इस विषय पर तीन दर्जन गांवों के सरपंच महापंचायत कर आगे की कार्रवाई पर फैसला लेंगे। अगर उनके हिस्से का पानी नहीं दिया गया और उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो पाथेड़ा पंप हाउस के साथ-साथ सिंचाई विभाग के अधिकारियों के कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उनकी मुख्य मांगें पाथेड़ा पंप हाउस पर महेंद्रगढ़ बड़ी नहर का अलग से पंप हाउस बनाकर हिस्से का 175 क्यूसिक पानी दिया जाए। पाथेड़ा पंप हाउस से लेकर कुरहावटा पंप हाउस तक 12 किलोमीटर नहर की सफाई कराई जाए, जिससे सभी नहरों एवं जोहड़ों में पानी पहुंच सके।