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Mahendragarh-Narnaul News: रामबास का सार्वजनिक पुस्तकालय बना शिक्षा का प्रमुख केंद्र
Mon, 22 Sep 2025 12:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 22 Sep 2025 12:35 AM IST
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फोटो संख्या:62-गांव रामबास में स्थापित श्री कृष्ण सार्वजनिक पुस्तकालय में चर्चा करते विद्यार्थी
कनीना। गांव रामबास में स्थापित श्रीकृष्ण सार्वजनिक पुस्तकालय अब पूरी तरह संचालित हो रहा है। इंटरनेट से जुड़ी डिजिटल सुविधाओं के साथ यह पुस्तकालय प्रतिदिन सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक खुलता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के समय इसे रात्रि में भी संचालित किया जाता है। यहां प्रतिदिन लगभग 100 विद्यार्थी अध्ययन के लिए आते हैं। खास बात यह है कि ककराला, कपूरी, ढ़ाणा और इसराना के गांवों के छात्र भी यहां आते हैं। पुस्तकालय में आरओ और वाई-फाई की विशेष सुविधा उपलब्ध है।
प्रतियोगी छात्रों के लिए ग्रुप डिस्कशन, विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन सत्र और समय-समय पर संगोष्ठियों का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों में प्रो. कर्मवीर यादव के नेतृत्व में छात्रों का मार्गदर्शन होता है और प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाता है। गांव के प्रबुद्धजनों का कहना है कि इस पहल से बच्चों में पढ़ाई की आदत विकसित होगी और ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का स्तर ऊंचा होगा। श्रीकृष्ण पुस्तकालय के माध्यम से रामबास अब शिक्षा और ज्ञान की दिशा में नई पहचान बना रहा है।
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प्रतियोगी परीक्षाओं के समय इसे रात्रि में भी संचालित किया जाता है। यहां प्रतिदिन लगभग 100 विद्यार्थी अध्ययन के लिए आते हैं। खास बात यह है कि ककराला, कपूरी, ढ़ाणा और इसराना के गांवों के छात्र भी यहां आते हैं। पुस्तकालय में आरओ और वाई-फाई की विशेष सुविधा उपलब्ध है।
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प्रतियोगी छात्रों के लिए ग्रुप डिस्कशन, विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन सत्र और समय-समय पर संगोष्ठियों का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों में प्रो. कर्मवीर यादव के नेतृत्व में छात्रों का मार्गदर्शन होता है और प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाता है। गांव के प्रबुद्धजनों का कहना है कि इस पहल से बच्चों में पढ़ाई की आदत विकसित होगी और ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का स्तर ऊंचा होगा। श्रीकृष्ण पुस्तकालय के माध्यम से रामबास अब शिक्षा और ज्ञान की दिशा में नई पहचान बना रहा है।
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