रोडवेज बस में बंधक बने यात्री, नहीं मिला चोर
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महेंद्रगढ़। बस स्टैंड से दादरी के लिए मंगलवार को रवाना हुई एक बस में कुछ ऐसा घटित हुआ कि यात्रियों को एक घंटा बंधक की तरह बिताना पड़ा। यात्रियों को बंधक की तरह रहने को मजबूर किसी शरारती तत्व ने नहीं बल्कि पुलिस ने किया। हुआ यूं कि 2 बजकर 20 मिनट पर हरियाणा रोडवेज की एक बस महेंद्रगढ़ बस स्टैंड से दादरी के लिए रवाना हुई। बस अभी महज तुलाराम चौक को ही क्रॉस कर पाई थी कि एक महिला ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया कि उसके बैग से किसी ने पैसे चुरा लिए। इस पर रोडवेज के ड्राइवर ने बस को साइड में खड़ी कर पुलिस बुला ली। पुलिस मौके पर पहुंची और सभी यात्रियों को वहीं रोक लिया गया। पुलिस ने महिला की शिकायत पर बस में जांच पड़ताल की। पुलिस ने यह जांच प्रक्रिया करीब एक घंटे तक जारी रखी। इस दौरान किसी को भी बस से उतरने की इजाजत नहीं थी, फिर चाहे उसकी तलाशी पहले ली जा चुकी हो। बस में घटित इस वाक्ये के कारण करीब 50 यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
यात्रियों को जुबानी घटना बस में सवार दादरी निवासी सुरेश ने बताया कि बस को पुलिस ने करीब एक घंटे तक रोके रखा। यात्रियों के साथ पुलिस का जो व्यवहार था, वो सही नहीं था। पुलिस हर एक यात्री को चोर की निगाह से देख रही थी। पुलिस की छानबीन तो मात्र 20 मिनट में निपट चुकी थी लेकिन पुलिस ने बस को करीब एक घंटे तक बेवजह रोके रखा।
क्या है पीड़ित महिला की शिकायत गांव जावा निवासी पीड़िता गीता के अनुसार वह बैंक से 23 हजार रुपये निकलवा कर लाई थी। बस स्टैंड पर भीड़ होने की वजह से उन्होंने अपना बैग किसी महिला को पकड़ाया था। जब उसने बस में बैठकर अपना बैग संभाला तो उसमें उसे 23 हजार रुपये और बैंक की पास बुक गायब थी। इस पर उसने शोर मचाया था।
तलाशी के लिए महिला पुलिस की दिखी कमी वैसे तो जिले भर में पुलिसकर्मियों की भारी कमी है लेकिन महेंद्रगढ़ थाने में तो महिला पुलिसकर्मियों की संख्या न के बराबर है। महिला पुलिसकर्मियों की कमी मंगलवार को हुए घटनाक्रम के दौरान भारी खली। बस में यात्रियों की तलाशी लेनी थी तो काफी संख्या में महिला यात्री भी बस में सवार थे। उनकी तलाशी के लिए कोई भी महिला पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंची। महिलाओं की तलाशी के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई।
वर्जन मामले के बारे में सिटी चौकी इंचार्ज का कहना है कि सूचना मिलने पर वे मौके पर गए थे। महिला कांस्टेबल नहीं होने के कारण कालेज की लड़कियों से बस में मौजूद महिलाओं की तलाशी कराई गई। पीड़ित महिला की ओर से अभी तक लिखित शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है।