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मच्छरजनित बीमारियों पर लगाम लगाने को विभागों को सौंपी जिम्मेदारी
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नारनौल। जिले में मच्छर जनित बीमारियों का खात्मा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ हर विभाग की सहभागिता जरूरी है। इसके प्रकोप से बचने के लिए सप्ताह में ड्राई डे मनाएं ताकि पानी में मच्छर न पनपें। यह बातें मुख्य कार्यकारी अधिकारी तरूण कुमार पांवरिया ने बैठक में कहीं। उन्होंने जिला स्तरीय मलेरिया व डेंगू समिति के साथ लघु सचिवालय में शुक्रवार को बैठक की।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि इसमें स्कूल व कालेजों की बड़ी भूमिका है। ऐसे में स्कूलों में प्रार्थना के दौरान बच्चों को अपने आसपास हर सप्ताह इस तरह का अभियान चलाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि लक्षण दिखने पर तुरंत जांच व इलाज कराएं। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्कूल, कॉलेजों में छात्रों को हर सप्ताह खाली बर्तन, गमले व टायर तथा कूलर आदि का पानी खाली करने को कहें।
इसके बाद उन्होंने पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ग्राम सचिवों व युवाओं तथा सेवानिवृत्त लोगों को जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में हर सप्ताह इस तरह का अभियान चलवाएं। इसी प्रकार शहरी स्थानीय निकाय भी बेहतर तरीके से वेस्ट प्रबंधन करें। पंचायत विभाग तथा नगर परिषद व नगर पालिकाएं अपनी जरूरत के अनुसार फोगिंग मशीन भी खरीदें। उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग को सीवरेज सिस्टम दुरुस्त करने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि वे अपने सभी पंप हाउस तथा कार्यालयों में मच्छर पनपने वाली जगह पर सफाई रखें। मछली पालन विभाग के अधिकारियों को कहा कि वे स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर योजनाएं बनाएं और जहां भी जोहड़ आदि में लार्वा पनपने की संभावना लगे वहां पर गंबूजिलया मछली छोड़ी जाएं। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय बिश्रोई, डॉ. नरेंद्र व बायोलॉजिस्ट परमानंद के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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- इस बार अब तक डेंगू के 12 मामले, सावधान होने की जरूरत
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि अब तक 12 डेंगू के मामले आ चुके हैं। इस बार डेंगू से अधिक सावधान रहने की जरूरत है। इस बार बारिश भी अच्छी हुई है। ऐसे में लोगों को बहुत अधिक सावधानी बरतनी होगी तथा अपने घरों में गमले, कूलर व खाली बर्तन व सामान में पानी एकत्रित न होने दें।
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मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि इसमें स्कूल व कालेजों की बड़ी भूमिका है। ऐसे में स्कूलों में प्रार्थना के दौरान बच्चों को अपने आसपास हर सप्ताह इस तरह का अभियान चलाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि लक्षण दिखने पर तुरंत जांच व इलाज कराएं। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्कूल, कॉलेजों में छात्रों को हर सप्ताह खाली बर्तन, गमले व टायर तथा कूलर आदि का पानी खाली करने को कहें।
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इसके बाद उन्होंने पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ग्राम सचिवों व युवाओं तथा सेवानिवृत्त लोगों को जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में हर सप्ताह इस तरह का अभियान चलवाएं। इसी प्रकार शहरी स्थानीय निकाय भी बेहतर तरीके से वेस्ट प्रबंधन करें। पंचायत विभाग तथा नगर परिषद व नगर पालिकाएं अपनी जरूरत के अनुसार फोगिंग मशीन भी खरीदें। उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग को सीवरेज सिस्टम दुरुस्त करने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि वे अपने सभी पंप हाउस तथा कार्यालयों में मच्छर पनपने वाली जगह पर सफाई रखें। मछली पालन विभाग के अधिकारियों को कहा कि वे स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर योजनाएं बनाएं और जहां भी जोहड़ आदि में लार्वा पनपने की संभावना लगे वहां पर गंबूजिलया मछली छोड़ी जाएं। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय बिश्रोई, डॉ. नरेंद्र व बायोलॉजिस्ट परमानंद के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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- इस बार अब तक डेंगू के 12 मामले, सावधान होने की जरूरत
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि अब तक 12 डेंगू के मामले आ चुके हैं। इस बार डेंगू से अधिक सावधान रहने की जरूरत है। इस बार बारिश भी अच्छी हुई है। ऐसे में लोगों को बहुत अधिक सावधानी बरतनी होगी तथा अपने घरों में गमले, कूलर व खाली बर्तन व सामान में पानी एकत्रित न होने दें।