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Mahendragarh-Narnaul News: रोटरी रसोई बनी सहारा, कैंटीन बंद होने से बढ़ी मजदूरों की निर्भरता
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फोटो नंबर- 10मनीष
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नारनौल। गैस सिलिंडर संकट के चलते पुरानी अनाज मंडी की कैंटीन बंद होने के बाद अब महावीर चौक स्थित रोटरी रसोई मजदूरों के लिए सहारा बन गई है। पहले जहां रोजाना 150 मजदूर कैंटीन में मात्र 10 रुपये में भोजन करते थे। वहीं अब उन्हें 2 किलोमीटर दूर रोटरी रसोई पर आते हैं।
रोटरी रसोई के प्रधान राजकुमार चौधरी ने बताया कि यहां पहले 250 से 300 लोग भोजन करते थे लेकिन अब 50 से 60 अतिरिक्त मजदूर रोज पहुंच रहे हैं। 2019 में शुरू हुई इस रसोई का उद्देश्य जरूरतमंदों को सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना था। मौजूदा हालात में यह रसोई सैकड़ों लोगों के लिए राहत का प्रमुख केंद्र बन चुकी है।
प्रधान ने बताया कि इस रसोई पर डीसी, एसपी, मंत्री, विधायक से लेकर व्यापारी व कई प्रबुद्ध जन आकर लोगों को खाना खिलाकर अपनी सेवा दे चुके हैं। साथ ही यहां पर बने सात्विक भोजन का आनंद उठा चुके हैं और समय समय पर उठाते रहते हैं।
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रोटरी रसोई में मिलता है यह खाना
सोमवार को दाल, चावल, रोटी, सलाद व मीठा, मंगलवार को आलू चना, रोटी, चावल, सलाद व मीठा, बुधवार को कढ़ी, चावल, रोटी, सलाद व मीठा, वीरवार को मटर पनीर आलू मिक्स, पूरी, चावल व मीठा, शुक्रवार को दाल, चावल, रोटी, सलाद व मीठा, शनिवार को आलू राजमा मिक्स, चावन, रोटी, सलाद व मीठा और रविवार को अन्नकूट बनाया जाता है।
बॉक्स:
पुरानी अनाज मंडी वाली कैंटीन बंद हो जाने से अब रोटरी रसोई में जाकर अपनी पेट की भूख मिटानी पड़ रही है।-दीनाराम, गांव टीबा बसई
बॉक्स:
यहां कैंटीन थी तो काफी आराम था और खाना भी अच्छा था, अब 2 किलोमीटर दूर जाकर भोजन करना पड़ रहा है।-मनीष, गांव जिलो
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रोटरी रसोई के प्रधान राजकुमार चौधरी ने बताया कि यहां पहले 250 से 300 लोग भोजन करते थे लेकिन अब 50 से 60 अतिरिक्त मजदूर रोज पहुंच रहे हैं। 2019 में शुरू हुई इस रसोई का उद्देश्य जरूरतमंदों को सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना था। मौजूदा हालात में यह रसोई सैकड़ों लोगों के लिए राहत का प्रमुख केंद्र बन चुकी है।
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प्रधान ने बताया कि इस रसोई पर डीसी, एसपी, मंत्री, विधायक से लेकर व्यापारी व कई प्रबुद्ध जन आकर लोगों को खाना खिलाकर अपनी सेवा दे चुके हैं। साथ ही यहां पर बने सात्विक भोजन का आनंद उठा चुके हैं और समय समय पर उठाते रहते हैं।
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रोटरी रसोई में मिलता है यह खाना
सोमवार को दाल, चावल, रोटी, सलाद व मीठा, मंगलवार को आलू चना, रोटी, चावल, सलाद व मीठा, बुधवार को कढ़ी, चावल, रोटी, सलाद व मीठा, वीरवार को मटर पनीर आलू मिक्स, पूरी, चावल व मीठा, शुक्रवार को दाल, चावल, रोटी, सलाद व मीठा, शनिवार को आलू राजमा मिक्स, चावन, रोटी, सलाद व मीठा और रविवार को अन्नकूट बनाया जाता है।
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पुरानी अनाज मंडी वाली कैंटीन बंद हो जाने से अब रोटरी रसोई में जाकर अपनी पेट की भूख मिटानी पड़ रही है।-दीनाराम, गांव टीबा बसई
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यहां कैंटीन थी तो काफी आराम था और खाना भी अच्छा था, अब 2 किलोमीटर दूर जाकर भोजन करना पड़ रहा है।-मनीष, गांव जिलो